{"_id":"6962a71d740ce4bd550c1365","slug":"jammu-kashmir-news-kathua-news-c-201-1-knt1008-128088-2026-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: 15 जनवरी से नहरों में बंद कर दी जाएगी पानी की सप्लाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: 15 जनवरी से नहरों में बंद कर दी जाएगी पानी की सप्लाई
Sun, 11 Jan 2026 12:53 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 11 Jan 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
कठुआ। जिले की नहरों में रिवायती तौर पर जनवरी में होने वाली बंदी 15 जनवरी से होने जा रही है।
इस अवधि में नहरों से गाद निकालने और मरम्मत के काम अंजाम दिए जाएंगे। ऐसे में बैसाखी तक अब नहरों में फिर से पानी मिल पाने की उम्मीद है। जिले के सात हजार किसान नहरों के सिंचाई नेटवर्क पर निर्भर हैं। नहरों का नेटवर्क 100 किलोमीटर से ज्यादा है। कठुआ कनाल का नेटवर्क 70 किलोमीटर तक फैला है।
आम तौर पर विभाग 45 से 60 दिन की नहरबंदी के बीच सालान स्तर पर गाद निकालने से लेकर नहरों की मरम्मत के काम अंजाम देता है। बीते बरसात के सीजन में हुए भारी नुकसान के बाद नहरों की मरम्मत का काम भी ज्यादा रहने वाला है।
आम तौर पर बैसाखी को पानी छोड़े जाने की रिवायत है। बीते साल हालांकि मार्च में ही काम पूरे कर लिए गए थे। जिले में छोटी-बड़ी दर्जनों नहरें हैं। कठुआ शहर के बीचोंबीच से होकर गुजरने वाली कठुआ कैनाल इनमें सबसे महत्वपूर्ण है, जिसकी लंबाई 17 किलोमीटर है और यह 8463 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई को सुनिश्चित करती है। इस नहर के साथ लगभग 48 किलोमीटर लंबी कूहलें भी जुड़ी हैं। वहीं जिले में अन्य 14 छोटी नहरों की सफाई का काम भी किया जाना है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
इस अवधि में नहरों से गाद निकालने और मरम्मत के काम अंजाम दिए जाएंगे। ऐसे में बैसाखी तक अब नहरों में फिर से पानी मिल पाने की उम्मीद है। जिले के सात हजार किसान नहरों के सिंचाई नेटवर्क पर निर्भर हैं। नहरों का नेटवर्क 100 किलोमीटर से ज्यादा है। कठुआ कनाल का नेटवर्क 70 किलोमीटर तक फैला है।
आम तौर पर विभाग 45 से 60 दिन की नहरबंदी के बीच सालान स्तर पर गाद निकालने से लेकर नहरों की मरम्मत के काम अंजाम देता है। बीते बरसात के सीजन में हुए भारी नुकसान के बाद नहरों की मरम्मत का काम भी ज्यादा रहने वाला है।
विज्ञापन
आम तौर पर बैसाखी को पानी छोड़े जाने की रिवायत है। बीते साल हालांकि मार्च में ही काम पूरे कर लिए गए थे। जिले में छोटी-बड़ी दर्जनों नहरें हैं। कठुआ शहर के बीचोंबीच से होकर गुजरने वाली कठुआ कैनाल इनमें सबसे महत्वपूर्ण है, जिसकी लंबाई 17 किलोमीटर है और यह 8463 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई को सुनिश्चित करती है। इस नहर के साथ लगभग 48 किलोमीटर लंबी कूहलें भी जुड़ी हैं। वहीं जिले में अन्य 14 छोटी नहरों की सफाई का काम भी किया जाना है। संवाद
विज्ञापन