नव वर्ष 2021 की शुरुआत हो चुकी है। हर ओर जश्न का आलम है। जिले के लोग भी नए साल के स्वागत में व्यस्त हैं। शुक्रवार को सुबह-सवेरे ही लोग मंदिरों में पहुंचने शुरू हो गए थे। शहर के मंदिरों में भी दर्शन करने वालों की भीड़ रही। जसरोटा माता मंदिर, बाला सुंदरी माता मंदिर नगरी, प्राचीन शिव गुफा महानाल में सैकड़ों की संख्या में लोग पूजा-अर्चना करने पहुंचे। इस दौरान उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ कोरोना महामारी से निजात दिलाने के लिए प्रार्थना भी की।
प्राचीन शिव गुफा महानाल में श्रद्धालुओं की लंबी कतार नजर आई। आपशंभू पर जलाभिषेक के लिए भी सभी उत्साहित नजर आए। इस बीच मंत्रोच्चारण के साथ विशेष पूजा अर्चना भी की गई। उधर शहर व आसपास के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही, जिसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। नव वर्ष में श्रद्धालुओं के बड़ी तादाद में आगमन को लेकर मंदिर में रंग-बिरंगे गुब्बारे व पुष्प से विशेष सजावट की गई थी। मलामन के पहाड़ों की तलहटी में स्थित पवित्र गुफा में प्राकृतिक शिवलिंग को लेकर श्रद्धालुओं की आस्था देखते बन रही थी। उज्ज दरिया से सटे महानाल के लिए राजबाग से पंद्रह किलोमीटर का सफर तय करके जाना पड़ता है। गुफा से सटे जंगलों की वनस्पति और मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता झरना अलौकिक अनुभूति का अहसास करवाता है। गुफा के बिल्कुल विपरीत महाशक्ति और मां वैष्णवी की मूर्तियां हैं। कमेटी के प्रयासों से गुफा में कई देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं।