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Kathua News: हीरानगर सेक्टर में भी सुरक्षा एजेंसियां चौकस
Sun, 27 Jul 2025 01:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 27 Jul 2025 01:00 AM IST
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सांबा में मादक पदार्थ की ड्रोन ड्रॉपिंग का मामला, घुसपैठ के लिहाज से सेक्टर संवेदनशील
कठुआ। सांबा जिले में मादक पदार्थ की संभावित ड्रोन ड्रॉपिंग के मामले के बाद हीरानगर सेक्टर में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। सेक्टर घुसपैठ और ड्रोन ड्रॉपिंग के लिहाज से पहले से ही संवेदनशील माना जाता रहा है।
ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां संभावित क्षेत्रों और रूट पर लगातार निगरानी रख रहीं हैं। सीमावर्ती इलाकों में रुटीन में सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। ड्रोन से हथियार या मादक पदार्थों की सप्लाई फिर एक बार चुनौती बन गई है। 29 मई 2022 को भी सुरक्षाबलों ने जिला कठुआ के हरिया चक्क में एक ड्रोन मार गिराया था। तब ड्रोन से सात मैग्नेटिक बम और सात यूबीजीएल हथगोले बंधे बरामद हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा भारतीय सीमा में ड्रोन से हथियार भेजने का काम करता रहा है।
पहले भी हीरानगर सेक्टर और आईबी में अलग-अलग जगह ड्रोन से जुड़े मामलों की जांच एनआईए की ओर से की जा रही है। एनआईए की ओर से 2024 तक ही दस आरोपियों को चार्जशीट किया जा चुका है। बीते साल जाकिर हुसैन उर्फ सोनू इस मामले में 10वां आरोपी था जिसके खिलाफ दर्ज केस में यूएपीए की धारा 18 के तहत जम्मू स्थित एनआईए विशेष अदालत में दूसरी पूरक चार्जशीट दाखिल की गई थी। इससे पहले नौ आरोपियों को आईपीसी, यूएपीए, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट किया गया था। एनआईए की चार्जशीट के अनुसार जाकिर हुसैन पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन से गिराए गए हथियारों और गोला-बारूद को एकत्रित करने और पहुंचाने में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की सहायता कर रहा था। एनआईए की ओर से चार्जशीट किए गए आरोपियों में फैजल मुनीर का नाम भी शामिल है जिसे कठुआ-जम्मू सीमा क्षेत्रों में सक्रिय ओवरग्राउंड वर्कर नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया गया है।
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फैजल, पाकिस्तान स्थित घोषित आतंकवादी सज्जाद गुल के निर्देशों पर काम कर रहा था जो प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। इससे पहले 23 जून 2020 को बीएसएफ ने भारतीय सीमा में घुसे एक पाकिस्तानी हेक्साकाॅप्टर ड्रोन को मार गिराया था।
जांच के दौरान ड्रोन से एक एम चार कारबाइन राइफल, 60 राउंड, दो मैगजीन, सात ग्रेनेड भी बरामद किए थे।
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कठुआ। सांबा जिले में मादक पदार्थ की संभावित ड्रोन ड्रॉपिंग के मामले के बाद हीरानगर सेक्टर में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। सेक्टर घुसपैठ और ड्रोन ड्रॉपिंग के लिहाज से पहले से ही संवेदनशील माना जाता रहा है।
ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां संभावित क्षेत्रों और रूट पर लगातार निगरानी रख रहीं हैं। सीमावर्ती इलाकों में रुटीन में सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। ड्रोन से हथियार या मादक पदार्थों की सप्लाई फिर एक बार चुनौती बन गई है। 29 मई 2022 को भी सुरक्षाबलों ने जिला कठुआ के हरिया चक्क में एक ड्रोन मार गिराया था। तब ड्रोन से सात मैग्नेटिक बम और सात यूबीजीएल हथगोले बंधे बरामद हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा भारतीय सीमा में ड्रोन से हथियार भेजने का काम करता रहा है।
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पहले भी हीरानगर सेक्टर और आईबी में अलग-अलग जगह ड्रोन से जुड़े मामलों की जांच एनआईए की ओर से की जा रही है। एनआईए की ओर से 2024 तक ही दस आरोपियों को चार्जशीट किया जा चुका है। बीते साल जाकिर हुसैन उर्फ सोनू इस मामले में 10वां आरोपी था जिसके खिलाफ दर्ज केस में यूएपीए की धारा 18 के तहत जम्मू स्थित एनआईए विशेष अदालत में दूसरी पूरक चार्जशीट दाखिल की गई थी। इससे पहले नौ आरोपियों को आईपीसी, यूएपीए, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट किया गया था। एनआईए की चार्जशीट के अनुसार जाकिर हुसैन पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन से गिराए गए हथियारों और गोला-बारूद को एकत्रित करने और पहुंचाने में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की सहायता कर रहा था। एनआईए की ओर से चार्जशीट किए गए आरोपियों में फैजल मुनीर का नाम भी शामिल है जिसे कठुआ-जम्मू सीमा क्षेत्रों में सक्रिय ओवरग्राउंड वर्कर नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया गया है।
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फैजल, पाकिस्तान स्थित घोषित आतंकवादी सज्जाद गुल के निर्देशों पर काम कर रहा था जो प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। इससे पहले 23 जून 2020 को बीएसएफ ने भारतीय सीमा में घुसे एक पाकिस्तानी हेक्साकाॅप्टर ड्रोन को मार गिराया था।
जांच के दौरान ड्रोन से एक एम चार कारबाइन राइफल, 60 राउंड, दो मैगजीन, सात ग्रेनेड भी बरामद किए थे।