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Kathua News: अब गलत पते और पिन कोड का पार्सल पर नहीं पड़ेगा असर
Fri, 08 Aug 2025 03:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Fri, 08 Aug 2025 03:00 AM IST
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- जम्मू के बाद यूनिफार्म एड्रेस सिस्टम प्रदेश के अन्य जिलों में भी होने जा रहा विस्तार
- ज्यौड़ियां के बाद जम्मू और कठुआ शहर में जल्द शुरू होगा एकीकृत डिलीवरी सिस्टम
कठुआ। आरएस पुरा के ज्यौड़ियां में सफल ट्रायल के बाद जल्द जम्मू शहर और कठुआ शहर में एक एक एकीकृत डिलीवरी सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है। डॉक विभाग की ओर से इस परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। डाक विभाग की बड़ी परियोजना डिजिटल एड्रेस सिस्टम जम्मू जिले के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी चरणबद्ध विस्तार देने को लेकर काम शुरू कर दिया है।
यह प्रणाली डाक विभाग की एक अग्रणी परियोजना है जिसमें प्रत्येक पते को एक विशेष डिजिटल एड्रेस कोड (डीएसी) दिया जाएगा। यह अल्फा-न्यूमैरिक कोड उस जगह के सटीक लोकेशन के आधार पर तय होगा जिससे डिलीवरी की विश्वसनीयता बढ़ेगी। यह गूगल लोकेशन से अधिक सटीक और संगठित प्रणाली है। अब आने वाले समय में गलत पते, अधूरा पता होने या फिर पता न मिलने पर आपकी डाक या कूरियर वापस नहीं होंगे। इससे जहां उपभोक्ता को लाभ मिलेगा वहीं कूरियर कंपनियों को अधूरे पते या गलत पते से होने वाले रिटर्न भी लगभग न के बराबर रह जाएंगे।
डाक विभाग उपभोक्ता बेस को मजबूत करने की दिशा में इस प्रणाली को लेकर काम कर रहा है। यूनिफार्म एड्रेस सिस्टम या डिजिटल एड्रेस कोड से आधार, वोटर या फिर ड्राइविंग लाइसेंस के अलग-अलग पता होने की गफलत से भी बचा जा सकेगा। एक ही कोड किसी भी जगह की सटीक लोकेशन पर आधारित होगा और वहीं डिलीवरी भी सुनिश्चित हो जाएगी।
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इस प्रक्रिया के तहत किसी भी स्थान को अल्फा न्यूमैरिक कोड जारी किया जाता है। यह कोड उस लोकेशन का स्थायी पता होगा। अपने पार्सल, कूरियर या डाक के लिए यह पता इस्तेमाल कर बिना रिटर्न दस्तावेजों से लेकर सामान हासिल किया जा सकेगा। विभाग की मानें तो इससे ई-काॅमर्स कंपनियों को होने वाले घाटे से भी बचा जा सकेगा।
इंटीग्रेटिड डिलीवरी हब से एक ही जगह पर आसपास के पिन कोड को उतारा जाएगा। यहीं से इन्हें अलग-अलग पिन कोड पर भेज दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर इन इंटीग्रेटिड डिलीवरी हब के खुलने से उपभोक्ताओं को फायदा होगा। कठुआ में अकसर लोग अपने पते को 184101 मुख्य पोस्ट कार्यालय के अधीन लिखते हैं। मगर वास्तव में यह लोकेशन शहर और आसपास के पिन कोड की भी होती रही हैं। ऐसे में इन्हें अब तक फिर जम्मू लौटाया जाता था वहां से संबंधित पिन कोड पर भेजा जाता था। कठुआ में ही इंटीग्रेटिड हब तैयार होने से एक या दो दिन का डिलीवरी में लगने वाला अतिरिक्त समय भी बच जाएगा।
.......................
गलत और अधूरे पते के अलावा उपलब्धता न होने से लौटने वाले पार्सल की अब 100 फीसदी डिलीवरी सुनिश्चित हो जाएगी। पायलेट फेज में जम्मू जिले में यह प्रक्रिया पूरी हो गई है। आने वाले समय में डिजिटल या फिर यूनिफार्म एड्रेस कोड पूरे प्रदेश के लिए हकीकत होगा जिसे लेकर डाक विभाग तेजी से काम कर रहा है।
अंकुश भगत, वरिष्ठ अधीक्षक, डाक विभाग जम्मू
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- ज्यौड़ियां के बाद जम्मू और कठुआ शहर में जल्द शुरू होगा एकीकृत डिलीवरी सिस्टम
कठुआ। आरएस पुरा के ज्यौड़ियां में सफल ट्रायल के बाद जल्द जम्मू शहर और कठुआ शहर में एक एक एकीकृत डिलीवरी सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है। डॉक विभाग की ओर से इस परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। डाक विभाग की बड़ी परियोजना डिजिटल एड्रेस सिस्टम जम्मू जिले के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी चरणबद्ध विस्तार देने को लेकर काम शुरू कर दिया है।
यह प्रणाली डाक विभाग की एक अग्रणी परियोजना है जिसमें प्रत्येक पते को एक विशेष डिजिटल एड्रेस कोड (डीएसी) दिया जाएगा। यह अल्फा-न्यूमैरिक कोड उस जगह के सटीक लोकेशन के आधार पर तय होगा जिससे डिलीवरी की विश्वसनीयता बढ़ेगी। यह गूगल लोकेशन से अधिक सटीक और संगठित प्रणाली है। अब आने वाले समय में गलत पते, अधूरा पता होने या फिर पता न मिलने पर आपकी डाक या कूरियर वापस नहीं होंगे। इससे जहां उपभोक्ता को लाभ मिलेगा वहीं कूरियर कंपनियों को अधूरे पते या गलत पते से होने वाले रिटर्न भी लगभग न के बराबर रह जाएंगे।
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डाक विभाग उपभोक्ता बेस को मजबूत करने की दिशा में इस प्रणाली को लेकर काम कर रहा है। यूनिफार्म एड्रेस सिस्टम या डिजिटल एड्रेस कोड से आधार, वोटर या फिर ड्राइविंग लाइसेंस के अलग-अलग पता होने की गफलत से भी बचा जा सकेगा। एक ही कोड किसी भी जगह की सटीक लोकेशन पर आधारित होगा और वहीं डिलीवरी भी सुनिश्चित हो जाएगी।
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इस प्रक्रिया के तहत किसी भी स्थान को अल्फा न्यूमैरिक कोड जारी किया जाता है। यह कोड उस लोकेशन का स्थायी पता होगा। अपने पार्सल, कूरियर या डाक के लिए यह पता इस्तेमाल कर बिना रिटर्न दस्तावेजों से लेकर सामान हासिल किया जा सकेगा। विभाग की मानें तो इससे ई-काॅमर्स कंपनियों को होने वाले घाटे से भी बचा जा सकेगा।
इंटीग्रेटिड डिलीवरी हब से एक ही जगह पर आसपास के पिन कोड को उतारा जाएगा। यहीं से इन्हें अलग-अलग पिन कोड पर भेज दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर इन इंटीग्रेटिड डिलीवरी हब के खुलने से उपभोक्ताओं को फायदा होगा। कठुआ में अकसर लोग अपने पते को 184101 मुख्य पोस्ट कार्यालय के अधीन लिखते हैं। मगर वास्तव में यह लोकेशन शहर और आसपास के पिन कोड की भी होती रही हैं। ऐसे में इन्हें अब तक फिर जम्मू लौटाया जाता था वहां से संबंधित पिन कोड पर भेजा जाता था। कठुआ में ही इंटीग्रेटिड हब तैयार होने से एक या दो दिन का डिलीवरी में लगने वाला अतिरिक्त समय भी बच जाएगा।
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गलत और अधूरे पते के अलावा उपलब्धता न होने से लौटने वाले पार्सल की अब 100 फीसदी डिलीवरी सुनिश्चित हो जाएगी। पायलेट फेज में जम्मू जिले में यह प्रक्रिया पूरी हो गई है। आने वाले समय में डिजिटल या फिर यूनिफार्म एड्रेस कोड पूरे प्रदेश के लिए हकीकत होगा जिसे लेकर डाक विभाग तेजी से काम कर रहा है।
अंकुश भगत, वरिष्ठ अधीक्षक, डाक विभाग जम्मू