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प्राइमरी स्कूल सियारू में खतरे में ‘भविष्य’
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बिलावर। बग्गन लोअर पंचायत के वार्ड-2 में प्राइमरी स्कूल सियारू में देश का भविष्य खतरे में है। 2006 में बनाई गई स्कूल की इमारत जर्जर हो चुकी है, जो कभी भी जवाब दे सकती है। स्कूल में 40 विद्यार्थी पढ़ते हैं। डर के साए में शिक्षकों को बच्चों को खुले आसमान तले मैदान में पढ़ाना पढ़ता है। स्कूल की इमारत असुरक्षित होने के कारण एक निजी घर किराए पर लेकर क्लासें लगाई जाती थीं, लेकिन मकान मालिक ने भी घर खाली करवा दिया। जिससे बच्चे मैदान में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
वार्ड पंच अंजू देवी, विजय कुमार, मुल्क राज, गिरधारी लाल और अन्य लोगों ने बताया कि तीन दिन पहले ही मूसलाधार बारिश से स्कूल में बनाया गया रसोई का कमरा गिर गया है। गर्मियों की छुट्टियां होने के चलते कोई भी विद्यार्थी स्कूल में मौजूद नहीं था, अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। यह सब होने के बाद भी प्रशासन व स्कूल शिक्षा विभाग की नींद नहीं खुली है। लगता है प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। लोगों का कहना है कि 16 साल पहले बनाई गई इमारत का काम आज तक पूरा नहीं हुआ है। अभी तक इसकी दीवारों पर प्लास्टर नहीं किया गया है।
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अभिभावक बोले- एक हफ्ते बाद खत्म
हो रहीं छुट्टियां, बच्चों को कैसे भेजें स्कूल
पंचायत के लोगों ने कहा कि समस्या बताने के बाद शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने स्कूल का निरीक्षण किया था और आश्वासन दिया था कि जल्द इमारत की मरम्मत करवाई जाएगी। लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं किया गया। अभिभावकों का कहना है कि एक सप्ताह के बाद छुट्टियां खत्म होने वाली हैं, जिसके बाद स्कूल खुल जाएंगे, लेकिन जर्जर इमारत में बच्चों को स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है। लोगों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि प्राइमरी स्कूल की इमारत की मरम्मत की जाए और स्कूल में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए फिलहाल कोई व्यवस्था की जाए, जिससे स्कूल खुलने के बाद विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को जारी रख सकें।
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इमारत सालों पुरानी, बारिश में छत से टपकता है पानी
16 साल पहले बनाई गई प्राइमरी स्कूल सियारू की इमारत इतनी जर्जर हो चुकी है कि बारिश में छत टपकने लगती है। इससे बच्चों की छुट्टी करनी पड़ जाती है। स्टाफ का कहना है कि हर समय हादसे का डर सताता रहता है। ऐसे में इमारत का जीर्णोद्धार जल्द होना चाहिए। बच्चे इसी जर्जर इमारत के पास से गुजरते हैं। इसके पिलर भी कमजोर हो चुके हैं।
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मामला संज्ञान में है। विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर निरीक्षण करवाया जाएगा। विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो इसके इंतजाम करने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।
चमन लाल, डिप्टी सीईओ बिलावर
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वार्ड पंच अंजू देवी, विजय कुमार, मुल्क राज, गिरधारी लाल और अन्य लोगों ने बताया कि तीन दिन पहले ही मूसलाधार बारिश से स्कूल में बनाया गया रसोई का कमरा गिर गया है। गर्मियों की छुट्टियां होने के चलते कोई भी विद्यार्थी स्कूल में मौजूद नहीं था, अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। यह सब होने के बाद भी प्रशासन व स्कूल शिक्षा विभाग की नींद नहीं खुली है। लगता है प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। लोगों का कहना है कि 16 साल पहले बनाई गई इमारत का काम आज तक पूरा नहीं हुआ है। अभी तक इसकी दीवारों पर प्लास्टर नहीं किया गया है।
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अभिभावक बोले- एक हफ्ते बाद खत्म
हो रहीं छुट्टियां, बच्चों को कैसे भेजें स्कूल
पंचायत के लोगों ने कहा कि समस्या बताने के बाद शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने स्कूल का निरीक्षण किया था और आश्वासन दिया था कि जल्द इमारत की मरम्मत करवाई जाएगी। लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं किया गया। अभिभावकों का कहना है कि एक सप्ताह के बाद छुट्टियां खत्म होने वाली हैं, जिसके बाद स्कूल खुल जाएंगे, लेकिन जर्जर इमारत में बच्चों को स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है। लोगों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि प्राइमरी स्कूल की इमारत की मरम्मत की जाए और स्कूल में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए फिलहाल कोई व्यवस्था की जाए, जिससे स्कूल खुलने के बाद विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को जारी रख सकें।
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इमारत सालों पुरानी, बारिश में छत से टपकता है पानी
16 साल पहले बनाई गई प्राइमरी स्कूल सियारू की इमारत इतनी जर्जर हो चुकी है कि बारिश में छत टपकने लगती है। इससे बच्चों की छुट्टी करनी पड़ जाती है। स्टाफ का कहना है कि हर समय हादसे का डर सताता रहता है। ऐसे में इमारत का जीर्णोद्धार जल्द होना चाहिए। बच्चे इसी जर्जर इमारत के पास से गुजरते हैं। इसके पिलर भी कमजोर हो चुके हैं।
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मामला संज्ञान में है। विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर निरीक्षण करवाया जाएगा। विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो इसके इंतजाम करने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।
चमन लाल, डिप्टी सीईओ बिलावर