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उज्ज दरिया में बाढ़ का पानी खेतों में भरा
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हीरानगर। बारिश से नदी नालों में उफान से किसानों की चिंता बढ़ गई है। हर बरस बरसात में उज्ज दरिया और तरनाह नाला में जलस्तर बढ़ने से किसानों को फसलों का नुकसान झेलना पड़ता है। रविवार को भी उज्ज दरिया में आई बाढ़ की वजह से छब्बे चक पंचायत के कुछ इलाकों में दरिया का पानी खेतों में भर गया, जिससे यहां लगी धान की फसल को नुकसान हुआ।
किसानों का कहना है कि हर साल बरसात में जलस्तर बढ़ने से इस इलाके में फसल को नुकसान होता है। इसके बावजूद भी प्रशासन की ओर से कोई उचित कदम आज तक नहीं उठाए गए हैं। स्थानीय सरपंच सतपाल भगत ने कहा इस दरिया में बाढ़ आने से सबसे अधिक नुकसान इस क्षेत्र के किसानों को होता है। किसानों की फसल भी खराब होती है और कटाव होने से खेत भी पानी में बहते हैं। इसकी रोकथाम के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से किसान गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है। दो दिन हुई बारिश से आई बाढ़ में फिलहाल खेतों में लगी फसल को नुकसान हुआ है। अगर आगे भारी बारिश होती है तो भूमि कटाव का डर भी बना हुआ है। वहीं कंडी के डिंगा अंब क्षेत्र के कुछ नालों में जलस्तर बढ़ने से दसानु से गलमन मार्ग पर कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही भी बंद रही।
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किसानों का कहना है कि हर साल बरसात में जलस्तर बढ़ने से इस इलाके में फसल को नुकसान होता है। इसके बावजूद भी प्रशासन की ओर से कोई उचित कदम आज तक नहीं उठाए गए हैं। स्थानीय सरपंच सतपाल भगत ने कहा इस दरिया में बाढ़ आने से सबसे अधिक नुकसान इस क्षेत्र के किसानों को होता है। किसानों की फसल भी खराब होती है और कटाव होने से खेत भी पानी में बहते हैं। इसकी रोकथाम के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से किसान गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है। दो दिन हुई बारिश से आई बाढ़ में फिलहाल खेतों में लगी फसल को नुकसान हुआ है। अगर आगे भारी बारिश होती है तो भूमि कटाव का डर भी बना हुआ है। वहीं कंडी के डिंगा अंब क्षेत्र के कुछ नालों में जलस्तर बढ़ने से दसानु से गलमन मार्ग पर कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही भी बंद रही।
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