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छात्रा की हत्या के विरोध में किया प्रदर्शन
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कठुआ। आगरा में दो बाइक सवार युवकों ने 15 वर्षीय हाईस्कूल की छात्रा पर पेट्रोल छिड़क कर उसे जिंदा जला दिया था। इसके विरोध में पूरे देश में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। मंगलवार को घटना के विरोध में गुरु रविदास एमएल रिलिजियस ट्रस्ट ने कठुआ में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि यदि यूपी और केंद्र की सरकारों ने इस मामले में कड़े कदम नहीं उठाए तो अनुसूचित जाति के लोग पूरे देश में सड़कों पर उतरेंगे।
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि जब से केंद्र और यूपी समेत कई राज्यों में भाजपा की सरकारें बनी हैं, अनुसूचित जाति के लोगों पर हर दिन हमले हो रहे हैं। उनकी बहन-बेटियों की आबरू से खिलवाड़ के मामले बढ़े हैं। इतना ही नहीं विरोध करने पर अनुसूचित जाति की लड़कियों को जिंदा जलाया जा रहा है, जैसा कि आगरा में भी हुआ। इतने ज्यादा मामले आने के बाद भी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंह से एक लब्ज तक नहीं निगल रहा है। जिस तरह से एक समुदाय व जाति विशेष के लोगों के साथ ऐसी घटनाएं हो रही हैं, वे एक लोकतांत्रिक देश के लिए शर्म की बात हैं।
प्रदर्शनकारियों में शामिल ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि 18 दिसंबर को छात्रा पर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। उन्नीस दिसंबर को छात्रा की अस्पताल में मौत हो गई। इस संबंध में यूपी पुलिस ने अब तक केवल दो लोगों को शक के बिना पर हिरासत में लिया है। इस मामले को भी अन्य मामलों की तरह ही योगी सरकार लटका रही है। एक सप्ताह का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस कोई ठोस पहल नहीं कर पाई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगीराज आने के बाद से एक तरफ जहां गुंडागर्दी बढ़ी है, वहीं अनुसूचित जाति के खिलाफ ऐसे मामले भी आम हो गए हैं। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि यदि ऐसा ही रहा तो देश में अराजकता का माहौल बन जाएगा। उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो देश भर में व्यापक आंदोलन शुरू किए जाएंगे।
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छात्रा के कातिलों को फांसी देने की मांग
ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि मोदी सरकार का ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान महज एक कोरा नारा भर रह गया है। वह आम जनता से किए वादों को पूरा करने में पूरी तरह असफल रही है, ऐसे में वह समाज में जाति-धर्म का जहर भर कर लोगों का आपस में लड़ाना चाहती है। प्रदर्शन में शामिल लोगों कहा कि उनकी पहली मांग है कि छात्रा के कातिलों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। दूसरा छात्रा के परिवार में एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए और पीड़ित परिवार को यूपी सरकार एक करोड़ का मुआवजा दे।
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प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि जब से केंद्र और यूपी समेत कई राज्यों में भाजपा की सरकारें बनी हैं, अनुसूचित जाति के लोगों पर हर दिन हमले हो रहे हैं। उनकी बहन-बेटियों की आबरू से खिलवाड़ के मामले बढ़े हैं। इतना ही नहीं विरोध करने पर अनुसूचित जाति की लड़कियों को जिंदा जलाया जा रहा है, जैसा कि आगरा में भी हुआ। इतने ज्यादा मामले आने के बाद भी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंह से एक लब्ज तक नहीं निगल रहा है। जिस तरह से एक समुदाय व जाति विशेष के लोगों के साथ ऐसी घटनाएं हो रही हैं, वे एक लोकतांत्रिक देश के लिए शर्म की बात हैं।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि 18 दिसंबर को छात्रा पर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। उन्नीस दिसंबर को छात्रा की अस्पताल में मौत हो गई। इस संबंध में यूपी पुलिस ने अब तक केवल दो लोगों को शक के बिना पर हिरासत में लिया है। इस मामले को भी अन्य मामलों की तरह ही योगी सरकार लटका रही है। एक सप्ताह का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस कोई ठोस पहल नहीं कर पाई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगीराज आने के बाद से एक तरफ जहां गुंडागर्दी बढ़ी है, वहीं अनुसूचित जाति के खिलाफ ऐसे मामले भी आम हो गए हैं। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि यदि ऐसा ही रहा तो देश में अराजकता का माहौल बन जाएगा। उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो देश भर में व्यापक आंदोलन शुरू किए जाएंगे।
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छात्रा के कातिलों को फांसी देने की मांग
ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि मोदी सरकार का ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान महज एक कोरा नारा भर रह गया है। वह आम जनता से किए वादों को पूरा करने में पूरी तरह असफल रही है, ऐसे में वह समाज में जाति-धर्म का जहर भर कर लोगों का आपस में लड़ाना चाहती है। प्रदर्शन में शामिल लोगों कहा कि उनकी पहली मांग है कि छात्रा के कातिलों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। दूसरा छात्रा के परिवार में एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए और पीड़ित परिवार को यूपी सरकार एक करोड़ का मुआवजा दे।