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कठुआ गैंगरेपः सीबीआई जांच की मांग पर आमरण अनशन पर बैठी महिलाएं, राज्य सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 26 Apr 2018 09:29 PM IST
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कठुआ गैंगरेप केस
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कठुआ मामले की सीबीआई जांच की मांग पर 27 दिन से आमरण अनशन पर बैठी महिलाओं व हिंदू एकता मंच ने वीरवार को जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर कूटा के पास वित्त एवं शिक्षा मंत्री सैयद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी के काफिले को काले झंडे दिखाए। हाईवे किनारे खड़े लोगों ने राज्य सरकार पर रसाना मामले को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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वीरवार को वित्त मंत्री लखनपुर टोल प्लाजा में कामकाज का जायजा लेने पहुंचे थे। लोगों ने पहले जम्मू से लखनपुर की ओर जाते और फिर जम्मू की ओर लौटते समय मंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाए। हिंदू एकता मंच के सदस्य राज खजूरिया ने आरोप लगाया कि कश्मीरी हुक्मरान जम्मू संभाग के भाईचारे को खराब करना चाहते हैं। पीडीपी खासकर महबूबा मुफ्ती का एजेंडा शुरू से ही जम्मू विरोधी है और उसी एजेंडे को लागू करने में लगी हुई हैं। लोग सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं और अड़े रहेंगे।
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लोगों के रोष के चलते हाईवे से बदलते रहे हैं माननीयों के रूट
रसाना मामले में सीबीआई जांच की मांग पूरी न किए जाने मंत्रियों को लोगों के रोष का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें रूट बदलकर ओल्ड सांबा कठुआ रूट से आने जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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दरअसल, हिंदू एकता मंच के बैनर तले 31 मार्च से लोग क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। इससे पहले राज्य के उपमुख्यमंत्री डा निर्मल सिंह के दियालाचक में होने वाले एक कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया था। उनके रूट भी कई बार बदले जा चुके हैं। कठुआ में सुलभ शौचालय के उद्घाटन के लिए पहुंचे पीएमओ राज्य मंत्री डा जितेंद्र सिंह का भी रूट बदलकर ओल्ड सांबा कठुआ रूट से वापस ले जाया गया था। पीएचई मंत्री शामलाल चौधरी के काफिले को भी कूटा मोड़ पर काले झंडे दिखाए गए थे।