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Kathua News: आरोपी ने कबूला अपराध, कोर्ट ने लगाया 10,000 रुपये जुर्माना
Wed, 17 Sep 2025 02:21 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 17 Sep 2025 02:21 AM IST
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कोर्ट सुनवाई खत्म होने तक सुनाई न्यायिक हिरासत की सजा
कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने एनडीपीएस मामले में दोषी पर 10 हजार रुपये जुर्माना और कोर्ट सुनवाई खत्म होने तक न्यायिक हिरासत की सजा सुनाई है।
पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी सुनील कुमार पुत्र गुरमुख निवासी हरदों मुट्ठी राजबाग कठुआ को बीते वर्ष राजबाग पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। तीन सितंबर को कोर्ट में चालान पेश किया गया। इसके बाद आरोपी ने कोर्ट सुनवाई के दौरान स्वयं अदालत में एक आवेदन प्रस्तुत कर अपराध स्वीकार करने की इच्छा जताई। अदालत ने आरोपी को बताया कि वह ऐसा बयान देने के लिए बाध्य नहीं है और यदि ऐसा करता है तो उसका बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी कानून के तहत मामले की निर्धारित सजा के बारे में बताया।
साथ ही कोर्ट ने आरोपी को स्वीकारोक्ति निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए प्राप्त समय उपलब्ध करवाया, लेकिन वह अपने निर्णय पर अडिग रहा और अपने अपराध को स्वीकार किया। इसके बाद अदालत ने उसे एनडीपीएस अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए उस पर 10,000 रुपये जुर्माना और कोर्ट सुनवाई खत्म होने तक न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का फैसला सुनाया गया। दोषी ने मौके पर ही जुर्माना राशि अदा कर दी। कोर्ट ने मामले में जब्त नशीले पदार्थ को कानून के अनुसार निपटाने का निर्देश दिया है। संवाद
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कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने एनडीपीएस मामले में दोषी पर 10 हजार रुपये जुर्माना और कोर्ट सुनवाई खत्म होने तक न्यायिक हिरासत की सजा सुनाई है।
पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी सुनील कुमार पुत्र गुरमुख निवासी हरदों मुट्ठी राजबाग कठुआ को बीते वर्ष राजबाग पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। तीन सितंबर को कोर्ट में चालान पेश किया गया। इसके बाद आरोपी ने कोर्ट सुनवाई के दौरान स्वयं अदालत में एक आवेदन प्रस्तुत कर अपराध स्वीकार करने की इच्छा जताई। अदालत ने आरोपी को बताया कि वह ऐसा बयान देने के लिए बाध्य नहीं है और यदि ऐसा करता है तो उसका बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी कानून के तहत मामले की निर्धारित सजा के बारे में बताया।
साथ ही कोर्ट ने आरोपी को स्वीकारोक्ति निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए प्राप्त समय उपलब्ध करवाया, लेकिन वह अपने निर्णय पर अडिग रहा और अपने अपराध को स्वीकार किया। इसके बाद अदालत ने उसे एनडीपीएस अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए उस पर 10,000 रुपये जुर्माना और कोर्ट सुनवाई खत्म होने तक न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का फैसला सुनाया गया। दोषी ने मौके पर ही जुर्माना राशि अदा कर दी। कोर्ट ने मामले में जब्त नशीले पदार्थ को कानून के अनुसार निपटाने का निर्देश दिया है। संवाद
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