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‘सरकार की गलत नीतियों से भुखमरी के कगार पर पहुंचे शिक्षक’
Updated Mon, 17 Sep 2018 01:09 AM IST
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ठुआ। जम्मू-कश्मीर यूनाइटेड स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (उस्ता) ने रियासती सरकार पर शिक्षकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उस्ता ने आरोप लगाया है कि सरकार की गलत नीतियों के चलते शिक्षक भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार अब भी नहीं चेती तो वे बड़े आंदोलन को शुरू करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में रविवार को प्रदर्शन किया।
इससे पहले शहर के ड्रीमलैंड पार्क परिसर में बैठक करते हुए सरकारी स्कूलों में काम कर रहे शिक्षकों की आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक परेशानियों पर भी विचार-विमर्श किया। एसोसिएशन के प्रधान डॉ. शशिपाल सिंह ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण शिक्षक वर्ग भुखमरी के कगार पर है। शिक्षकों का पिछले कई सालों से लगातार शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों ने जानबूझ कर शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र के साथ खिलवाड़ किया है। इसी वजह से साढ़े चार लाख कर्मचारियों मेें से सिर्फ 41 हजार शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने से वंचित रखा गया। पिछले
उन्होंने कहा कि कई साल से उन्हें पदोन्नतियों का लाभ नहीं मिला, समय पर वेतन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि राज्य के हर आईएएस, आईपीएस सहित अन्य चार लाख कर्मियों को उक्त वेतन आयोग का लाभ दिया गया, लेकिन शिक्षकों की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि यह एक तरह से शिक्षकों और छात्र वर्ग की मानसिक स्थिति असंतुलित करने का प्रयास है। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षक वर्ग एक मंच पर आकर अपने हितों को लेकर संघर्ष करे। इस मौके पर बोधराज, रतन सिंह, चमनलाल, सुदेश कुमार, मोहन सिंह, सुखदेव सिंह, अब्दुल रशीद, शुभनंदन शर्मा, अशोक कुमार, मंगल सिंह, अजय कुमार, नरेंद्र कुमार, पुष्पराज, यशपाल आदि मौजूद रहे।
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इससे पहले शहर के ड्रीमलैंड पार्क परिसर में बैठक करते हुए सरकारी स्कूलों में काम कर रहे शिक्षकों की आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक परेशानियों पर भी विचार-विमर्श किया। एसोसिएशन के प्रधान डॉ. शशिपाल सिंह ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण शिक्षक वर्ग भुखमरी के कगार पर है। शिक्षकों का पिछले कई सालों से लगातार शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों ने जानबूझ कर शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र के साथ खिलवाड़ किया है। इसी वजह से साढ़े चार लाख कर्मचारियों मेें से सिर्फ 41 हजार शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने से वंचित रखा गया। पिछले
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उन्होंने कहा कि कई साल से उन्हें पदोन्नतियों का लाभ नहीं मिला, समय पर वेतन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि राज्य के हर आईएएस, आईपीएस सहित अन्य चार लाख कर्मियों को उक्त वेतन आयोग का लाभ दिया गया, लेकिन शिक्षकों की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि यह एक तरह से शिक्षकों और छात्र वर्ग की मानसिक स्थिति असंतुलित करने का प्रयास है। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षक वर्ग एक मंच पर आकर अपने हितों को लेकर संघर्ष करे। इस मौके पर बोधराज, रतन सिंह, चमनलाल, सुदेश कुमार, मोहन सिंह, सुखदेव सिंह, अब्दुल रशीद, शुभनंदन शर्मा, अशोक कुमार, मंगल सिंह, अजय कुमार, नरेंद्र कुमार, पुष्पराज, यशपाल आदि मौजूद रहे।
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