{"_id":"6687451bead01fc900046546","slug":"gi-servy-kathua-news-c-201-1-knt1006-111009-2024-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: जीआई सर्वे के नाम पर व्यक्तिगत जानकारी का किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: जीआई सर्वे के नाम पर व्यक्तिगत जानकारी का किया विरोध
विज्ञापन
कठुआ। जीआई सर्वे के नाम पर लोगों की व्यक्तिगत जानकारी लिए जाने का स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया है।
वीरवार को शहर के पटेलनगर इलाके में निजी कंपनी की ओर से भेजे गए कर्मचारियों का स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध करते हुए जिला प्रशासन से ऐसे लोगों पर रोक लगाए जाने की मांग की। इनके पास न तो कोई पहचान पत्र है और न ही प्रशासन द्वारा इसके लिए जारी किया गया आदेश।
सामाजिक कार्यकर्ता अनिल भारद्वाज ने कहा कि शहर में अगर किसी भी तरह का कोई सर्वे करवाया जाना है तो पहले प्रशासन इसकी नोटिफिकेशन निकाले और सर्वे करने वालों को कोई पहचान पत्र जारी करे ताकि लोग किसी तरह की होने वाली धोखाधड़ी से बच पाएं। वहीं देवेंद्र सिंह ने कहा कि हैरानी की बात है कि जो लोग सर्वे कर रहे हैं, उनके पास कोई ऐसा दस्तावेज नहीं है कि लोगों को पता चल पाए कि वे जिस काम के लिए लोगों की जानकारी ले रहे हैं, वह वैध है। मोहल्ले-मोहल्ले घूमने वाले ये लोग लोगों की संपत्ति, आए के स्रोत और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी ले रहे हैं। जो भविष्य में लोगों के लिए परेशानी कारण बन सकता है। वहीं नगर परिषद के पूर्व प्रधान नरेश शर्मा ने भी इस तरह के सर्वे पर कहा कि अगर प्रशासन को किसी तरह से कोई सर्वे करवाना है तो वह इसके लिए सरकारी कर्मचारियों को नियुक्त कर सकता है।
विज्ञापन
वीरवार को शहर के पटेलनगर इलाके में निजी कंपनी की ओर से भेजे गए कर्मचारियों का स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध करते हुए जिला प्रशासन से ऐसे लोगों पर रोक लगाए जाने की मांग की। इनके पास न तो कोई पहचान पत्र है और न ही प्रशासन द्वारा इसके लिए जारी किया गया आदेश।
सामाजिक कार्यकर्ता अनिल भारद्वाज ने कहा कि शहर में अगर किसी भी तरह का कोई सर्वे करवाया जाना है तो पहले प्रशासन इसकी नोटिफिकेशन निकाले और सर्वे करने वालों को कोई पहचान पत्र जारी करे ताकि लोग किसी तरह की होने वाली धोखाधड़ी से बच पाएं। वहीं देवेंद्र सिंह ने कहा कि हैरानी की बात है कि जो लोग सर्वे कर रहे हैं, उनके पास कोई ऐसा दस्तावेज नहीं है कि लोगों को पता चल पाए कि वे जिस काम के लिए लोगों की जानकारी ले रहे हैं, वह वैध है। मोहल्ले-मोहल्ले घूमने वाले ये लोग लोगों की संपत्ति, आए के स्रोत और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी ले रहे हैं। जो भविष्य में लोगों के लिए परेशानी कारण बन सकता है। वहीं नगर परिषद के पूर्व प्रधान नरेश शर्मा ने भी इस तरह के सर्वे पर कहा कि अगर प्रशासन को किसी तरह से कोई सर्वे करवाना है तो वह इसके लिए सरकारी कर्मचारियों को नियुक्त कर सकता है।
विज्ञापन