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Kathua News: 40 टन कचरे का जल्द होगा निस्तारण

Tue, 13 May 2025 01:19 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Tue, 13 May 2025 01:19 AM IST
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40 tons of waste will be disposed of scientifically
- कंपोस्ट पिट बनकर तैयार, जून में खत्म होगा शेड का निर्माण कार्य
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- नगर कमेटी बसोहली में मेटिरियल रिकवरी फेसिलिटी (एमआरएफ) का ढांचागत विकास अंतिम चरण में पहुंचा

संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। नगर कमेटी बसोहली में मेटिरियल रिकवरी फेसिलिटी (एमआरएफ) का ढांचागत विकास अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 30 लाख की लागत से पहले चरण में बन रहे इस एमआरएफ प्लांट में सभी कंपोस्ट पिट बनकर तैयार हो गए हैं। वहीं, पृथक्करण शेड और कंपोस्ट पिट पर शेड का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। इसको इसी महीने के अंत तक पूरा करने की योजना है।
आवास एवं शहरी विकास विभाग ने नगर कमेटी बसोहली को वित्त वर्ष 2023-24 में एमआरएफ प्लांट स्थापित करने की मंजूरी दी थी। इसके लिए संबंधित विभाग ने 50 लाख की राशि निर्धारित की गई थी। टेंडर प्रक्रिया के बाद इसका निर्माण कार्य 30 लाख में तय किया गया था। इसके अलावा एमआरएफ प्लांट तक कचरा पहुंचाने के लिए सड़क का भी निर्माण करवाया गया है। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद ही एमआरएफ प्लांट में निर्माण कार्य में तेजी आई है। इससे पहले निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा था। अधिकारियों की मानें तो जून महीने में एमआरएफ प्लांट तैयार होने के बाद यहां दूसरे चरण के कार्यों को शुरू करवाया जाएगा।
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इस चरण में नवनिर्मित प्लांट में विभिन्न तरह की मशीनरी स्थापित की जाएगी। इसकी मदद से गीले और सूखे कचरे को अलग करना, कचरे से निकलने वाली प्लास्टिक और पॉलिथीन को रीसाइक्लिंग किया जाएगा। वहीं, गीले कचरे को कंपोस्ट पिट की मदद से खाद बनाने का काम किया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से अलग से राशि की व्यवस्था की जाएगी।
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हर रोज नगर से निकलता है एक से डेढ़ टन कचरा
वर्तमान में नगर कमेटी बसोहली के विभिन्न वार्डों से प्रतिदिन एक से डेढ़ टन कचरा निकलता है, जो महीने का लगभग 40 टन के बीच बनता है। वार्डों से निकलने वाले कचरे का निपटान अब तक खुले में किया जा रहा था। कभी खुले में जंगल मेें फेंका जाता था तो कभी रंजीत सागर झील के किनारे डंपर किया जाता है। इससे न केवल पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि इसको लेकर कई बार नगर कमेटी की खिंचाई भी हो चुकी है। अधिकारियों की मानें तो एमआरएफ प्लांट स्थापित होने के बाद कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाएगा। इससे न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी, बल्कि इसके नगर कमेटी को वित्तीय मदद भी मिलेगी।

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मेटिरियल रिकवरी फेसिलिटी का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। कंपोस्ट पिट और उनके ऊपर टिन का शेड बनकर तैयार हो चुका है। वहीं, पृथक्करण शेड का निर्माण कार्य भी जोर से चल रहा है। उम्मीद है कि जून महीने के पहले सप्ताह में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद जहां मशीनरी स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद ही कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान होगा।

- अमित शर्मा, कार्यकारी अधिकारी नगर कमेटी बसोहली
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