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Kathua News: जर्जर टिन शेड में चल रहा रिया सिहाल विद्यालय
Tue, 12 Aug 2025 01:28 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 12 Aug 2025 01:28 AM IST
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गवर्नमेंट मिडिल स्कूल रिया सियाल की जर्जर हुई टिन। स्रोत : जागरूक पाठक
तीन कमरों में पढ़ते हैं 110 बच्चे, शौचालय एक, पीने का पानी नहीं, बावलियों से बच्चे लाते हैं पानी
बिलावर। मिडिल स्कूल रिया सिहाल 35 साल पुराने टिन के शेड में चल रहा है। इनकी चादरों में जगह-जगह जंग लग गया है जिसके कारण टिन की चादरें जगह जगह से टूट गई हैं। ऐसे खस्ताहाल स्कूल में पहली से लेकर आठवीं तक की 8 कक्षाएं चलती हैं। नए भवन के लिए निर्धारित जमीन पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। स्कूल में तीन शिक्षक और 110 बच्चे हैं।
विद्यालय में टिन शेड के चार कमरे हैं जिनमें एक में हेडमास्टर का कार्यालय चलता है। बाकी के तीन कमरों में पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। स्कूल आने जाने का रास्ता भी नहीं है। बच्चे पगडंडियों से होकर स्कूल आते हैं। रास्ते में सांप बिच्छू काटने का डर बना रहता है। बच्चे जब तक घर नहीं पहुंचते अभिभावकों की जान अटकी रहती है।
बारिश के दौरान टीन की छत से पानी टपकने लगता है। तेज बारिश होने पर स्कूल बंद करने के अलावा कोई चारा नहीं होता। गर्मी में टिन की छत तपने के कारण बच्चे और शिक्षक पसीने से तर-बतर हो जाते हैं।
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स्कूल की चहारदीवारी भी नहीं है। 110 बच्चों पर एक शौचालय है, उसमें भी न फाटक है न ही पानी की व्यवस्था। यहां तक कि पीने के पानी का भी इंतजाम नहीं है। बच्चे बावलियों से पानी भर कर लाते हैं। मिड-डे मील में भी इन्हीं बावलियों का ही पानी इस्तेमाल होता है। स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से स्कूल की नई इमारत बनाने की मांग की है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
निर्धारित मानकों का 25 फीसदी इस्तेमाल नहीं
- स्कूल का स्थल: आवासीय क्षेत्रों से आसानी से सुलभ होना चाहिए।
- भारी यातायात वाली सड़कों, नदियों, तालाबों, रेलवे पटरियों आदि से दूर होना चाहिए।
- भवन डिजाइन और मानक:
- कक्षाओं का आकार प्रति छात्र 2-2.5 वर्ग मीटर होना चाहिए।
- कक्षाओं की ऊंचाई कम से कम 3 मीटर होनी चाहिए।
- गलियारों की चौड़ाई कम से कम 1.8 मीटर होनी चाहिए।
- शौचालयों की संख्या प्रति 15 छात्रों पर 1 शौचालय होनी चाहिए।
- प्रति छात्र निर्मित क्षेत्र : प्राथमिक विद्यालयों में प्रति छात्र निर्मित क्षेत्र 1.8 वर्ग मीटर होना चाहिए।
कक्षा का आकार छात्रों की संख्या और गतिविधियों के अनुसार निर्धारित किया जाना चाहिए।
स्कूल में वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए।
मिडिल स्कूल रिया सिहाल की जर्जर इमारत विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए एक बड़ा खतरा है। सरकार और शिक्षा विभाग को जल्द से जल्द स्कूल की नई इमारत बनाने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही स्थानीय लोगों को भी स्कूल की भूमि पर अतिक्रमण नहीं करने के लिए जागरूक करना चाहिए।
कोट
स्कूल में एक नए कमरे का निर्माण करने के लिए सरकार की ओर से राशि जारी की जा चुकी है लेकिन स्थानीय लोगों ने स्कूल की भूमि पर अतिक्रमण किया हुआ है, जिसकी वजह से नए कमरे का काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
- चमन लाल, डिप्टी सीईओ बिलावर।
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बिलावर। मिडिल स्कूल रिया सिहाल 35 साल पुराने टिन के शेड में चल रहा है। इनकी चादरों में जगह-जगह जंग लग गया है जिसके कारण टिन की चादरें जगह जगह से टूट गई हैं। ऐसे खस्ताहाल स्कूल में पहली से लेकर आठवीं तक की 8 कक्षाएं चलती हैं। नए भवन के लिए निर्धारित जमीन पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। स्कूल में तीन शिक्षक और 110 बच्चे हैं।
विद्यालय में टिन शेड के चार कमरे हैं जिनमें एक में हेडमास्टर का कार्यालय चलता है। बाकी के तीन कमरों में पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। स्कूल आने जाने का रास्ता भी नहीं है। बच्चे पगडंडियों से होकर स्कूल आते हैं। रास्ते में सांप बिच्छू काटने का डर बना रहता है। बच्चे जब तक घर नहीं पहुंचते अभिभावकों की जान अटकी रहती है।
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बारिश के दौरान टीन की छत से पानी टपकने लगता है। तेज बारिश होने पर स्कूल बंद करने के अलावा कोई चारा नहीं होता। गर्मी में टिन की छत तपने के कारण बच्चे और शिक्षक पसीने से तर-बतर हो जाते हैं।
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स्कूल की चहारदीवारी भी नहीं है। 110 बच्चों पर एक शौचालय है, उसमें भी न फाटक है न ही पानी की व्यवस्था। यहां तक कि पीने के पानी का भी इंतजाम नहीं है। बच्चे बावलियों से पानी भर कर लाते हैं। मिड-डे मील में भी इन्हीं बावलियों का ही पानी इस्तेमाल होता है। स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से स्कूल की नई इमारत बनाने की मांग की है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
निर्धारित मानकों का 25 फीसदी इस्तेमाल नहीं
- स्कूल का स्थल: आवासीय क्षेत्रों से आसानी से सुलभ होना चाहिए।
- भारी यातायात वाली सड़कों, नदियों, तालाबों, रेलवे पटरियों आदि से दूर होना चाहिए।
- भवन डिजाइन और मानक:
- कक्षाओं का आकार प्रति छात्र 2-2.5 वर्ग मीटर होना चाहिए।
- कक्षाओं की ऊंचाई कम से कम 3 मीटर होनी चाहिए।
- गलियारों की चौड़ाई कम से कम 1.8 मीटर होनी चाहिए।
- शौचालयों की संख्या प्रति 15 छात्रों पर 1 शौचालय होनी चाहिए।
- प्रति छात्र निर्मित क्षेत्र : प्राथमिक विद्यालयों में प्रति छात्र निर्मित क्षेत्र 1.8 वर्ग मीटर होना चाहिए।
कक्षा का आकार छात्रों की संख्या और गतिविधियों के अनुसार निर्धारित किया जाना चाहिए।
स्कूल में वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए।
मिडिल स्कूल रिया सिहाल की जर्जर इमारत विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए एक बड़ा खतरा है। सरकार और शिक्षा विभाग को जल्द से जल्द स्कूल की नई इमारत बनाने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही स्थानीय लोगों को भी स्कूल की भूमि पर अतिक्रमण नहीं करने के लिए जागरूक करना चाहिए।
कोट
स्कूल में एक नए कमरे का निर्माण करने के लिए सरकार की ओर से राशि जारी की जा चुकी है लेकिन स्थानीय लोगों ने स्कूल की भूमि पर अतिक्रमण किया हुआ है, जिसकी वजह से नए कमरे का काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
- चमन लाल, डिप्टी सीईओ बिलावर।