फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   Encounter between security forces and terrorists in Sufan of Kathua

आतंकियों की घेराबंदी जारी: सुफैन पोस्ट के प्रभारी भी हुए बलिदान, भीषण गोलीबारी के बीच बाहर लाए गए पार्थिव शरीर

Sat, 29 Mar 2025 12:21 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ
अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 29 Mar 2025 12:21 AM IST
सार

भीषण गोलीबारी की वजह से गुरुवार को बलिदान हुए तीनों सीनियर ग्रेड हेड कांस्टेबल तारिक अहमद, जसवंत सिंह और बलविंदर सिंह चिब के पार्थिव शरीर को बाहर निकालने में सुरक्षाबलों को 30 घंटे का समय लग गया। 

विज्ञापन
Encounter between security forces and terrorists in Sufan of Kathua
अंबे नाल से सटे इलाके को घेरकर बैठे सुरक्षाबल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुफैन में आतंकियों के साथ जारी मुठभेड़ में अब तक दो आतंकियों को मार गिराया गया है, जबकि जम्मू-कश्मीर पुलिस के चार जवान बलिदान हुए हैं। पाकिस्तान से घुसपैठ कर आए आतंकियों के दल को ढूंढकर मार गिराने के लिए सुरक्षाबलों का ऑपरेशन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। उज्ज दरिया से सटे सुफैन के अंबे नाल में सुबह आतंकियों के साथ भीषण गोलीबारी का दौर शुरू हुआ जो दिन भर रुक-रुक कर चलता रहा।

विज्ञापन

इलाके में और आतंकियों के भी छिपे होने की आशंका है। ऐसे में घेराबंदी जारी है। क्षेत्र में और आतंकियों के होने और जगह बदलने की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबल जंगल के चप्पे-चप्पे को खंगाल रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

शुक्रवार को पहली किरण के साथ ही घेराबंदी में लिए गए आतंकियों की सुरक्षाबलों ने तलाश शुरू कर दी। सुबह करीब सात बजे दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई। इसके बाद कुछ समय के लिए गोलीबारी रुकी, लेकिन जंगल से रुक-रुककर देर शाम तक गोलियों की आवाज आती रही।

विज्ञापन

30 घंटे लग गए बलिदान जवानों का पार्थिव शरीर मुठभेड़ स्थल से निकालने में
फायरिंग की वजह से वीरवार को बलिदान हुए तीनों सीनियर ग्रेड हेड कांस्टेबल तारिक अहमद, जसवंत सिंह और बलविंदर सिंह चिब के पार्थिव शरीर को बाहर निकालने में सुरक्षाबलों को 30 घंटे का समय लग गया। इसके बाद एंबुलेंस के जरिए बलिदान जवानों के पार्थिव शरीर जीएमसी कठुआ के पोस्टमॉर्टम हाउस में लाए गए। तीनों डीएसपी बाॅर्डर धीरज कटौच के साथ तैनात थे। डीएसपी भी मुठभेड़ में घायल हुए हैं।

सुफैन पोस्ट के प्रभारी भी हुए बलिदान
लापता सुफैन पोस्ट के प्रभारी हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह का पार्थिव शरीर मुठभेड़ स्थल के पास ही देखा गया। देर शाम उनके पार्थिव शरीर को जीएमसी कठुआ पहुंचाया गया। जगबीर मुठभेड़ के दौरान वीरवार को घायल हो गए थे, तबसे उनसे संपर्क नहीं हो पाया था।

बलिदान जवानों को अंतिम सलामी देने पहुंचे डीजीपी
बलिदान तीनों जवानों को अंतिम सलामी देने के लिए डीजीपी नलिन प्रभात समेत पुलिस के आला अधिकारी भी कठुआ पहुंच गए। देर शाम एक और पार्थिव शरीरों को मुठभेड़ स्थल से जीएमसी लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। बलिदानी तारिक अहमद का पार्थिव शरीर पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि के बाद रियासी में उनके पैतृक गांव के लिए रवाना कर दिया गया। बलिदानी बलविंदर सिंह और जसवंत सिंह के पार्थिव शरीर शनिवार सुबह उनके गांव रवाना किए जाएंगे।

तलाशी अभियान जारी रहेगा
सुफैन के अंबे नाल समेत आसपास के इलाकों को सुरक्षाबलों ने घेर रखा है। इलाके में और आतंकियों के छिपे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान जारी रखा गया है। गुरुवार रात से ही आतंकियों की घेराबंदी कर ऑपरेशन को पैरा कमांडो अंजाम दे रहे हैं।

तब तक आराम नहीं करेंगे, जब तक पड़ोसी की नापाक हरकताें पर नकेल न कस दें : डीजीपी
हीरानगर के सन्याल में देखे गए आतंकी वही थे, जिनके साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ सुफैन के अंबे नाल में हुई है। यह पुष्टि जम्मू कश्मीर पुलिस के महानिदेशक नलिन प्रभात ने की। उन्होंने कहा कि सुफैन में दो आतंकी अब तक ढेर कर दिए गए हैं। हमारे चार जवानों ने शहादत पाई है।

डीजीपी ने बताया कि 25 मार्च को एक दंपती ने पाकिस्तानी आतंकियों को देखा और यह खबर साथ साथ ही पुलिस को बताई गई। हमारे पुलिस के अधिकारी बिना देरी के सन्याल पहुंचे। सन्याल में जिस जंगल में बैठे थी वहां पुलिस की पांच आदमियों की छोटी सी टुकड़ी गई। उनके साथ पाकिस्तानी आतंकियों की मुठभेड़ हुई।

तीन आईईडी, दो ग्रेनेड छोड़कर भागे हैं आतंकी
डीजीपी ने बताया कि चार मैगजीन, तीन आईईडी, दो ग्रेनेड और बाकी सामान बरामद हुआ जिसे छोड़कर आतंकी भाग गए। पूरे इलाके में नाकाबंदी की गई। सेना, सीआरपीएफ बीएसएफ भी अभियान में शामिल हुई। चार दिन ऑपरेशन सन्याल चला। इसके बाद खबर मिली कि सुफेन के पास पंजतीर्थी में आतंकी पहुंच गए हैं और बुधवार रात को कार्रवाई शुरू की।

हमारे लोग पहाड़ पर चढ़ रहे थे... आतंकी उन्हें सीधे देख रहे थे
डीजीपी ने कहा कि वीरवार सुबह हमारी बहादुर टुकड़ी के साथ मुठभेड़ हुई। इसमें दो पाकिस्तानियों को मौके पर ही मार गिराया गया। जहां मुठभेड़ हुई वह जगह ऐसी है जहां से हमारे लोग पहाड़ पर चढ़ रहे थे। ऊंचाई पर बैठे आतंकी उन्हें देख रहे थे। हमारे चार बहादुरों को आतंकियों ने शहीद किया है।

बातों से नहीं...काम से होगी भरपाई
डीजीपी ने दो टूक कहा कि इसकी भरपाई बातों से नहीं, काम से होगी। जम्मू-कश्मीर पुलिस का न इरादा कमजोर हुआ है न मकसद हमसे कहीं दूर है। मकसद भी साफ है, इरादा भी मजबूत है और जज्बे की तो कभी कमी ही नहीं थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस इकलौती ऐसी फोर्स है जिसकी बहादुरी, जांबाजी और शहादत की कहानियां तारीख के स्वर्ण अक्षरों में लिखी हैं और लिखी जाएंगी। उन्होंने कहा कि हम सोएंगे नहीं आराम नहीं करेंगे जब तक हमारे नापाक पड़ोसी और उसकी तंजीमों की हरकतों पर नकेल न कस दें। जंग जारी है और जारी रहेगी।
आज शाम तक सब क्लीयर हो जाएगा

डीजीपी ने कहा, ऑपरेशन के दौरान फिलहाल यह जरूरी था कि हमारे शहीदों को उनकी अंतिम यात्रा पर भेजना और उन्हें निकालना। वो पूरा हुआ है और अब अगली कार्रवाई चलेगी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन जारी है। उन्होंने कहा कि इस समय भी भारतीय सेना, पैरा कमांडो और सीआरपीएफ की टीमें ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। शनिवार दोपहर बाद या शाम तक सब क्लीयर हो जाएगा।

अदम्य साहस को सलाम
भारतीय सेना की राइजिंग स्टार कोर ने आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिस कर्मियों की वीरता की सराहना की। सेना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा-राइजिंग स्टार कोर जम्मू-कश्मीर के उन बहादुर पुलिस कर्मियों की वीरता और अदम्य साहस को सलाम करता है, जिन्होंने कठुआ में चल रहे ऑपरेशन के दौरान बहादुरी से लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके साहस और समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा।

बलिदान को नमन
मैं जम्मू-कश्मीर पुलिस के वीर बलिदानियों को नमन करता हूं, जिन्होंने हमारी मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। -मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल

बलिदान हमेशा याद रहेगा
कठुआ में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान बलिदान हुए बलविंदर सिंह चिब, जसवंत सिंह और तारिक अहमद को जब हम याद करते हैं, तो हम गर्व और दुख दोनों से भर उठते हैं। इनके परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। कर्तव्य की राह पर उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। दिवंगतों की आत्मा को शांति मिले और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना। -उमर अब्दुल्ला, सीएम

यह भी पढ़ें: Jammu Kashmir: एक अप्रैल से जम्मू-कश्मीर में महिलाओं के लिए सरकारी बसों में फ्री सफर, दिखाना होगा आधार कार्ड


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed