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Kathua News: हाईटेंशन तारों के साए में सहार पंचायत का स्कूल
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स्कूल के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन।
- फोटो : katra news
कठुआ। शहर से सटी सहार पंचायत के अनुसूचित जाति मोहल्ले में स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल एक ओर जहां शिक्षा की लौ जलाए हुए है, वहीं दूसरी ओर बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्कूल की छत के ऊपर से गुजरती बिजली की हाईटेंशन लाइन नन्हे विद्यार्थियों के लिए हर पल जानलेवा खतरा बनी हुई है।
करीब 45 बच्चे रोजाना इस स्कूल में पढ़ने आते हैं। अभिभावकों की चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। दो बार हाईटेंशन लाइन की तारें टूटकर स्कूल परिसर में गिर चुकी हैं। सौभाग्यवश इन घटनाओं में कोई बच्चा घायल नहीं हुआ, लेकिन यह घटनाएं खतरे की गंभीरता को उजागर करती हैं।
गांव के पूर्व सरपंच भोली सिंह जसरोटिया ने बताया कि स्कूल में पढ़ाई के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद हैं, लेकिन स्कूल के ऊपर से गुजरती हाईटेंशन लाइन बच्चों के सिर पर लटकती तलवार की तरह है। पिछले महीने भी तारें टूटकर गिरी थीं, लेकिन उस समय बच्चे कक्षा में थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग से स्कूल परिसर को सुरक्षित बनाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विभाग ने टूटी तारों को जोड़ तो दिया, लेकिन उन्हें शिफ्ट नहीं किया गया। ऐसे में खतरा अभी भी बना हुआ है।
गांववासियों और अभिभावकों ने एक स्वर में मांग की है कि स्कूल परिसर से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन को तुरंत शिफ्ट किया जाए। यह न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि अभिभावकों की चिंता भी दूर होगी।
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करीब 45 बच्चे रोजाना इस स्कूल में पढ़ने आते हैं। अभिभावकों की चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। दो बार हाईटेंशन लाइन की तारें टूटकर स्कूल परिसर में गिर चुकी हैं। सौभाग्यवश इन घटनाओं में कोई बच्चा घायल नहीं हुआ, लेकिन यह घटनाएं खतरे की गंभीरता को उजागर करती हैं।
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गांव के पूर्व सरपंच भोली सिंह जसरोटिया ने बताया कि स्कूल में पढ़ाई के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद हैं, लेकिन स्कूल के ऊपर से गुजरती हाईटेंशन लाइन बच्चों के सिर पर लटकती तलवार की तरह है। पिछले महीने भी तारें टूटकर गिरी थीं, लेकिन उस समय बच्चे कक्षा में थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग से स्कूल परिसर को सुरक्षित बनाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विभाग ने टूटी तारों को जोड़ तो दिया, लेकिन उन्हें शिफ्ट नहीं किया गया। ऐसे में खतरा अभी भी बना हुआ है।
गांववासियों और अभिभावकों ने एक स्वर में मांग की है कि स्कूल परिसर से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन को तुरंत शिफ्ट किया जाए। यह न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि अभिभावकों की चिंता भी दूर होगी।
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