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Kathua News: मोटरसाइकिल चोरी मामले में आरोपी को दी सशर्त जमानत

Mon, 19 May 2025 12:29 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Mon, 19 May 2025 12:29 AM IST
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Conditional bail granted to accused in motorcycle theft case
संवाद न्यूज एजेंसी
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कठुआ। विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने मोटरसाइकिल चोरी मामले में आरोपी को सशर्त जमानत दी है। आदेश के अनुसार आरोपी को जमानत के लिए 30 हजार रुपये का जमानत बांड कोर्ट के समक्ष और समान राशि का व्यक्तिगत बांड जिला जेल प्रभारी के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा कोर्ट ने अभियुक्त को मामले की जांच में सहयोग करने और किसी भी तरीके अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित नहीं करने का निर्देश दिया है। पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी शमी कुमार निवासी बुद्धि कठुआ पर आरोप है कि उसने 29 अप्रैल को शिकायतकर्ता के लोगेट मोड़ स्थित घर में मोटरसाइकिल को चोरी किया है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत पुलिस को की थी। इसके बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 331 (3)/305 मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई।
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आरोपी के वकील ने बीती 13 मई को कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई। आरोपी के वकील ने कहा कि उसका मुव्वकिल निर्दोष है और पुलिस ने उसे झूठे मामले में फंसाया है। लिहाजा उसे जमानत दी जाए और वह जमानत के लिए कोर्ट की सभी शर्तों को भी मानने के लिए तैयार है। इसका अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध किया गया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी जघन्य और गैर जमानती अपराध के लिए हिरासत में है। उन्होंने तर्क दिया कि आरोपी के खुलासे पर ही मोटरसाइकिल बरामद किया गया हैै। ऐसे में अगर आरोपी को जमानत दी जाती है तो इसकी पूरी संभावना है कि वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए आरोपी की जमानत को खारिज करने की अपील की गई।
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इसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने बाद कोर्ट ने कहा कि न्यायशास्त्र का सिद्धांत के मुताबिक जमानत देना नियम है और इसे अस्वीकार करना एक अपवाद है। न्यायाधीश ने कहा कि अभियुक्त द्वारा किए गए अपराध न तो आजीवन कारावास और न ही मृत्युदंड से दंडनीय हैं। मामले में वसूली भी हो चुकी है और रिकॉर्ड पर ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे यह संकेत मिले कि यदि उसे जमानत पर रिहा किया जाता है, तो वह मुकदमे को प्रभावित करेगा। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सशर्त जमानत देेने का आदेश सुनाया है।
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