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Kathua News: कई जगह पड़े हैं मवेशियों के शव, दूषित पानी पीकर गुजारा कर रहे लोग
Fri, 22 Aug 2025 01:07 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Fri, 22 Aug 2025 01:07 AM IST
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जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे को बाढ से हुए नुकसान को दुरूस्त करने में जुटी मशीनेंसंवाद
कठुआ। जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे के किनारों को पहुंची क्षति और बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हाईवे के हिस्सों को दुरूस्त करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। वीरवार को जीएमसी कठुआ के पास मशीनों की मदद से बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र की मरम्मत शुरू की गई।
बाढ़ से तबाही के बाद राहत व बचाव कार्य तेजी से जारी है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों के लिए मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करना बना हुआ है। आपदा के छह दिन बाद भी अधिकांश क्षेत्रों में बाढ़ व भूस्खलन की जद में आकर मरे मवेशियों के शव जगह-जगह पड़े हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इन हालातों के बीच लोगों को महामारी फैलने का भी डर सता रहा है।
कठुआ जिले में बादल फटने से आई आपदा में सात लोगों की मौत हो गई और 13 लोग घायल भी हुए हैं। कई जगह सड़क भंग होने के चलते घायलों के पहुंचने का सिलसिला अगले तीन दिन तक जारी रहा। भेड़ बलोड़़, दिलवां समेत जंगलोट के इलाके में भूस्खलन और बाढ़ की चपेट में आकर लोग घायल हुए थे। फिलहाल सात लोगों का इलाज जीएमसी कठुआ में जारी है। उधर, चार लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। यह आपदा हजारों लोगों को ताउम्र न भूलने वाले जहन के जख्म भी दे गई है।
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बाढ़ से तबाही के बाद राहत व बचाव कार्य तेजी से जारी है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों के लिए मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करना बना हुआ है। आपदा के छह दिन बाद भी अधिकांश क्षेत्रों में बाढ़ व भूस्खलन की जद में आकर मरे मवेशियों के शव जगह-जगह पड़े हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इन हालातों के बीच लोगों को महामारी फैलने का भी डर सता रहा है।
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कठुआ जिले में बादल फटने से आई आपदा में सात लोगों की मौत हो गई और 13 लोग घायल भी हुए हैं। कई जगह सड़क भंग होने के चलते घायलों के पहुंचने का सिलसिला अगले तीन दिन तक जारी रहा। भेड़ बलोड़़, दिलवां समेत जंगलोट के इलाके में भूस्खलन और बाढ़ की चपेट में आकर लोग घायल हुए थे। फिलहाल सात लोगों का इलाज जीएमसी कठुआ में जारी है। उधर, चार लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। यह आपदा हजारों लोगों को ताउम्र न भूलने वाले जहन के जख्म भी दे गई है।
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