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Kathua News: कठुआ सीजेएम ने पुलिस को लगाई फटकार
Tue, 12 Aug 2025 01:32 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 12 Aug 2025 01:32 AM IST
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हिरासत में अत्याचार मामले में एटीआर दाखिल करने का दिया अंतिम मौका
मजदूरों का आरोप -सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के विरुद्ध हिरासत में रखा
कठुआ। बसोहली क्षेत्र में हिरासत में कथित पुलिस अत्याचार के मामले ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कठुआ अजय कुमार ने सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कठुआ को कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) दाखिल करने का अंतिम अवसर प्रदान किया है।
यह मामला दो पंजाब के मजदूरों सुकरदीन और फरीद मोहम्मद निवासी छिब्बर गांव पठानकोट की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि 29 जून 2025 को बसोहली के एसडीपीओ और अन्य अधिकारियों ने उन्हें पहले अटल सेतु पर और फिर बसोहली थाने में थर्ड डिग्री की यातना दी।
मजदूरों का आरोप है कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के विरुद्ध अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। सरकारी अधिवक्ता अंकुश गुप्ता ने अदालत को बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच इंस्पेक्टर सज्जाद मुगल को सौंपी गई है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने एटीआर दाखिल करने के लिए थोड़े समय की मोहलत मांगी। शिकायतकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता एसएस अहमद और अधिवक्ता विशाल गुप्ता ने पुलिस पर टालमटोल की रणनीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आरोप संज्ञेय अपराधों की ओर इशारा करते हैं जिन पर तत्काल एफआईआर दर्ज
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होनी चाहिए। अधिवक्ता अहमद ने अदालत में यह भी आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता और उनके ठेकेदार अफताब को केस वापस लेने के लिए धमकाया जा रहा है और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। सरकारी अधिवक्ता ने आश्वासन दिया कि वह एसएसपी कठुआ को इन चिंताओं से अवगत कराएंगे ताकि आगे कोई उत्पीड़न न हो। सीजेएम ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि एटीआर आगामी सुनवाई, यानी 18 अगस्त 2025 से पहले हर हाल में दाखिल की जाए।
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मजदूरों का आरोप -सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के विरुद्ध हिरासत में रखा
कठुआ। बसोहली क्षेत्र में हिरासत में कथित पुलिस अत्याचार के मामले ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कठुआ अजय कुमार ने सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कठुआ को कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) दाखिल करने का अंतिम अवसर प्रदान किया है।
यह मामला दो पंजाब के मजदूरों सुकरदीन और फरीद मोहम्मद निवासी छिब्बर गांव पठानकोट की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि 29 जून 2025 को बसोहली के एसडीपीओ और अन्य अधिकारियों ने उन्हें पहले अटल सेतु पर और फिर बसोहली थाने में थर्ड डिग्री की यातना दी।
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मजदूरों का आरोप है कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के विरुद्ध अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। सरकारी अधिवक्ता अंकुश गुप्ता ने अदालत को बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच इंस्पेक्टर सज्जाद मुगल को सौंपी गई है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने एटीआर दाखिल करने के लिए थोड़े समय की मोहलत मांगी। शिकायतकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता एसएस अहमद और अधिवक्ता विशाल गुप्ता ने पुलिस पर टालमटोल की रणनीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आरोप संज्ञेय अपराधों की ओर इशारा करते हैं जिन पर तत्काल एफआईआर दर्ज
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होनी चाहिए। अधिवक्ता अहमद ने अदालत में यह भी आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता और उनके ठेकेदार अफताब को केस वापस लेने के लिए धमकाया जा रहा है और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। सरकारी अधिवक्ता ने आश्वासन दिया कि वह एसएसपी कठुआ को इन चिंताओं से अवगत कराएंगे ताकि आगे कोई उत्पीड़न न हो। सीजेएम ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि एटीआर आगामी सुनवाई, यानी 18 अगस्त 2025 से पहले हर हाल में दाखिल की जाए।