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पर्यटन की दृष्टि से विकसित होगा बसोहली
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बसोहली क्षेत्र का किया दौरा करने पहुंचे पर्यटन निदेशक, संवाद।
- फोटो : KATHUA
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बसोहली। पर्यटन विभाग के निदेशक डॉ. विवेकानंद राय ने सोमवार को बसोहली क्षेत्र के पर्यटन स्थलों का दौरा कर कुछ जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं। इस दौरान उनके साथ डीडीसी अध्यक्ष महान सिंह, सीओ दुनी चंद भट्टी, सहायक निदेशक विजय शर्मा, बीडीसी अध्यक्ष सुषमा जमवाल और पर्यटन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
डॉ. विवेकानंद राय ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं पर विचार विमर्श किया। साथ ही पर्यटन के रास्ते में आ रही रुकावटों की जानकारी लेकर शीघ्र उन्हें हल करने के निर्देश दिए। डीडीसी अध्यक्ष ने निदेशक से इलाकों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए प्रोजेक्ट बनाने को कहा। इनमें धार महानपुर, शीतलनगर ब्लॉक और अन्य इलाके शामिल हैं। महान सिंह ने बताया कि एडवेंचर टूरिज्म के लिए फंड मंजूर हुआ है।
निदेशक ने चंचलो माता मंदिर का भी दौरा किया। इस मंदिर की चारदीवारी करीब एक साल से क्षतिग्रस्त है। निदेशक ने अधिकारियों के साथ मंदिर को सुरक्षित करने पर चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने टूरिज्म रिसेप्शन सेंटर की इमारत का भी जायजा लिया। उन्होंने इस इमारत की मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
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डीडीसी अध्यक्ष ने निदेशक को बताया कि यहां के पर्यटन स्थलों पर रोजाना भारी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। लेकिन, यहां सुविधाओं का अभाव है। दौरे के दौरान उस स्थान को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने पर भी विचार विमर्श हुआ। क्योंकि, जो भी पर्यटक वहां पहुंचते हैं, उनके लिए बैठने से लेकर शौचालय जाने तक की सुविधा नहीं है।
इस दौरान पंजाब और हिमाचल से आए पर्यटकों से अधिकारियों ने बात की। उन्होंने पर्यटकों से उनको हो रही परेशानियों के बारे में जाना। पर्यटकों का कहना था कि जितनी सख्ती जम्मू कश्मीर के बसोहली में प्रशासन करता है, इतनी सख्ती पंजाब व हिमाचल में नहीं है। बसोहली में कोरोना टेस्ट से लेकर पुलिस के लगाए नाकों में पर्यटकों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। धार महानपुर, बनी, चला, गोडल, गंरडा, आदि स्थानों में पर्यटन के लिहाज से काफी संभावनाएं हैं, जिन्हें भविष्य में विकसित किया जाएगा।
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डॉ. विवेकानंद राय ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं पर विचार विमर्श किया। साथ ही पर्यटन के रास्ते में आ रही रुकावटों की जानकारी लेकर शीघ्र उन्हें हल करने के निर्देश दिए। डीडीसी अध्यक्ष ने निदेशक से इलाकों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए प्रोजेक्ट बनाने को कहा। इनमें धार महानपुर, शीतलनगर ब्लॉक और अन्य इलाके शामिल हैं। महान सिंह ने बताया कि एडवेंचर टूरिज्म के लिए फंड मंजूर हुआ है।
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निदेशक ने चंचलो माता मंदिर का भी दौरा किया। इस मंदिर की चारदीवारी करीब एक साल से क्षतिग्रस्त है। निदेशक ने अधिकारियों के साथ मंदिर को सुरक्षित करने पर चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने टूरिज्म रिसेप्शन सेंटर की इमारत का भी जायजा लिया। उन्होंने इस इमारत की मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
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डीडीसी अध्यक्ष ने निदेशक को बताया कि यहां के पर्यटन स्थलों पर रोजाना भारी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। लेकिन, यहां सुविधाओं का अभाव है। दौरे के दौरान उस स्थान को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने पर भी विचार विमर्श हुआ। क्योंकि, जो भी पर्यटक वहां पहुंचते हैं, उनके लिए बैठने से लेकर शौचालय जाने तक की सुविधा नहीं है।
इस दौरान पंजाब और हिमाचल से आए पर्यटकों से अधिकारियों ने बात की। उन्होंने पर्यटकों से उनको हो रही परेशानियों के बारे में जाना। पर्यटकों का कहना था कि जितनी सख्ती जम्मू कश्मीर के बसोहली में प्रशासन करता है, इतनी सख्ती पंजाब व हिमाचल में नहीं है। बसोहली में कोरोना टेस्ट से लेकर पुलिस के लगाए नाकों में पर्यटकों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। धार महानपुर, बनी, चला, गोडल, गंरडा, आदि स्थानों में पर्यटन के लिहाज से काफी संभावनाएं हैं, जिन्हें भविष्य में विकसित किया जाएगा।