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Kathua News: पांच करोड़ की इमारत बनी सफेद हाथी
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शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बनाई गई पांच करोड़ की बहुमंजिला पार्किंग इमारत उद्घाटन के पांच महीने बाद भी बेकार पड़ी है। नगर परिषद के लिए यह इमारत सफेद हाथी बन कर रह गई है, जिससे न तो शहर की पार्किंग समस्या हल हो रही है और न ही इसका कोई इस्तेमाल हो पा रहा है।
यह इमारत मुखर्जी चौक के पास तीन साल में बनकर तैयार हुई थी, जिसमें सौ से अधिक वाहनों को खड़ा करने की क्षमता है। लेकिन श्रमशक्ति की कमी के कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है। नगर परिषद अब इसे निजी हाथों में सौंपने की कोशिश कर रही है, जिसके लिए पिछले पांच महीनों में छह बार टेंडर निकाले जा चुके हैं। पर कोई भी ठेकेदार आगे नहीं आ रहा। इसका मुख्य कारण टेंडर की ऊंची न्यूनतम राशि है। अधिकारियों ने बताया कि परिषद ने इसे आउटसोर्स करने के लिए न्यूनतम 60 लाख रुपये और पांच साल की अवधि निर्धारित की है जो बोली लगाने वालों को ज्यादा लग रही है। पहले यह अवधि तीन साल थी, जिसे अब बढ़ाकर पांच साल कर दिया गया है। शहरवासियों का कहना है कि जब तक यह पार्किंग आउटसोर्स नहीं होती, तब तक इसे आम लोगों के लिए खोल देना चाहिए ताकि सड़क किनारे खड़े होने वाले वाहनों की पार्किंग से निजात मिल सके और जाम की समस्या कम हो।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने 19 अप्रैल को किया था उद्घाटन
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसी वर्ष 19 अप्रैल को नवनिर्मित पार्किंग इमारत का लोकार्पण किया था। उद्घाटन के बाद से ही उम्मीद जताई जा रही थी कि लोगों को जल्द कार पार्किंग की सुविधा मिल पाएगी, लेकिन इस सुविधा के लिए शहरवासियों का इंतजार बढ़ता ही जा रहा है। इसके कारण शहर की यातायात समस्या नहीं सुलझ सकी है। इस दोमंजिला इमारत में कुल 110 कारों के खड़ा होने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक इमारत में 35 कारों के खड़ा करने इंतजाम है। वहीं, वर्ष 2022 में इस इमारत का नींवपत्थर रखा गए था, जो तीन सालों के लंब अंतराल के बाद मार्च 2025 में निर्माणकार्य पूरा हुआ था।
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नगर परिषद के पास पर्याप्त श्रमशक्ति न होने के चलते नगर परिषद इस पार्किंग को आउटसोर्स करने की योजना है। जिसके लिए नगर परिषद पांच बार निविदा लगा चुका है, लेकिन अभी तक कोई भी बोलीदार सामने नहीं आया है। एक बार फिर टेंडर लगाया जा चुका है, इस बार पूरी उम्मीद है कि कोई न कोई बोलीदार सामने आएगा और इसे जल्द कार्यात्मक बनाया जाएगा। -अमित कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कठुआ।
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यह इमारत मुखर्जी चौक के पास तीन साल में बनकर तैयार हुई थी, जिसमें सौ से अधिक वाहनों को खड़ा करने की क्षमता है। लेकिन श्रमशक्ति की कमी के कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है। नगर परिषद अब इसे निजी हाथों में सौंपने की कोशिश कर रही है, जिसके लिए पिछले पांच महीनों में छह बार टेंडर निकाले जा चुके हैं। पर कोई भी ठेकेदार आगे नहीं आ रहा। इसका मुख्य कारण टेंडर की ऊंची न्यूनतम राशि है। अधिकारियों ने बताया कि परिषद ने इसे आउटसोर्स करने के लिए न्यूनतम 60 लाख रुपये और पांच साल की अवधि निर्धारित की है जो बोली लगाने वालों को ज्यादा लग रही है। पहले यह अवधि तीन साल थी, जिसे अब बढ़ाकर पांच साल कर दिया गया है। शहरवासियों का कहना है कि जब तक यह पार्किंग आउटसोर्स नहीं होती, तब तक इसे आम लोगों के लिए खोल देना चाहिए ताकि सड़क किनारे खड़े होने वाले वाहनों की पार्किंग से निजात मिल सके और जाम की समस्या कम हो।
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मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने 19 अप्रैल को किया था उद्घाटन
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसी वर्ष 19 अप्रैल को नवनिर्मित पार्किंग इमारत का लोकार्पण किया था। उद्घाटन के बाद से ही उम्मीद जताई जा रही थी कि लोगों को जल्द कार पार्किंग की सुविधा मिल पाएगी, लेकिन इस सुविधा के लिए शहरवासियों का इंतजार बढ़ता ही जा रहा है। इसके कारण शहर की यातायात समस्या नहीं सुलझ सकी है। इस दोमंजिला इमारत में कुल 110 कारों के खड़ा होने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक इमारत में 35 कारों के खड़ा करने इंतजाम है। वहीं, वर्ष 2022 में इस इमारत का नींवपत्थर रखा गए था, जो तीन सालों के लंब अंतराल के बाद मार्च 2025 में निर्माणकार्य पूरा हुआ था।
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नगर परिषद के पास पर्याप्त श्रमशक्ति न होने के चलते नगर परिषद इस पार्किंग को आउटसोर्स करने की योजना है। जिसके लिए नगर परिषद पांच बार निविदा लगा चुका है, लेकिन अभी तक कोई भी बोलीदार सामने नहीं आया है। एक बार फिर टेंडर लगाया जा चुका है, इस बार पूरी उम्मीद है कि कोई न कोई बोलीदार सामने आएगा और इसे जल्द कार्यात्मक बनाया जाएगा। -अमित कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कठुआ।