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Kathua News: बिलावर से मछेड़ी के रास्ते अब धार सड़क से जुड़ेगी चिनाब घाटी
Wed, 17 Sep 2025 02:01 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 17 Sep 2025 02:01 AM IST
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ढग्गर और देहरी गला का इलाका जो सड़क संपर्क से जोड़ने की योजना हैसंवाद
बनी विधानसभा के दो अलग थलग हिस्से भी दशकों बाद सड़क संपर्क से जुड़ेंगे
कठुआ/बनी। बिलावर से मछेडी के रास्ते बनी सब डिवीजन के लोहाई मल्हार और डुग्गन को जोड़ने के लिए बीआरओ ने योजना तैयार की है। धार सड़क की ही तरह यह सड़क सुरक्षाबलों की मूवमेंट के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि मंजूरी मिलती है तो यह परियोजना इस क्षेत्र में दोहरी सड़क का जहां एक नया और बेहतरीन सड़क नेटवर्क तैयार करेगी बल्कि सुरक्षाबलों की जिले के दूर दराज इलाकों में मूवमेंट को भी और आसान कर देगी।
दरअसल, पिछले दो साल आतंकी मूवमेंट और पहाड़ी पर आतंकियों की मौजूदगी से बेहद संवेदनशील बने कठुआ जिले में सुरक्षाबलों की मूवमेंट के लिए बेहतर सड़क नेटवर्क की शुरूआत से ही जरूरत महसूस की जाती रही है। ऐसा तब है जबकि भारी संख्या में सेना की तैनाती जिले में पिछले दो डेढ़ वर्ष में हुई है। सुरक्षा बलों के लिए फिलहाल आतंकियों के खिलाफ आप्रेशन घने जंगलों में चलाए जा रहे हैं। जहां सड़कों का नेटवर्क ही नहीं है। सड़क संपर्क मिलने से बलों को इस इलाके की पकड़ में और मजबूती मिलेगी।
उधर, बनी के यह लोहाई मल्हार और डुग्गन के इलाके एक विधानसभा में होकर भी पूरी तरह से कटे हुए हैं। इनमें आपस में सड़क संपर्क ही नहीं है। कायदे से सड़क बनती तो मात्र 20 किलोमीटर की और सड़क से यह दो इलाके जुड़ सकते थे लेकिन अबतक क्षेत्र के लोगों को बनी से लोहाई मल्हार की ओर जाने के लिए पहले बसोहली, महानपुर के रासते लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। उधर, इस सड़क निर्माण से बनी को मुख्यालय से जोड़ने वाला एक अतिरिक्त रूट भी मिल जाएगा। जो खराब मौसम में भी बहाल रह सकेगा। मार्ग इसलिए भी महत्वपूर्ण है चूंकि यह चिनाब घाटी का लिंक सीधे धार सड़क से जोड़ देगा।
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वर्तमान में बनी क्षेत्र के लिए कठुआ से केवल बनी–बसोहली सड़क मार्ग उपलब्ध है जो बारिश और बर्फबारी के दौरान अक्सर बंद हो जाता है। इससे न केवल स्थानीय निवासियों की आवाजाही बाधित होती है, बल्कि आवश्यक सामग्री और आपूर्ति भी प्रभावित होती है। यह स्थिति क्षेत्र को जम्मू संभाग और राज्य के अन्य हिस्सों से अलग-थलग कर देती है। सैन्य सूत्रों की मानें तो भारतीय सेना ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए वैकल्पिक मार्ग को अपनी प्राथमिकता सूची में शामिल किया है। परियोजना की रिपोर्ट डिविजनल कमिश्नर को भी सौंप दी गई है और कार्ययोजना पर तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
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यह है योजना
नए प्रपोजल में बनी से धमान वाया देहरी गला से मलाड़ से घट और फिर कटली से होते हुए बिलावर को जोड़ने का प्रपोजल दिया गया है। इससे बनी और जम्मू के बीच की दूरी घटकर मात्र 190 किलोमीटर रह जाएगी, वर्तमान में 245 किलोमीटर तक का सफर बनी से जम्मू के लिए लोगों को करना पड़ता है। सड़क के विभिन्न हिस्से अलग-अलग विभागों के अधीन हैं। बिलावर से कटली (19 किमी) और बनी से धमान (31 किमी) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आते हैं, जबकि जब के घट से कटली (14 किमी) तक का हिस्सा लोक निर्माण विभाग के पास है। धमान से देरी गली होते हुए मलाड तक लगभग 15–17 किमी सड़क का कार्य अब तक अधूरा है, जिससे इस हिस्से में आवाजाही बंद है। यदि यह अधूरा हिस्सा पूर्ण हो गया, तो क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। बीआरओ के अधीन आने पर यह सड़क डबल लेन होगी ऐसे में क्षेत्रीय विकास की रफ्तार भी तेज होगी। यह परियोजना सुरक्षा, आपूर्ति और स्थानीय विकास तीनों ही दृष्टियों से एक निर्णायक पहल साबित हो सकती है।
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस सड़क को लेकर एक संयुक्त सर्वे किया गया है। मछेड़ी के रास्ते पहाड़ी क्षेत्रों को जोड़ने के लिए प्रपोजल तैयार किया गया है।
संजय कुमार सिंह , कमांडर 35 बीआरटीएफ
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सामरिक दृष्टि से दूर दराज पहाड़ी इलाकों में कई सड़क संपर्क परियोजनाओं को लेकर प्रपोजल बनाए गए हैं। यह बेहद महत्वपूर्ण भी हैं। फिलहाल जम्मू संभाग में आपदा के बीच बीआरओ की टीम सड़क संपर्क बहाल करने में जुटी हुई है। स्थिति सामान्य होते ही इन परियोजनाओं को लेकर भी फॉलोअप लिया जाएगा।
डॉ. जितेंद्र सिंह , केंद्रीय राज्य मंत्री
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कठुआ/बनी। बिलावर से मछेडी के रास्ते बनी सब डिवीजन के लोहाई मल्हार और डुग्गन को जोड़ने के लिए बीआरओ ने योजना तैयार की है। धार सड़क की ही तरह यह सड़क सुरक्षाबलों की मूवमेंट के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि मंजूरी मिलती है तो यह परियोजना इस क्षेत्र में दोहरी सड़क का जहां एक नया और बेहतरीन सड़क नेटवर्क तैयार करेगी बल्कि सुरक्षाबलों की जिले के दूर दराज इलाकों में मूवमेंट को भी और आसान कर देगी।
दरअसल, पिछले दो साल आतंकी मूवमेंट और पहाड़ी पर आतंकियों की मौजूदगी से बेहद संवेदनशील बने कठुआ जिले में सुरक्षाबलों की मूवमेंट के लिए बेहतर सड़क नेटवर्क की शुरूआत से ही जरूरत महसूस की जाती रही है। ऐसा तब है जबकि भारी संख्या में सेना की तैनाती जिले में पिछले दो डेढ़ वर्ष में हुई है। सुरक्षा बलों के लिए फिलहाल आतंकियों के खिलाफ आप्रेशन घने जंगलों में चलाए जा रहे हैं। जहां सड़कों का नेटवर्क ही नहीं है। सड़क संपर्क मिलने से बलों को इस इलाके की पकड़ में और मजबूती मिलेगी।
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उधर, बनी के यह लोहाई मल्हार और डुग्गन के इलाके एक विधानसभा में होकर भी पूरी तरह से कटे हुए हैं। इनमें आपस में सड़क संपर्क ही नहीं है। कायदे से सड़क बनती तो मात्र 20 किलोमीटर की और सड़क से यह दो इलाके जुड़ सकते थे लेकिन अबतक क्षेत्र के लोगों को बनी से लोहाई मल्हार की ओर जाने के लिए पहले बसोहली, महानपुर के रासते लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। उधर, इस सड़क निर्माण से बनी को मुख्यालय से जोड़ने वाला एक अतिरिक्त रूट भी मिल जाएगा। जो खराब मौसम में भी बहाल रह सकेगा। मार्ग इसलिए भी महत्वपूर्ण है चूंकि यह चिनाब घाटी का लिंक सीधे धार सड़क से जोड़ देगा।
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वर्तमान में बनी क्षेत्र के लिए कठुआ से केवल बनी–बसोहली सड़क मार्ग उपलब्ध है जो बारिश और बर्फबारी के दौरान अक्सर बंद हो जाता है। इससे न केवल स्थानीय निवासियों की आवाजाही बाधित होती है, बल्कि आवश्यक सामग्री और आपूर्ति भी प्रभावित होती है। यह स्थिति क्षेत्र को जम्मू संभाग और राज्य के अन्य हिस्सों से अलग-थलग कर देती है। सैन्य सूत्रों की मानें तो भारतीय सेना ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए वैकल्पिक मार्ग को अपनी प्राथमिकता सूची में शामिल किया है। परियोजना की रिपोर्ट डिविजनल कमिश्नर को भी सौंप दी गई है और कार्ययोजना पर तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
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यह है योजना
नए प्रपोजल में बनी से धमान वाया देहरी गला से मलाड़ से घट और फिर कटली से होते हुए बिलावर को जोड़ने का प्रपोजल दिया गया है। इससे बनी और जम्मू के बीच की दूरी घटकर मात्र 190 किलोमीटर रह जाएगी, वर्तमान में 245 किलोमीटर तक का सफर बनी से जम्मू के लिए लोगों को करना पड़ता है। सड़क के विभिन्न हिस्से अलग-अलग विभागों के अधीन हैं। बिलावर से कटली (19 किमी) और बनी से धमान (31 किमी) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आते हैं, जबकि जब के घट से कटली (14 किमी) तक का हिस्सा लोक निर्माण विभाग के पास है। धमान से देरी गली होते हुए मलाड तक लगभग 15–17 किमी सड़क का कार्य अब तक अधूरा है, जिससे इस हिस्से में आवाजाही बंद है। यदि यह अधूरा हिस्सा पूर्ण हो गया, तो क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। बीआरओ के अधीन आने पर यह सड़क डबल लेन होगी ऐसे में क्षेत्रीय विकास की रफ्तार भी तेज होगी। यह परियोजना सुरक्षा, आपूर्ति और स्थानीय विकास तीनों ही दृष्टियों से एक निर्णायक पहल साबित हो सकती है।
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस सड़क को लेकर एक संयुक्त सर्वे किया गया है। मछेड़ी के रास्ते पहाड़ी क्षेत्रों को जोड़ने के लिए प्रपोजल तैयार किया गया है।
संजय कुमार सिंह , कमांडर 35 बीआरटीएफ
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सामरिक दृष्टि से दूर दराज पहाड़ी इलाकों में कई सड़क संपर्क परियोजनाओं को लेकर प्रपोजल बनाए गए हैं। यह बेहद महत्वपूर्ण भी हैं। फिलहाल जम्मू संभाग में आपदा के बीच बीआरओ की टीम सड़क संपर्क बहाल करने में जुटी हुई है। स्थिति सामान्य होते ही इन परियोजनाओं को लेकर भी फॉलोअप लिया जाएगा।
डॉ. जितेंद्र सिंह , केंद्रीय राज्य मंत्री