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Kathua News: लापरवाही से वाहन चलाने से हुई मौत मामले में आरोपी चार साल बाद बरी
Thu, 21 Aug 2025 02:04 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 21 Aug 2025 02:04 AM IST
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कठुआ। विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने लापरवाही से वाहन चालने से हुई मौत मामले में आरोपी को चार साल बाद बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार, अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। इसके अलावा कोर्ट ने पाया कि जांच अधिकारी की गवाही भी पेश नहीं की गई। लिहाजा आरोपी को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी के जमानत व निजी बांड को भी रद्द करने आदेश दिया है।
पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर रिपोर्ट के अनुसार, मामला 3 दिसंबर 2019 का है। जिसमें आरोपी परवीन कुमार पुत्र बद्री नाथ निवासी सुजानपुर पठानकोट पर आरोप है कि वह घटना के दिन वाहन को लापरवाही से चला रहा था। हादसे में एक व्यक्ति बाबू राम पुत्र मेला राम गंभीर रूप से घायल हो जाता है। बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। मामला कठुआ शहर का है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कोर्ट में 21 जनवरी 2021 को कोर्ट में चालान पेश किया। 6 मार्च 2021 को आरोपी का बयान दर्ज किया गया। इसमें आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमा चलाने की मांग की।
अभियोजन पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 गवाहों की सूची दी थी, जिनमें से केवल पांच गवाहों की गवाही दर्ज की गई। गवाह कांस्टेबल अजीत कुमार और एसजीसीटी जगदेव सिंह ने जब्त मेमो की पुष्टि की, लेकिन कोई आरोप नहीं लगाया। जबकि एक अन्य गवाह करतार सिंह को आरोपी की पहचान नहीं थी लिहाज कोर्ट ने उसे होस्टाइल घोषित कर दिया। इसके अलावा मैकेनिक रवि कुमार ने सिर्फ वाहन की तकनीकी जांच की थी और कहा कि वह आरोपी को नहीं जानता। वहीं डॉ. पूनम शर्मा ने घायल व्यक्ति की चिकित्सकीय स्थिति बताई, लेकिन यह भी कहा कि घायल व्यक्ति शराब के नशे में था और उसकी चोटें गिरने से भी हो सकती थीं। डॉ. पूनम ने बताया कि आरोपी को गंभीर चोटें आई थी, जिसके बाद कठुआ अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया था, लेकिन घायल का परिवार उसे पंजाब स्थित अमनदीप अस्पताल इलाज के लिए ले गए थे। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि क्योंकि मामले में कोई भी प्रत्यक्षदर्शी गवाही नहीं है और न ही अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश कर सका। आरोपी को बीते मंगलवार को सभी आरोपों से मुक्त करने का आदेश सुनाया गया।
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पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर रिपोर्ट के अनुसार, मामला 3 दिसंबर 2019 का है। जिसमें आरोपी परवीन कुमार पुत्र बद्री नाथ निवासी सुजानपुर पठानकोट पर आरोप है कि वह घटना के दिन वाहन को लापरवाही से चला रहा था। हादसे में एक व्यक्ति बाबू राम पुत्र मेला राम गंभीर रूप से घायल हो जाता है। बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। मामला कठुआ शहर का है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कोर्ट में 21 जनवरी 2021 को कोर्ट में चालान पेश किया। 6 मार्च 2021 को आरोपी का बयान दर्ज किया गया। इसमें आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमा चलाने की मांग की।
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अभियोजन पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 गवाहों की सूची दी थी, जिनमें से केवल पांच गवाहों की गवाही दर्ज की गई। गवाह कांस्टेबल अजीत कुमार और एसजीसीटी जगदेव सिंह ने जब्त मेमो की पुष्टि की, लेकिन कोई आरोप नहीं लगाया। जबकि एक अन्य गवाह करतार सिंह को आरोपी की पहचान नहीं थी लिहाज कोर्ट ने उसे होस्टाइल घोषित कर दिया। इसके अलावा मैकेनिक रवि कुमार ने सिर्फ वाहन की तकनीकी जांच की थी और कहा कि वह आरोपी को नहीं जानता। वहीं डॉ. पूनम शर्मा ने घायल व्यक्ति की चिकित्सकीय स्थिति बताई, लेकिन यह भी कहा कि घायल व्यक्ति शराब के नशे में था और उसकी चोटें गिरने से भी हो सकती थीं। डॉ. पूनम ने बताया कि आरोपी को गंभीर चोटें आई थी, जिसके बाद कठुआ अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया था, लेकिन घायल का परिवार उसे पंजाब स्थित अमनदीप अस्पताल इलाज के लिए ले गए थे। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि क्योंकि मामले में कोई भी प्रत्यक्षदर्शी गवाही नहीं है और न ही अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश कर सका। आरोपी को बीते मंगलवार को सभी आरोपों से मुक्त करने का आदेश सुनाया गया।
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