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आईबी से सटे गांव में वर्षों बाद आयोजित हुए दंगल में उमड़ी भीड़
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हीरानगर। संघर्ष विराम के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से सटे गांव मनियारी में वर्षों बाद दंगल का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। वर्षों बाद दंगल होने से लोग बेहद खुश देखे गए। उनका कहना था कि वर्षों बाद ऐसा वातावरण बना, जो इस तरह का कार्यक्रम आयोजित हुआ।
दंगल में बिना किसी डर के स्थानीय पहलवानों के अलावा दूसरे राज्यों से भी पहलवान पहुंचे। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे कर्ण कुमार अत्रि ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से यहां इस तरह का वातावरण बना है कि संस्कृति से जुड़े इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन हो पाया है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए दंगल मनोरंजन का साधन है, जो सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान की ओर से की जाने वाली गोलाबारी के कारण बंद पड़ा था। इस तरह के दंगल युवाओं को प्रेरित करते हैं।
स्थानीय नायब सरपंच कुलदीप वर्मा ने कहा कि वर्षों बाद हुए इस जंगल ने पुरानी यादें ताजा की हैं। आईबी पर पाकिस्तान की ओर से की जाने वाली गोलाबारी के कारण इस तरह के कार्यक्रम बंद पड़े थे। दंगल में विभिन्न सीमावर्ती गांवों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोगों का कहना था कि इस तरह का माहौल इस इलाके में हमेशा बना रहे, ताकि यहां की नई पीढ़ी को भी इस तरह के कार्यक्रम देखने का मौका मिले।
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दंगल में बिना किसी डर के स्थानीय पहलवानों के अलावा दूसरे राज्यों से भी पहलवान पहुंचे। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे कर्ण कुमार अत्रि ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से यहां इस तरह का वातावरण बना है कि संस्कृति से जुड़े इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन हो पाया है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए दंगल मनोरंजन का साधन है, जो सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान की ओर से की जाने वाली गोलाबारी के कारण बंद पड़ा था। इस तरह के दंगल युवाओं को प्रेरित करते हैं।
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स्थानीय नायब सरपंच कुलदीप वर्मा ने कहा कि वर्षों बाद हुए इस जंगल ने पुरानी यादें ताजा की हैं। आईबी पर पाकिस्तान की ओर से की जाने वाली गोलाबारी के कारण इस तरह के कार्यक्रम बंद पड़े थे। दंगल में विभिन्न सीमावर्ती गांवों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोगों का कहना था कि इस तरह का माहौल इस इलाके में हमेशा बना रहे, ताकि यहां की नई पीढ़ी को भी इस तरह के कार्यक्रम देखने का मौका मिले।
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