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सीबीआई जांच के लिए अनशन जारी
Updated Wed, 25 Apr 2018 01:56 AM IST
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हीरानगर। रसाना कांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कूटा में 25 दिन से अनशन पर बैठे लोग अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। अनशन पर बैठे लोगों ने कहा कि सीबीआई जांच से ही बच्ची को इंसाफ मिल सकता है। आठ वर्षीय बच्ची के अपहरण व हत्या मामले की जांच सीबीआई से कराने को लेकर 31 मार्च को क्रमिक अनशन शुरू किया। 25 वे दिन महेंद्र पाल व घनश्याम ने मोर्चा संभाला।
धरने पर बैठे महेंद्र पाल व घनश्याम ने कहा कि सीबीआई जांच की मांग करना कोई गुनाह नहीं है। सरकार जानबूझकर लोगों की आवाज को दबाना चाहती है। सीबीआई मांग पीड़िता के परिवार वाले भी पहले कर चुके हैं, लेकिन इस मसले को सियासी रंग देने के लिए उन्हें चुप करा दिया गया।
राज्य सरकार क्षेत्र में माहौल बिगाड़ने के लिए इस मामले को लंबा खींचने का काम कर रही है। मासूम बच्ची की मौत हिंदू मुस्लिम फसाद का कारण बने यह षड्यंत्र रचा जा रहा है। हम अपनी मांग पर अड़े हुए हैं, और आगे भी हमारी लड़ाई इसी तरह जारी रहेगी। अनशनकारियों के समर्थन में आए लोगों ने भी सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी पर भरोसा क्यों नहीं है। अगर भरोसा है तो फिर सीबीआई जांच में देरी क्यों।
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धरने पर बैठे महेंद्र पाल व घनश्याम ने कहा कि सीबीआई जांच की मांग करना कोई गुनाह नहीं है। सरकार जानबूझकर लोगों की आवाज को दबाना चाहती है। सीबीआई मांग पीड़िता के परिवार वाले भी पहले कर चुके हैं, लेकिन इस मसले को सियासी रंग देने के लिए उन्हें चुप करा दिया गया।
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राज्य सरकार क्षेत्र में माहौल बिगाड़ने के लिए इस मामले को लंबा खींचने का काम कर रही है। मासूम बच्ची की मौत हिंदू मुस्लिम फसाद का कारण बने यह षड्यंत्र रचा जा रहा है। हम अपनी मांग पर अड़े हुए हैं, और आगे भी हमारी लड़ाई इसी तरह जारी रहेगी। अनशनकारियों के समर्थन में आए लोगों ने भी सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी पर भरोसा क्यों नहीं है। अगर भरोसा है तो फिर सीबीआई जांच में देरी क्यों।
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