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जम्मू-कश्मीर: धर्म परिवर्तन मामले में एक सिख युवती ने खटखटाया सुरक्षा के लिए उच्च न्यायलय का दरवाजा
Tue, 29 Jun 2021 10:53 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Tue, 29 Jun 2021 10:53 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर में एक युवती ने सुरक्षा की मांग करते हुए जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कहा कि उसने अपनी मर्जी से अपना धर्म बदला है और एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी की है।
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jammu high court
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विस्तार
कथित तौर पर धर्म परिवर्तित होने वाली पीड़ित युवतियों में से एक ने अपने परिवार और पुलिस द्वारा किसी भी कठोर कार्रवाई से सुरक्षा की मांग करते हुए जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कहा कि उसने अपनी मर्जी से अपना धर्म बदला है और एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी की है।
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मंजूर अहमद भट से 20 जनवरी को इस्लामिक रीति रिवाजों के साथ शादी कर खदीजा बनी वीरन पाल कौर ने मई में उच्च न्यायलय का दरवाजा खटखटाया था। 20 मई को न्यायमूर्ति अली मोहम्मद मागरे द्वारा पारित आदेश में पुलिस को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया गया कि युवती के माता-पिता रतन सिंह, पोपिंदर कौर या कोई और उनके कहने पर दंपति को परेशान न करे और ना ही हमला, अपहरण या नुकसान पहुंचाए।
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फरवरी में बडगाम जिला अदालत में सार्वजनिक नोटरी के सामने अपनी शादी की घोषणा करने वाली युवती और उसके पति ने अदालत को बताया था कि वे खानाबदोशों की तरह रह रहे थे क्योंकि उसके माता-पिता ने जम्मू के सतवारी पुलिस स्टेशन में मंजूर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अदालत ने सतवारी एसएचओ को शिकायत के आधार पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया था।