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बैंक लूट के लिए की गई थी रेकी
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कठुआ। एचडीएफसी बैंक में लूट को अंजाम देने से पूर्व लुटेरों ने लगातार रेकी की थी। मुख्य आरोपी बैंक का पूर्व कर्मचारी था, जो बैंक में कैश की जानकारी, लूट को अंजाम देने के तरीके का खाका बनाता रहा। 19 जून की रात को पुलिस नाके के सौ मीटर के दायरे में स्थित बैंक शाखा से लूट को अंजाम दिया और कुछ ही दूरी पर स्थित हटली पुलिस चौकी के पास एक घर लूट का पैसा पॉलिथीन में पैक कर भूमिगत पानी की टंकी में छिपा दिया। नोटों से भरी पैकिंग पानी के नीचे ही रहे, इसके लिए बोरे में इंटें भी डाल दी गईं।
बैंक से कुल 1.80 करोड़ की लूट हुई थी, जिसमें से डेढ़ करोड़ से ज्यादा रकम लुटेरे साथ ले जाने में कामयाब रहे। इतनी बड़ी रकम को छिपाने के लिए लुटेरों ने पहले नोटों की गड्डियों को पॉलिथीन की परतों में पैक किया। इसके बाद बोरे में डालकर उसे भूमिगत पानी के टंकी में डाल दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बैंक प्रबंधन से पूछताछ के दौरान पूर्व कर्मचारी पर शक की सुई घूमी। पूछताछ के बाद तलाशी लेने पर मामले का भंडाफोड़ हो गया।
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रात ढाई बजे के बाद तक जारी रही नोटों की गिनती
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राशि की गिनती के लिए उसे बैंक ब्रांच में ले जाया गया। इसके बाद बैंक की टीम ने नकदी को गिनने का काम शुरू किया। रात ढाई बजे तक नोटों की गिनती जारी रही। हालांकि बरामद हुई राशि लूटी गई राशि से कम थी।
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बैंक से कुल 1.80 करोड़ की लूट हुई थी, जिसमें से डेढ़ करोड़ से ज्यादा रकम लुटेरे साथ ले जाने में कामयाब रहे। इतनी बड़ी रकम को छिपाने के लिए लुटेरों ने पहले नोटों की गड्डियों को पॉलिथीन की परतों में पैक किया। इसके बाद बोरे में डालकर उसे भूमिगत पानी के टंकी में डाल दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बैंक प्रबंधन से पूछताछ के दौरान पूर्व कर्मचारी पर शक की सुई घूमी। पूछताछ के बाद तलाशी लेने पर मामले का भंडाफोड़ हो गया।
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रात ढाई बजे के बाद तक जारी रही नोटों की गिनती
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राशि की गिनती के लिए उसे बैंक ब्रांच में ले जाया गया। इसके बाद बैंक की टीम ने नकदी को गिनने का काम शुरू किया। रात ढाई बजे तक नोटों की गिनती जारी रही। हालांकि बरामद हुई राशि लूटी गई राशि से कम थी।
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