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Kathua News: छात्रों का स्कूल बैग होगा हल्का, अब मिलेगा कम होमवर्क
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कठुआ। राष्ट्रीय स्कूल बैग नीति को कठुआ जिले में लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत जहां कक्षावार स्कूल बैग का अधिकतम भार तय होगा, वहीं होमवर्क भी सीमित दिया जाएगा। कई निजी स्कूलों ने इसे लागू भी कर दिया है। अब सरकारी स्कूलों में भी इसे लागू करने और शेष निजी स्कूलों में भी लागू करने की तैयारी हो गई है। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने निदेशालय से मिले निर्देश के बाद इस पर काम शुरू कर दिया है।
दरअसल, राष्ट्रीय स्कूल बैग नीति के तहत स्कूल बैग का वजन तय है। नई नीति के तहत स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे विभिन्न कक्षाओं के लिए बैग का वजन तय सीमा से अधिक न होने दें। उदाहरण के लिए पहली और दूसरी कक्षा के छात्रों के बैग का वजन 1.6 से 2.2 किलो तक होना चाहिए, जबकि 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के बैग का अधिकतम वजन 3.5 से 5 किलो तक होना चाहिए। शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों को केवल आवश्यक किताबें लाने के लिए कहें और नियमित रूप से उनके बैग की जांच करें।
वहीं समय सारिणी और होमवर्क को लेकर भी नीति में स्पष्ट निर्देश हैं। इस नीति में शिक्षकों को विषयों की समय सारिणी इस तरह तैयार करने को कहा गया है ताकि छात्रों को हर दिन भारी किताबें लाने की आवश्यकता न पड़े। होमवर्क को भी नियंत्रित किया गया है, जिसमें प्राथमिक स्तर पर कक्षा 2 तक कोई होमवर्क नहीं दिया जाएगा और कक्षा 3 से 5 के छात्रों को सप्ताह में केवल 2 घंटे तक का होमवर्क मिलेगा। इसी प्रकार, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर होमवर्क की अधिकतम सीमा तय की गई है।
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स्कूलों में लॉकर और डिजिटल शिक्षण की व्यवस्था
छात्रों को राहत देने के लिए स्कूलों में लॉकर की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है, ताकि वे अपनी किताबें और अन्य जरूरी सामान स्कूल में ही सुरक्षित रख सकें। इसके अलावा, डिजिटल शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए ई-बुक्स और अन्य डिजिटल लर्निंग टूल्स के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
सभी स्कूलों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके परिसरों में उच्च गुणवत्ता वाला पेयजल उपलब्ध हो और पानी की टंकियों की नियमित सफाई की जाए। इसके अलावा, स्कूलों में आयोजित अभिभावक-शिक्षक बैठकों में अभिभावकों को बच्चों के हल्के बैग ले जाने की आवश्यकता पर जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशालय की ओर से इस नीति के सुचारू कार्यान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित जाेनल शिक्षा अधिकारियों और मुख्य शिक्षा अधिकारियों को दी गई है।
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कोट
नई शिक्षा नीति को लेकर स्कूलों में बेहतर शिक्षण प्रबंधन पर काम किया जा रहा है। निदेशालय से राष्ट्रीय स्कूल बैग नीति को लेकर मिले निर्देश के बाद इस पर काम किया जा रहा है। विद्यार्थियों की शिक्षा कतई भार की तरह न हो, इसके लिए काम जारी है। नीति के संबंध में शिक्षकों को नियमित रूप से प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं।
-मंगत राम शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी, कठुआ
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दरअसल, राष्ट्रीय स्कूल बैग नीति के तहत स्कूल बैग का वजन तय है। नई नीति के तहत स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे विभिन्न कक्षाओं के लिए बैग का वजन तय सीमा से अधिक न होने दें। उदाहरण के लिए पहली और दूसरी कक्षा के छात्रों के बैग का वजन 1.6 से 2.2 किलो तक होना चाहिए, जबकि 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के बैग का अधिकतम वजन 3.5 से 5 किलो तक होना चाहिए। शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों को केवल आवश्यक किताबें लाने के लिए कहें और नियमित रूप से उनके बैग की जांच करें।
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वहीं समय सारिणी और होमवर्क को लेकर भी नीति में स्पष्ट निर्देश हैं। इस नीति में शिक्षकों को विषयों की समय सारिणी इस तरह तैयार करने को कहा गया है ताकि छात्रों को हर दिन भारी किताबें लाने की आवश्यकता न पड़े। होमवर्क को भी नियंत्रित किया गया है, जिसमें प्राथमिक स्तर पर कक्षा 2 तक कोई होमवर्क नहीं दिया जाएगा और कक्षा 3 से 5 के छात्रों को सप्ताह में केवल 2 घंटे तक का होमवर्क मिलेगा। इसी प्रकार, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर होमवर्क की अधिकतम सीमा तय की गई है।
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स्कूलों में लॉकर और डिजिटल शिक्षण की व्यवस्था
छात्रों को राहत देने के लिए स्कूलों में लॉकर की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है, ताकि वे अपनी किताबें और अन्य जरूरी सामान स्कूल में ही सुरक्षित रख सकें। इसके अलावा, डिजिटल शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए ई-बुक्स और अन्य डिजिटल लर्निंग टूल्स के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
सभी स्कूलों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके परिसरों में उच्च गुणवत्ता वाला पेयजल उपलब्ध हो और पानी की टंकियों की नियमित सफाई की जाए। इसके अलावा, स्कूलों में आयोजित अभिभावक-शिक्षक बैठकों में अभिभावकों को बच्चों के हल्के बैग ले जाने की आवश्यकता पर जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशालय की ओर से इस नीति के सुचारू कार्यान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित जाेनल शिक्षा अधिकारियों और मुख्य शिक्षा अधिकारियों को दी गई है।
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कोट
नई शिक्षा नीति को लेकर स्कूलों में बेहतर शिक्षण प्रबंधन पर काम किया जा रहा है। निदेशालय से राष्ट्रीय स्कूल बैग नीति को लेकर मिले निर्देश के बाद इस पर काम किया जा रहा है। विद्यार्थियों की शिक्षा कतई भार की तरह न हो, इसके लिए काम जारी है। नीति के संबंध में शिक्षकों को नियमित रूप से प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं।
-मंगत राम शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी, कठुआ