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Kathua News: एनडीपीएस मामले में आरोपी को कोर्ट ने दी सशर्त जमानत
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कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एनडीपीएस अधिनियम मामले में आरोपी को सशर्त जमानत दी है। आदेश के अनुसार, आरोपी को जमानत के लिए 25 हजार की राशि का व्यक्तिगत बांड जिला जेल अधीक्षक के सामने और सामान राशि का जमानतदार कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी को निर्देश दिया है कि वह मामले में जांच कर रहे जांच अधिकारी के साथ सहयोग करेगा और किसी भी तरीके से अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा।
कोर्ट में पुलिस की ओर से दायर रिपोर्ट के अनुसार आरोपी रोशन दीन निवासी मढ़ीन को कठुआ पुलिस ने हेरोइन तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपी को पुलिस ने 27 जुलाई को गिरफ्तार किया था और उसके पास की 4.24 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया था। आरोपी के पिता द्वारा दायर जमानत याचिका में यह दावा किया गया कि रोशन दीन निर्दोष है और उसे झूठे मामले में फंसाया गया है। याचिका में यह भी कहा गया कि पुलिस को अब उससे कोई पूछताछ नहीं करनी है और वह जांच में सहयोग करने को तैयार है। लिहाजा उसे जमानत देने की अपील की गई। इसका अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि रोशन दीन युवाओं को नशीले पदार्थ बेचने के अवैध कारोबार में संलिप्त था। गिरफ्तारी के समय वह भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया और उसके पास से हेरोइन भी बरामद की गई थी। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि क्योंकि मामले की जांच अंतिम चरण में है, अगर आरोपी को जमानत दी जाती है तो वह अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित करने की पूरी संभावना है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि आरोपी के पास से बरामद मात्रा छोटी मात्रा की श्रेणी में आती है। जिसके लिए अधिकतम एक वर्ष की सजा का प्रावधान है। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 की कठोरता लागू नहीं होती। कोर्ट ने केरल उच्च न्यायालय के एक निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट को ऐसे मामलों में जमानत देने का अधिकार है। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सशर्त जमानत देने का फैसला सुनाया।
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कोर्ट में पुलिस की ओर से दायर रिपोर्ट के अनुसार आरोपी रोशन दीन निवासी मढ़ीन को कठुआ पुलिस ने हेरोइन तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपी को पुलिस ने 27 जुलाई को गिरफ्तार किया था और उसके पास की 4.24 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया था। आरोपी के पिता द्वारा दायर जमानत याचिका में यह दावा किया गया कि रोशन दीन निर्दोष है और उसे झूठे मामले में फंसाया गया है। याचिका में यह भी कहा गया कि पुलिस को अब उससे कोई पूछताछ नहीं करनी है और वह जांच में सहयोग करने को तैयार है। लिहाजा उसे जमानत देने की अपील की गई। इसका अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि रोशन दीन युवाओं को नशीले पदार्थ बेचने के अवैध कारोबार में संलिप्त था। गिरफ्तारी के समय वह भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया और उसके पास से हेरोइन भी बरामद की गई थी। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि क्योंकि मामले की जांच अंतिम चरण में है, अगर आरोपी को जमानत दी जाती है तो वह अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित करने की पूरी संभावना है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि आरोपी के पास से बरामद मात्रा छोटी मात्रा की श्रेणी में आती है। जिसके लिए अधिकतम एक वर्ष की सजा का प्रावधान है। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 की कठोरता लागू नहीं होती। कोर्ट ने केरल उच्च न्यायालय के एक निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट को ऐसे मामलों में जमानत देने का अधिकार है। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सशर्त जमानत देने का फैसला सुनाया।
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