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जम्मू कश्मीर की जगह कहीं और हो रसाना मामले की सुनवाई,
Updated Mon, 16 Apr 2018 01:08 AM IST
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कठुआ। रसाना कांड को लेकर एडवोकेट तालिब हुसैन सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि आठ वर्षीय बच्ची के साथ जो घिनौना अपराध किया गया है ऐसे में उसके लिए इंसाफ की आवाज उठाने वाले व्यक्ति को सुरक्षा दी जानी चाहिए। खासकर बच्ची के परिवार के सदस्यों को और उन लोगों को जो लगातार मामले को दबाए जाने से बचाने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। इसी को लेकर वह सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे।
तालिब ने बताया कि इसके बाद यह भी अर्जी दी जाएगी कि मामले की सुनवाई जम्मू संभाग में न हो। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में मामले की सुनवाई सुरक्षित नहीं है। ऐसे में किसी सुरक्षित जगह पर सुनवाई होनी चाहिए, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि सोमवार से रसाना मामले की सुनवाई कठुआ में प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष शुरू होने जा रही है। क्राइम ब्रांच द्वारा आरोपी बनाए गए सात लोगों को कोर्ट में पहली सुनवाई में पेश किया जाएगा। दूसरी तरफ नाबालिग आरोपी को 24 अप्रैल को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।
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तालिब ने बताया कि इसके बाद यह भी अर्जी दी जाएगी कि मामले की सुनवाई जम्मू संभाग में न हो। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में मामले की सुनवाई सुरक्षित नहीं है। ऐसे में किसी सुरक्षित जगह पर सुनवाई होनी चाहिए, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि सोमवार से रसाना मामले की सुनवाई कठुआ में प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष शुरू होने जा रही है। क्राइम ब्रांच द्वारा आरोपी बनाए गए सात लोगों को कोर्ट में पहली सुनवाई में पेश किया जाएगा। दूसरी तरफ नाबालिग आरोपी को 24 अप्रैल को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।
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