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Kathua News: कठुआ कोर्ट ने पुलिस को दिया एफआईआर दर्ज करने का आदेश
Mon, 09 Jun 2025 01:24 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 09 Jun 2025 01:24 AM IST
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कठुआ। जिले में एक गंभीर आपराधिक मामले पर सुनवाई के दौरान विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट की अदालत ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। इसमें विपक्षियों पर धमकाने, बंधक बनाकर अपहरण और हत्या की कोशिश का आरोप लगाया लगाया है।
बसवाईं मोड़ के पास स्थित गांव चकरामचंद निवासी शिकायतकर्ता दिनेश सिंह ने अदालत में याचिका दायर की। इसमें उन्होंने पुलिस स्टेशन कठुआ में एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की थी। दिनेश ने आरोप लगाया कि हीरानगर क्षेत्र के तीन नामजद आरोपियों के साथ कुछ अन्य लोगों ने उनके खिलाफ साजिश रचकर उनकी जान लेने की कोशिश की।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एक आरोपी ने कोर्ट परिसर में उन्हें धमकी दी कि यदि उन्होंने उनके खिलाफ दायर सिविल केस वापस नहीं लिया, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
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इसके बाद एक अन्य आरोपी ने इंस्टाग्राम और फोन कॉल्स के जरिए उन्हें चडवाल बुलाया, जहां दो बाइक सवारों ने उनके चेहरे पर जहरीले रसायन का स्प्रे कर दिया, जिससे वह बेहोश हो गए।
जब उन्हें होश आया, तो पाया कि वह एक अंधेरे कमरे में थे, जहां उनके हाथ और पैर रस्सियों से बंधे थे। वहां उन्होंने तीसरे आरोपी को भी देखा और आरोप लगाया कि पांच अन्य नकाबपोश लोगों के साथ मिलकर उनकी हत्या की कोशिश की गई, लेकिन वह किसी तरह बचकर भाग निकले।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने पुलिस रिपोर्ट की समीक्षा की, जिसमें पता चला कि दोनों पक्षों के बीच पहले से कई आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। हालांकि, शिकायतकर्ता ने दावा किया कि पुलिस ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की थी, लेकिन बाद में जबरन उनके बयान लिए गए।
शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पुलिस स्टेशन कठुआ को एफआईआर दर्ज करने और मामले की विस्तृत जांच शुरू करने का आदेश दिया गया।
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बसवाईं मोड़ के पास स्थित गांव चकरामचंद निवासी शिकायतकर्ता दिनेश सिंह ने अदालत में याचिका दायर की। इसमें उन्होंने पुलिस स्टेशन कठुआ में एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की थी। दिनेश ने आरोप लगाया कि हीरानगर क्षेत्र के तीन नामजद आरोपियों के साथ कुछ अन्य लोगों ने उनके खिलाफ साजिश रचकर उनकी जान लेने की कोशिश की।
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एक आरोपी ने कोर्ट परिसर में उन्हें धमकी दी कि यदि उन्होंने उनके खिलाफ दायर सिविल केस वापस नहीं लिया, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
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इसके बाद एक अन्य आरोपी ने इंस्टाग्राम और फोन कॉल्स के जरिए उन्हें चडवाल बुलाया, जहां दो बाइक सवारों ने उनके चेहरे पर जहरीले रसायन का स्प्रे कर दिया, जिससे वह बेहोश हो गए।
जब उन्हें होश आया, तो पाया कि वह एक अंधेरे कमरे में थे, जहां उनके हाथ और पैर रस्सियों से बंधे थे। वहां उन्होंने तीसरे आरोपी को भी देखा और आरोप लगाया कि पांच अन्य नकाबपोश लोगों के साथ मिलकर उनकी हत्या की कोशिश की गई, लेकिन वह किसी तरह बचकर भाग निकले।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने पुलिस रिपोर्ट की समीक्षा की, जिसमें पता चला कि दोनों पक्षों के बीच पहले से कई आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। हालांकि, शिकायतकर्ता ने दावा किया कि पुलिस ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की थी, लेकिन बाद में जबरन उनके बयान लिए गए।
शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पुलिस स्टेशन कठुआ को एफआईआर दर्ज करने और मामले की विस्तृत जांच शुरू करने का आदेश दिया गया।