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Kathua News: भागथली में औद्योगिक क्षेत्र बाढ़ से बचा, दो किमी लंबी सुरक्षा दीवार बही
Fri, 29 Aug 2025 12:14 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Fri, 29 Aug 2025 12:14 AM IST
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कठुआ। बसोहली स्थित रंजीत सागर बांध के फ्लड गेट खोलने के बाद रावी नदी में आई बाढ़ से हजारों करोड़ से विकसित औद्योगिक क्षेत्र भागथली बाल-बाल बच पाया है। बाढ़ ने न केवल औद्योगिक क्षेत्र की दो किलोमीटर लंबी और 40 फीट चौड़ी सुरक्षा दीवार को बह ले गई, बल्कि बाढ़ का पानी दो औद्योगिक इकाइयों की दीवारों तक भी पहुंच चुका था। गनीमत रही कि समय रहते बाढ़ का रुख पंजाब की और हो गया। जिससे इकाइयों को बड़ा नुकसान होने से बच गए। सिडको की ओर कई जगहों पर जेसीबी लगाकर औद्योगिक इकाइयों के पास अस्थाई सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है।
बीते मंगलवार को तीन तीन की लगातार बारिश के बाद रंजीत सागर डैम के लाखों क्यूसेक पानी को छोड़ गए तो शाम होते-होते बाढ़ ने जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर विकराल रूप ले लिया था। जम्मू-कश्मीर को पंजाब से जोड़ने वाला एक पुल बह गए। यातायात ठप हो गए। इमारतें जमींदोज हो गई थी। इसी बीच जिला प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए भागथली स्थित एक्सप्रेस वे निर्माण में लगी कंपनी के मजदूरों को दरिया के किनारे बने शेडों से बाहर निकाल लिया था। जिसके चलते इन शेडों में रहने वाले दर्जनों मजदूरों की जान बच गई। बाढ़ के प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि बुधवार की सुबह तक लग रहा था कि बाढ़ का पानी औद्योगिक क्षेत्र में घुस जाएगा। बाढ़ का बहाव इतना तेज था कि मंगलवार की रात ही औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा दीवार बह गई थी।
औद्योगिक इकाई चिरिपाल पॉली फिल्म्स व पेप्सी कंपनी के बाहर चाय की दुकान करने शब्बीर ने बताया कि बुधवार की दोपहर तक पानी का बहाव कम हो गया था और पंजाब की तरफ मुड़ गया था। इससे बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा दीवार के साथ ही चिरिपाल पॉली फिल्म्स कंपनी के आवासीय क्वार्टर बने हुए थे। अगर पानी दूसरी तरफ नहीं मुड़ता तो भारी जान-माल का भी नुकसान हो सकता था। औद्योगिक इकाइयों की खाली जमीनों पर कई गुज्जर परिवारों ने अपना डेरा लगाया हुआ था।
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बारिश से औद्योगिक इकाइयों को लगने वाले सड़के खस्ताहाल
तीन की लगातार बारिश ने औद्योगिक इकाइयों को लगने वाली ज्यादातर सड़के खस्ताहाल हो चुकी है। सड़कों पर गहरे गड्ढे बन गए है। वहीं, औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा दीवार पर भी सड़क का निर्माण किया गया था जो पूरी तरह बह गई है। जबकि औद्योगिक क्षेत्र की मुख्य सड़क पर पानी से बिछाया हुई बजरी और मलबा कई जगहों पर इतना इकट्ठा हो चुका है कि वहां से वाहनों का निकलना मुश्किल हो गए है। सड़कों पर बिखरी बजरी दोपहिया वाहनों के लिए खतरा बनी हुई है।
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बीते मंगलवार को तीन तीन की लगातार बारिश के बाद रंजीत सागर डैम के लाखों क्यूसेक पानी को छोड़ गए तो शाम होते-होते बाढ़ ने जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर विकराल रूप ले लिया था। जम्मू-कश्मीर को पंजाब से जोड़ने वाला एक पुल बह गए। यातायात ठप हो गए। इमारतें जमींदोज हो गई थी। इसी बीच जिला प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए भागथली स्थित एक्सप्रेस वे निर्माण में लगी कंपनी के मजदूरों को दरिया के किनारे बने शेडों से बाहर निकाल लिया था। जिसके चलते इन शेडों में रहने वाले दर्जनों मजदूरों की जान बच गई। बाढ़ के प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि बुधवार की सुबह तक लग रहा था कि बाढ़ का पानी औद्योगिक क्षेत्र में घुस जाएगा। बाढ़ का बहाव इतना तेज था कि मंगलवार की रात ही औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा दीवार बह गई थी।
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औद्योगिक इकाई चिरिपाल पॉली फिल्म्स व पेप्सी कंपनी के बाहर चाय की दुकान करने शब्बीर ने बताया कि बुधवार की दोपहर तक पानी का बहाव कम हो गया था और पंजाब की तरफ मुड़ गया था। इससे बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा दीवार के साथ ही चिरिपाल पॉली फिल्म्स कंपनी के आवासीय क्वार्टर बने हुए थे। अगर पानी दूसरी तरफ नहीं मुड़ता तो भारी जान-माल का भी नुकसान हो सकता था। औद्योगिक इकाइयों की खाली जमीनों पर कई गुज्जर परिवारों ने अपना डेरा लगाया हुआ था।
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बारिश से औद्योगिक इकाइयों को लगने वाले सड़के खस्ताहाल
तीन की लगातार बारिश ने औद्योगिक इकाइयों को लगने वाली ज्यादातर सड़के खस्ताहाल हो चुकी है। सड़कों पर गहरे गड्ढे बन गए है। वहीं, औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा दीवार पर भी सड़क का निर्माण किया गया था जो पूरी तरह बह गई है। जबकि औद्योगिक क्षेत्र की मुख्य सड़क पर पानी से बिछाया हुई बजरी और मलबा कई जगहों पर इतना इकट्ठा हो चुका है कि वहां से वाहनों का निकलना मुश्किल हो गए है। सड़कों पर बिखरी बजरी दोपहिया वाहनों के लिए खतरा बनी हुई है।