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कोरोना के कारण नही आबाद हो पा रहे हैं पार्क
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कठुआ। जिले में कोरोना के दिन प्रतिदिन कम हो रहे मामलों के बाद पाबंदियों को लगातार कम किया जा रहा है। जिससे शहर के बाजारों सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर रौनक देखी जा रही है। लेकिन, गर्मी के इस मौसम में लोगों को राहत देने वाले पार्कों पर अब भी पुलिस का कड़ा पहरा बना हुआ है। इस कारण लोग इन पार्कों के आसपास भी नहीं भटक रहे।
गर्मी के दौरान आम लोगों से दिन भर गुलजार रहने वाले शहर के ड्रीमलैंड पार्क पर पुलिस ने कंटीली तारें लगाकर उसे आम लोगों के लिए अब भी बंद रखा है। हालांकि, 4 जुलाई को शासन ने आदेश जारी कर ऐसे लोगों के लिए पार्कों को खोलने की बात कही थी जिनका वैक्सीनेशन हो चुका है या फिर जिनके पास 48 घंटों के दौरान हुए कोरोना टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट होगी। लेकिन, इसके बाद भी अभी तक पार्क को खोला नहीं गया, जिससे वहां दुकान लगाकर अपनी रोजी रोटी कमाने वाले भी चिंतित हैं।
दुकानदारों के अनुसार गर्मी के मौसम में शहर का सबसे व्यस्त स्थान रहने वाले ड्रीमलैंड पार्क में वह लोग अस्थायी दुकान इस आस में रोज लगाते हैं कि शायद आज से ही यहां पुलिस की सख्ती कम हो जाए और पार्क फिर पुरानी तरह से गुलजार हो जाए। लेकिन, अब तक पार्क खुल नहीं पाया। अब तक बंद पड़े पार्क में जुलाई महीने के अंत तक ही लोगों की भीड़ रहती है। ऐसे में उनके पास अगर चार पैसे कमाने का समय है, तो यही 15 से 20 दिन ही बचे हैं।
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वहीं, पार्क की नहर में गर्मी से राहत पाने की चाह में पहुंचने वाले युवाओं की मानें तो चुकंदर फीडर से शुरू होकर शहर के हाउसिंग कॉलोनी तक जगह-जगह लोग नहर में नहाने के साथ अपने अन्य काम निपटा रहे हैं। लेकिन, ड्रीमलैंड पार्क में पाबंदी लगी हुई है। जिससे वह लोग परेशान हैं।
इस बारे में उपायुक्त राहुल यादव का कहना है कि पार्क के गेट को खोल दिया गया है। जहां तक वहां पुलिस की तैनाती और कंटीले तार लगाए जाने की बात है, तो यह इंतजाम वहां इस बात की जांच करने के लिए किए गए हैं कि वहां आने वाले व्यक्तियों का टीकाकरण हुआ है या नहीं। या फिर उनकी कोरोना की निगेटिव जांच रिपोर्ट देखी जाएगी।
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गर्मी के दौरान आम लोगों से दिन भर गुलजार रहने वाले शहर के ड्रीमलैंड पार्क पर पुलिस ने कंटीली तारें लगाकर उसे आम लोगों के लिए अब भी बंद रखा है। हालांकि, 4 जुलाई को शासन ने आदेश जारी कर ऐसे लोगों के लिए पार्कों को खोलने की बात कही थी जिनका वैक्सीनेशन हो चुका है या फिर जिनके पास 48 घंटों के दौरान हुए कोरोना टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट होगी। लेकिन, इसके बाद भी अभी तक पार्क को खोला नहीं गया, जिससे वहां दुकान लगाकर अपनी रोजी रोटी कमाने वाले भी चिंतित हैं।
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दुकानदारों के अनुसार गर्मी के मौसम में शहर का सबसे व्यस्त स्थान रहने वाले ड्रीमलैंड पार्क में वह लोग अस्थायी दुकान इस आस में रोज लगाते हैं कि शायद आज से ही यहां पुलिस की सख्ती कम हो जाए और पार्क फिर पुरानी तरह से गुलजार हो जाए। लेकिन, अब तक पार्क खुल नहीं पाया। अब तक बंद पड़े पार्क में जुलाई महीने के अंत तक ही लोगों की भीड़ रहती है। ऐसे में उनके पास अगर चार पैसे कमाने का समय है, तो यही 15 से 20 दिन ही बचे हैं।
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वहीं, पार्क की नहर में गर्मी से राहत पाने की चाह में पहुंचने वाले युवाओं की मानें तो चुकंदर फीडर से शुरू होकर शहर के हाउसिंग कॉलोनी तक जगह-जगह लोग नहर में नहाने के साथ अपने अन्य काम निपटा रहे हैं। लेकिन, ड्रीमलैंड पार्क में पाबंदी लगी हुई है। जिससे वह लोग परेशान हैं।
इस बारे में उपायुक्त राहुल यादव का कहना है कि पार्क के गेट को खोल दिया गया है। जहां तक वहां पुलिस की तैनाती और कंटीले तार लगाए जाने की बात है, तो यह इंतजाम वहां इस बात की जांच करने के लिए किए गए हैं कि वहां आने वाले व्यक्तियों का टीकाकरण हुआ है या नहीं। या फिर उनकी कोरोना की निगेटिव जांच रिपोर्ट देखी जाएगी।