{"_id":"68978e50906de84b8a0313a0","slug":"jammu-kashmir-news-kathua-news-c-201-1-knt1009-122842-2025-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: -जिले के 19 ब्लॉक में बनेंगे 220 सामुदायिक सोकेज पिट, 2.20 करोड़ खर्च होंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: -जिले के 19 ब्लॉक में बनेंगे 220 सामुदायिक सोकेज पिट, 2.20 करोड़ खर्च होंगे
विज्ञापन
कठुआ। ग्रामीण विकास एवं पंचायती विभाग ने घरों से निकलने वाले अपशिष्ट जल का प्रबंधन करने की कवायद शुरू कर दी है। इससे न केवल गांव को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी, बल्कि इससे निचले इलाके में पड़ने वाले गांवों में जलभराव की समस्या सहित मच्छर जनित बीमारियों को कम करने में मदद मिलेगी।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (सीबीएम-जी) के तहत ग्रामीण विकास विभाग जिले के लगभग 220 गांवों में कुल 220 सामुदायिक सोकेज पिट बनाने जा रहा है। इन पर दो करोड़ 20 लाख की लागत का खर्च आएगा। विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक सामुदायिक सोकेज पिट को बनाने के लिए एक लाख की राशि खर्च की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। जल्द ही विभाग की ओर से गांव स्तर पर पहचान किए गए स्थलों पर निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के सभी 19 ब्लॉकों को सोकेज पिट बनाने के लिए रखा गया है। सबसे ज्यादा उन इलाकों को तवज्जो दी जाएगी जो निचले इलाके होने के कारण जहां जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इसलिए सबसे ज्यादा गड्ढे उन ब्लॉक में ही बनाएं जाएंगे, जहां उचित जल निकासी न होने से जलभराव की स्थिति बनी रहती है। सबसे ज्यादा सामुदायिक सोकेज पिट बरनोटी, मढ़ीन, कठुआ और कीड़िया गंडियाल ग्रामीणों ब्लॉकों में क्रमश: 26, 23, 16 और 15 बनाने की योजना है, क्योंकि इन ब्लॉकों के गांव में बरसात के मौसम में जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे मच्छर जनित बीमारियों के खतरे भी बना रहता है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
ब्लॉक का नाम सामुदायिक सोकेज पिट की संख्या
1. बग्गन 6
2. बनी 12
3. बरनोटी 26
4. बसोहली 8
5. भूंड 7
6. बिलावर 14
7. धार महानपुर 4
8. डिंगा अंब 8
9. डुग्गेन 8
10. डुग्गन 7
11. हीरानगर 15
12. कठुआ 16
13. कीड़िया गंडयाल 15
14. लोहाई मल्हार 8
15. महानपुर 10
16. मांडली 8
17. मढ़ीन 23
18. नगरी 12
19 नगरोटा गुजरू 13
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
कुल 220
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
कोट
जिले में इस वित्त वर्ष में 220 सामुदायिक सोकेज पिट बनाने की योजना है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। जैसे-जैसे ठेकेदारों को निर्माण कार्य आवंटित होता जाएगा, वहां-वहां निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। उम्मीद है कि इस वर्ष के अंत तक सभी चयनित जगहों पर सामुदायिक सोकेज पिट बना लिए जाएंगे। जिसका उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर सुविधा देने है।
-आमिर चौधरी, जिला पंचायत अधिकारी
विज्ञापन
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (सीबीएम-जी) के तहत ग्रामीण विकास विभाग जिले के लगभग 220 गांवों में कुल 220 सामुदायिक सोकेज पिट बनाने जा रहा है। इन पर दो करोड़ 20 लाख की लागत का खर्च आएगा। विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक सामुदायिक सोकेज पिट को बनाने के लिए एक लाख की राशि खर्च की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। जल्द ही विभाग की ओर से गांव स्तर पर पहचान किए गए स्थलों पर निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के सभी 19 ब्लॉकों को सोकेज पिट बनाने के लिए रखा गया है। सबसे ज्यादा उन इलाकों को तवज्जो दी जाएगी जो निचले इलाके होने के कारण जहां जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इसलिए सबसे ज्यादा गड्ढे उन ब्लॉक में ही बनाएं जाएंगे, जहां उचित जल निकासी न होने से जलभराव की स्थिति बनी रहती है। सबसे ज्यादा सामुदायिक सोकेज पिट बरनोटी, मढ़ीन, कठुआ और कीड़िया गंडियाल ग्रामीणों ब्लॉकों में क्रमश: 26, 23, 16 और 15 बनाने की योजना है, क्योंकि इन ब्लॉकों के गांव में बरसात के मौसम में जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे मच्छर जनित बीमारियों के खतरे भी बना रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्लॉक का नाम सामुदायिक सोकेज पिट की संख्या
1. बग्गन 6
2. बनी 12
3. बरनोटी 26
4. बसोहली 8
5. भूंड 7
6. बिलावर 14
7. धार महानपुर 4
8. डिंगा अंब 8
9. डुग्गेन 8
10. डुग्गन 7
11. हीरानगर 15
12. कठुआ 16
13. कीड़िया गंडयाल 15
14. लोहाई मल्हार 8
15. महानपुर 10
16. मांडली 8
17. मढ़ीन 23
18. नगरी 12
19 नगरोटा गुजरू 13
कुल 220
कोट
जिले में इस वित्त वर्ष में 220 सामुदायिक सोकेज पिट बनाने की योजना है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। जैसे-जैसे ठेकेदारों को निर्माण कार्य आवंटित होता जाएगा, वहां-वहां निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। उम्मीद है कि इस वर्ष के अंत तक सभी चयनित जगहों पर सामुदायिक सोकेज पिट बना लिए जाएंगे। जिसका उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर सुविधा देने है।
-आमिर चौधरी, जिला पंचायत अधिकारी