{"_id":"6883e870243c32ba880daf6a","slug":"kathua-news-bro-news-bani-basholi-news-kathua-news-c-201-1-knt1008-122258-2025-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: बनी-बसोहली के बीच अगले साल से सुगम हो जाएगा सफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: बनी-बसोहली के बीच अगले साल से सुगम हो जाएगा सफर
Sat, 26 Jul 2025 01:56 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 26 Jul 2025 01:56 AM IST
विज्ञापन
सूखा नाला से सटे पहाड़ की स्लोप स्टेबिलाइजेशन का शुरू हुआ काम। संवाद
स्विट्जरलैंड से मंगवाई गई है निर्माण की कुछ सामग्री, सूखे नाला पर 13 करोड़ से काम शुरू
कठुआ। बीआरओ की ओर से तैयार किए जा रहे बनी-बसोहली मार्ग पर सूखा नाला अब वाहनों की आवाजाही में अवरोधक नहीं बनेगा। परियोजना में लगातार आ रही अड़चनों को देखते हुए बीआरओ ने लगभग 13 करोड़ की लागत से सूखा नाला से सटे पहाड़ से होने वाले भूस्खलन को रोकने के लिए ढलान स्थलीकरण का काम शुरू करवा दिया है।
नाले में सीधा आने वाले मलबे को रोकने के लिए विशेष ट्रीटमेंट किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में बनी बसोहली के बीच सफर सुगम हो जाएगा। लंबे समय से बरसात के मौसम में मलबा गिरने और सूखा नाला बंद हो जाने से बाधित आवाजाही के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
शीतलनगर और बनी के बीच पड़ते इस नाले में लगातार मलबा चलने से बरसात में अक्सर लोगों को मुसीबतें झेलनी पड़ती थीं। कई-कई घंटों तक बनी-बसोहली के बीच संपर्क कट जाता था। बीआरओ की ओर से कुछ साल पहले पुल निर्माण का काम शुरू किया गया लेकिन किन्हीं कारणों से काम आगे नहीं बढ़ पाया।
विज्ञापन
अब एक बार फिर वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए काम शुरू किया गया है। शीतलनगर की ओर से जाते समय सूखा नाला से सटे पहाड़ से होने वाले मलबे को रोकने के लिए जाला बांधा जा रहा है। उधर, नाले में भी मलबे के लिए अवरोधक लगाए जा रहे हैं। निर्माण की कुल अवधि एक साल छह महीने निर्धारित की गई है, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि अगर मौसम ने साथ दिया तो दिसंबर 2025 तक यह काम पूरा हो सकता है। ऐसे में यह परियोजना न केवल सुविधाजनक आवागमन का रास्ता खोलेगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, व्यापार, पर्यटन और आपात सेवाओं के लिए भी एक बड़ा सहारा बनेगी। पीएफईपीएल के साइट इंजीनियर बापन विश्वास ने बताया कि स्लोप स्टेबिलाइजेशन और नाला ट्रीटमेंट का काम शुरू किया गया है। लगभग 13 करोड़ की इस परियोजना को यूं तो एक साल छह महीने में पूरा किया जाना है लेकिन प्रयास है कि इस साल के अंत तक पूरा कर लिया जाए। पहाड़ से खिसकने वाले हिस्से पर जाला बांधा जाएगा। इससे भूस्खलन रुक जाएगा। वहीं सूखा नाला में विशेष से मलबा फ्लो बैरियर लगाया जाएगा जो स्विट्जरलैंड से लाए गए मैटिरियल से तैयार होगा। संवाद
सूखा नाला में लगातार आने वाले मलबे और पास की पहाड़ी से होने वाले भूस्खलन के लिए लगभग 13 करोड़ की परियोजना पर काम शुरू किया गया है। ढलान स्थलीकरण और नाला ट्रीटमेंट के काम से इस सड़क पर सफर करने वालों को काफी राहत मिलेगी।
-सी शंकर तयाल, कार्यकारी अभियंता, बीआरओ, 69 आरसीसी
विज्ञापन
कठुआ। बीआरओ की ओर से तैयार किए जा रहे बनी-बसोहली मार्ग पर सूखा नाला अब वाहनों की आवाजाही में अवरोधक नहीं बनेगा। परियोजना में लगातार आ रही अड़चनों को देखते हुए बीआरओ ने लगभग 13 करोड़ की लागत से सूखा नाला से सटे पहाड़ से होने वाले भूस्खलन को रोकने के लिए ढलान स्थलीकरण का काम शुरू करवा दिया है।
नाले में सीधा आने वाले मलबे को रोकने के लिए विशेष ट्रीटमेंट किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में बनी बसोहली के बीच सफर सुगम हो जाएगा। लंबे समय से बरसात के मौसम में मलबा गिरने और सूखा नाला बंद हो जाने से बाधित आवाजाही के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
शीतलनगर और बनी के बीच पड़ते इस नाले में लगातार मलबा चलने से बरसात में अक्सर लोगों को मुसीबतें झेलनी पड़ती थीं। कई-कई घंटों तक बनी-बसोहली के बीच संपर्क कट जाता था। बीआरओ की ओर से कुछ साल पहले पुल निर्माण का काम शुरू किया गया लेकिन किन्हीं कारणों से काम आगे नहीं बढ़ पाया।
विज्ञापन
अब एक बार फिर वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए काम शुरू किया गया है। शीतलनगर की ओर से जाते समय सूखा नाला से सटे पहाड़ से होने वाले मलबे को रोकने के लिए जाला बांधा जा रहा है। उधर, नाले में भी मलबे के लिए अवरोधक लगाए जा रहे हैं। निर्माण की कुल अवधि एक साल छह महीने निर्धारित की गई है, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि अगर मौसम ने साथ दिया तो दिसंबर 2025 तक यह काम पूरा हो सकता है। ऐसे में यह परियोजना न केवल सुविधाजनक आवागमन का रास्ता खोलेगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, व्यापार, पर्यटन और आपात सेवाओं के लिए भी एक बड़ा सहारा बनेगी। पीएफईपीएल के साइट इंजीनियर बापन विश्वास ने बताया कि स्लोप स्टेबिलाइजेशन और नाला ट्रीटमेंट का काम शुरू किया गया है। लगभग 13 करोड़ की इस परियोजना को यूं तो एक साल छह महीने में पूरा किया जाना है लेकिन प्रयास है कि इस साल के अंत तक पूरा कर लिया जाए। पहाड़ से खिसकने वाले हिस्से पर जाला बांधा जाएगा। इससे भूस्खलन रुक जाएगा। वहीं सूखा नाला में विशेष से मलबा फ्लो बैरियर लगाया जाएगा जो स्विट्जरलैंड से लाए गए मैटिरियल से तैयार होगा। संवाद
सूखा नाला में लगातार आने वाले मलबे और पास की पहाड़ी से होने वाले भूस्खलन के लिए लगभग 13 करोड़ की परियोजना पर काम शुरू किया गया है। ढलान स्थलीकरण और नाला ट्रीटमेंट के काम से इस सड़क पर सफर करने वालों को काफी राहत मिलेगी।
-सी शंकर तयाल, कार्यकारी अभियंता, बीआरओ, 69 आरसीसी