{"_id":"6acd41ad284bc096540c5e80","slug":"jalvayu-parivertan-kathua-news-c-201-1-knt1009-137402-2026-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जागरूकता, सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी : प्रो.शर्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जागरूकता, सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी : प्रो.शर्मा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जीडीसी कठुआ की साहित्यिक कमेटी ने डॉ. रामपाल ट्रस्ट के सहयोग से दिवंगत प्रो. रविंद्र रामपाल की स्मृति में वार्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष संगोष्ठी का विषय ‘जलवायु परिवर्तन और आपदा, चुनौतियां, लचीलापन और आगे की राह’ रखा गया। इसमें विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लेकर पर्यावरण से जुड़े गंभीर मुद्दों, आपदा प्रबंधन और टिकाऊ समाधान पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जम्मू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. आरडी शर्मा ने उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए जागरूकता, समय रहते तैयारी और सामूहिक जिम्मेदारी बेहद जरूरी है। पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही एक सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य का निर्माण संभव है।
कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मनोहर लाल ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक मंच विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, वैज्ञानिक सोच और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संगोष्ठी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इसमें जीडीसी कठुआ की अनामिका ने पहला स्थान हासिल किया। जबकि जीडीसी मढ़ीन के अक्षय कुमार दूसरे और जीडीसी सांबा के दानिश भगत तीसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा संगोष्ठी के प्रतिभागियों हरलीन कौर, तानिया राजपूत, सानिया बिल्लोवरिया, पल्लवी चौधरी, पलक और सादिया नाज सहित बेहतर प्रदर्शन करने वालों को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं, निर्णायक मंडल में कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल प्रो. एमएस पठानिया, पूर्व प्रिंसिपल प्रो. अनिरुद्ध शर्मा और अंग्रेजी विभाग के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष प्रो. सरूप चंदर, समाजसेवी राहुल देव, प्रो. जय पाल सिंह,जीडीसी बसोहली के प्रिंसिपल प्रो. राज किरण माैजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कठुआ। जीडीसी कठुआ की साहित्यिक कमेटी ने डॉ. रामपाल ट्रस्ट के सहयोग से दिवंगत प्रो. रविंद्र रामपाल की स्मृति में वार्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष संगोष्ठी का विषय ‘जलवायु परिवर्तन और आपदा, चुनौतियां, लचीलापन और आगे की राह’ रखा गया। इसमें विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लेकर पर्यावरण से जुड़े गंभीर मुद्दों, आपदा प्रबंधन और टिकाऊ समाधान पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जम्मू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. आरडी शर्मा ने उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए जागरूकता, समय रहते तैयारी और सामूहिक जिम्मेदारी बेहद जरूरी है। पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही एक सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य का निर्माण संभव है।
विज्ञापन
कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मनोहर लाल ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक मंच विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, वैज्ञानिक सोच और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संगोष्ठी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इसमें जीडीसी कठुआ की अनामिका ने पहला स्थान हासिल किया। जबकि जीडीसी मढ़ीन के अक्षय कुमार दूसरे और जीडीसी सांबा के दानिश भगत तीसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा संगोष्ठी के प्रतिभागियों हरलीन कौर, तानिया राजपूत, सानिया बिल्लोवरिया, पल्लवी चौधरी, पलक और सादिया नाज सहित बेहतर प्रदर्शन करने वालों को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं, निर्णायक मंडल में कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल प्रो. एमएस पठानिया, पूर्व प्रिंसिपल प्रो. अनिरुद्ध शर्मा और अंग्रेजी विभाग के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष प्रो. सरूप चंदर, समाजसेवी राहुल देव, प्रो. जय पाल सिंह,जीडीसी बसोहली के प्रिंसिपल प्रो. राज किरण माैजूद थे।
विज्ञापन