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Kathua News: हर 100 मीटर के बाद गड्ढा, आफत में जान

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City Lifeline Main Road in Poor Condition
- शहर की लाइफ लाइन सात किलोमीटर लंबी सड़क प्रतिदिन हो रही बदहाल, जगह-जगह बने गड्ढे दे रहे हादसों को न्यौता
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के लोगों को आवागमन की सुविधा देने वाली सड़क बदहाल होती जा रही है। कालीबड़ी से शुरू होकर वाया शहीदी चौक, मुखर्जी चौक हटली मोड़ को जोड़ने वाली करीब सात किलोमीटर सड़क पर हर 100 मीटर के बाद एक गड्ढा वाहन चालकों की जान आफत में डाल रहा है।
इस वजह से सड़क पर दोपहिया वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना बढ़ गई है। लोगों को सुविधा देने के बजाए अब ये सड़क असुविधा का कारण बन रही है। शहर के 21 वार्डों में रहने वाली एक लाख से ज्यादा की आबादी के लिए करीब पंद्रह वर्ष पूर्व यह सड़क बनाई गई थी। मौजूदा सूरत-ए-हाल यह कि हर सौ मीटर के बाद एक गड्ढा नजर आता है। सड़क पर बने इस गड्ढों के कारण सबसे ज्यादा छोटे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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लोगों की मानें तो जगह-जगह बने इन गड्ढों के कारण ये सड़क जानलेवा बन चुकी है। बेहद खराब इस सड़क के कारण कब कौन सा वाहन दुर्घटना ग्रस्त हो जाए, इसका कोई पता नहीं। सबसे अधिक डर दोपहिया वाहन चलाने वालों को सताता है। थोड़ी भी असावधानी बरतने पर उनका चोटिल होना तय है।
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सड़क के साथ लगते हैं पांच स्कूल व डिग्री कॉलेज

शहर की प्रमुख सड़क के साथ लगने वाले शिक्षण संस्थानों की बात की जाए सरकारी डिग्री कॉलेज सहित पांच हायर सेकेंडरी स्कूल भी पड़ते हैं। यहां आने वाले अवयस्क विद्यार्थी उत्साह में अपने दोपहिया वाहन को इतनी तेज दौड़ाते हैं कि उनके चोटिल होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। क्योंकि टूटी सड़क पर कहीं गड्ढा तो कहीं उससे निकलने वाली बजरी उनकी जान के लिए खतरा बन सकती है।

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तीन साल में भारी वाहनों की संख्या हुई दोगुनी से ज्यादा

शहरी वाहनों को हाईवे से जोड़ने के लिए बनाई गई इस सड़क पर पिछले तीन सालों के दौरान भारी वाहनों की संख्या दोगुना से भी ज्यादा हो गई है। दरअसल दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे के जारी निर्माण कार्य के चलते प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में निर्माण सामग्री लेकर चलने वाले डंपरों से सड़क पर दबाव बढ़ गया है। कई बार 150 टन से भी ज्यादा का लोड लेकर चलने वाले यह डंपर सड़क को नुकसान पहुंचा रहे हैं।


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कोई ऐसा हिस्सा नहीं, जो गड्ढा मुक्त हो

सड़क पर जहां हटली मोड़, सावन चक गुरुद्वारा के पास, शास्त्री नगर, आंबेडकर पुल, शहीदी चौक के पास बने गड्ढे जहां वाहन की रफ्तार को रोक देते हैं। कालीबड़ी से लेकर डीसी कार्यालय तक के हिस्से को अगर छोड़ दिया जाए तो अतिरिक्त बचने वाली पूरी सड़क का कोई भी ऐसा हिस्सा नही हैं जो गड्ढा मुक्त हो। ऐसे में हर सौ मीटर पर मिलने वाला नया गड्ढा वाहन चालकों के ड्राइविंग कौशल की परीक्षा लेता है।

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मरम्मत के लिए जारी नहीं हुआ फंड


लोक निर्माण विभाग के अधीन इस सड़क की मरम्मत के लिए हर साल विभाग द्वारा मुख्य अभियंता कार्यालय को रिपोर्ट दी जाती है। जिसके आधार पर जारी होने वाले फंड से विभाग हर साल इस प्रमुख सड़क की मरम्मत करता था लेकिन मौजूदा वित्तीय वर्ष में कोई फंड ही जारी नहीं हुआ है। जबकि विभाग के मुताबिक इसकी रिपोर्ट करीब छह माह पूर्व दी जा चुकी है। ऐसे में सड़क की दशा को सुधारने के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई है और लोग गड्ढों से भरी इस सड़क पर चलने के लिए मजबूर हैं।

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शहर की इस प्रमुख सड़क की समस्या संज्ञान में है। इस बारे में लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता से बात भी की गई। जिन्होंने सड़की मौजूदा हालत की रिपोर्ट जम्मू-कश्मीर सरकार के मुख्य सचिव को भेजी है। वहां से जैसे ही इस बाबत फंड जारी होता है, सड़क की मरम्मत का काम शुरू करवाया जाएगा।
-डॉ. भारत भूषण, विधायक कठुआ।
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