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जम्मू-कश्मीर: दिव्यांगता प्रमाणपत्र के लिए छह माह का इंतजार, ऑनलाइन सेवाएं मिलने पर भी आवेदक परेशान
Thu, 05 Aug 2021 07:47 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 05 Aug 2021 07:47 PM IST
सार
स्वास्थ्य विभाग के अधीन लाभार्थियों को दिव्यांगता प्रमाणपत्र के लिए छह माह तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उपराज्यपाल प्रशासन अधिकांश विभागों में ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से पारदर्शिता और जल्दी कार्य करवाने के दावे कर रहा है। लेकिन जमीनी स्तर पर अभी काफी कुछ करना बाकी है। स्वास्थ्य विभाग के अधीन लाभार्थियों को दिव्यांगता प्रमाणपत्र के लिए छह माह तक का इंतजार करना पड़ रहा है। नए आवेदनकर्ताओं को मेडिकल बोर्ड के लिए दिसंबर तक की तिथि मिल रही है, यानी बोर्ड की रिपोर्ट के बाद ही उन्हें प्रमाणपत्र जारी होगा।
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लाभार्थियों को मुख्य चिकित्सा कार्यालय से दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं, लेकिन नए आवेदकों को मेडिकल बोर्ड की ओर से कई माह बाद की तारीख दी जा रही है। इसमें आवेदनकर्ता को संबंधित वेबसाइट पर आवेदन करना पड़ता है, जिसके बाद उसे स्वास्थ्य कार्यालय से बोर्ड के लिए तिथि और अस्पताल निर्धारित किया जाता है।
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वर्तमान में सरवाल अस्पताल, गांधीनगर ओल्ड अस्पताल, अखनूर और बिश्नाह अस्पताल में मेडिकल बोर्ड बिठाया जा रहा है। इसमें शुक्रवार को गांधीनगर अस्पताल और अगले दिन शनिवार को सरवाल अस्पताल में बोर्ड होता है। बोर्ड में नेत्र, कान, बाल, हड्डी और सामान्य रोग (फिजिशियन) के डॉक्टर शामिल होते हैं, जो आवेदक की शारीरिक दिव्यांगता का आकलन कर रिपोर्ट देते हैं और उसकी रिपोर्ट के आधार पर दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
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विभाग के पास दो हजार आवेदन लंबित
जानकारी के अनुसार विभाग के पास करीब दो हजार आवेदन लंबित हैं, जिससे नए आवेदनकर्ताओं को मेडिकल बोर्ड के लिए आगे के महीनों की तिथि दी जा रही है। जम्मू-कश्मीर राज्य होने के दौरान लाभार्थियों को अस्थायी तौर पर एक साल की अवधि और दूसरी श्रेणी में स्थायी तौर पर दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा था। लेकिन जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद पुराने दिव्यांगता प्रमाणपत्र को अब यूटी में तब्दील करना अनिवार्य है। नई व्यवस्था में लाभार्थी को प्रमाणपत्र के साथ दिल्ली स्थित संबंधित विभाग के विकलांगता कार्ड भी जारी किया जा रहा है। इसमें एक पंजीकरण नंबर के साथ अन्य जानकारी दी गई है।
कोविड के कारण आवेदन लंबित हुए : सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी जम्मू (सीएमओ) डॉ. जेपी सिंह का कहना है कि कोविड के कारण पिछले महीनों में मेडिकल बोर्ड नहीं बैठ पाया, जिससे आवेदन लंबित हुए हैं। लेकिन अब काम में तेजी लाई गई है और प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं।