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Kathua News: राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
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कठुआ। कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ में ग्रामीण महिलाओं के लिए प्राकृतिक खेती पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया। वीरवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (एनएमएनएफ) के तहत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती के तरीकों में वैज्ञानिक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल से लैस किया जाएगा।
कार्यक्रम को एसकेयूएएसटी-जम्मू के कुलपति डॉ. बीएन त्रिपाठी के नेतृत्व और निदेशक विस्तार डॉ. अमरीश वैद के निर्देशों पर शुरू किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिला मुख्य कृषि अधिकारी संजीव राय की ओर से किया गया। कहा कि प्रशिक्षण के बाद कृषि सखियां कृषि संस्थानों और कृषक समुदायों के बीच सेतु का काम करेंगी और टिकाऊ और प्राकृतिक खेती के तरीकों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगी। यह प्रशिक्षण न केवल उनके ज्ञान को बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर कृषि को बदलने में नेतृत्व करने के लिए सशक्त भी बनाएगा। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने-अपने ब्लॉक और क्लस्टर में कार्यक्रम से सीखे गए ज्ञान को सक्रिय रूप से लागू करने और प्रसारित करने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं, केवीके कठुआ के मुख्य वैज्ञानिक और प्रमुख डॉ. विशाल महाजन ने पर्यावरण के अनुकूल और रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने में सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों के रूप में कृषि सखियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक (आजीविका) तहमीद अहमद ने स्थायी कृषि पद्धतियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में कृषि सखियों की भूमिका पर जोर दिया। कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भरता बनाया जा सकता है। इस मौके पर जिला विषय विशेषज्ञ कुलदीप कुमार, बीज प्रमाणीकरण सहायक नितिन महाजन, बीपीएम कठुआ बिंदिया शर्मा, बीपीएम लोहाई मल्हार मशूद वानी, सुशांत शर्मा और अमित कुमार भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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कार्यक्रम को एसकेयूएएसटी-जम्मू के कुलपति डॉ. बीएन त्रिपाठी के नेतृत्व और निदेशक विस्तार डॉ. अमरीश वैद के निर्देशों पर शुरू किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिला मुख्य कृषि अधिकारी संजीव राय की ओर से किया गया। कहा कि प्रशिक्षण के बाद कृषि सखियां कृषि संस्थानों और कृषक समुदायों के बीच सेतु का काम करेंगी और टिकाऊ और प्राकृतिक खेती के तरीकों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगी। यह प्रशिक्षण न केवल उनके ज्ञान को बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर कृषि को बदलने में नेतृत्व करने के लिए सशक्त भी बनाएगा। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने-अपने ब्लॉक और क्लस्टर में कार्यक्रम से सीखे गए ज्ञान को सक्रिय रूप से लागू करने और प्रसारित करने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं, केवीके कठुआ के मुख्य वैज्ञानिक और प्रमुख डॉ. विशाल महाजन ने पर्यावरण के अनुकूल और रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने में सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों के रूप में कृषि सखियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक (आजीविका) तहमीद अहमद ने स्थायी कृषि पद्धतियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में कृषि सखियों की भूमिका पर जोर दिया। कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भरता बनाया जा सकता है। इस मौके पर जिला विषय विशेषज्ञ कुलदीप कुमार, बीज प्रमाणीकरण सहायक नितिन महाजन, बीपीएम कठुआ बिंदिया शर्मा, बीपीएम लोहाई मल्हार मशूद वानी, सुशांत शर्मा और अमित कुमार भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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