{"_id":"60ef14b47e9ff350ae443508","slug":"jammu-and-kashmir-record-25-lakh-fruit-plants-will-be-planted-in-high-density-in-jammu-division","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: जम्मू संभाग में हाई डेंसिटी में लगाए जाएंगे रिकॉर्ड 25 लाख फलदार पौधे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: जम्मू संभाग में हाई डेंसिटी में लगाए जाएंगे रिकॉर्ड 25 लाख फलदार पौधे
Wed, 14 Jul 2021 10:15 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Wed, 14 Jul 2021 10:15 PM IST
सार
एलजी ने लांच किया बागवानी सप्ताह, किसानों के उत्पाद को सीधा बाजार से जोड़ा जाएगा। रामबन में 1.20 करोड़ एलोवेरा, डोडा में के 42 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
विज्ञापन
बागवानी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू संभाग में बागवानी को बड़ा उछाल देने के लिए सरकार उच्च घनत्व विधि में 25 लाख फलदार पौधे लगवाएगी। अखनूर में बागवानी सप्ताह का शुभारंभ करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि यह जम्मू संभाग में बागवानी क्षेत्र का सबसे बड़ा लक्ष्य है जिसे बागवानों के सहयोग से हासिल किया जाएगा। 14 से 20 जुलाई तक प्रस्तावित बागवानी सप्ताह में पौधरोपण से लेकर बागवानी से जुड़ी हर गतिविधि को तकनीक से जोड़ने और उत्पादों को बाजार दिलाने पर ध्यान दिया जाएगा। एलजी ने कहा कि किसानों की आय को दोगुना किया जाएगा।
विज्ञापन
एलजी ने आरएस पुरा चकरोई में 100 एकड़ भूमि पर मेगा हाई डेंसिटी प्लांटेशन नर्सरी का नींव पत्थर रखा। चिनाब दरिया से सटे भोबरया गांव में पौधरोपण अभियान शुरू करवाया। उन्होंने कहा कि पहले न्यूनतम 4 कनाल भूमि पर ही बागवानों को पौधरोपण पर सब्सिडी मिलती थी। अब यह सीमा हटा दी गई है। रामबन जिले में एलोवेरा के 1.20 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। डोडा व रामबन में स्ट्रॉबेरी के 42 लाख व जैतून के 67,500 पौधे लगाए जाएंगे।
विज्ञापन
केंद्र की 64 योजनाएं बदलेंगी तस्वीर
एलजी ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद योजना में जम्मू-कश्मीर का प्रदर्शन देश के पांच सर्वश्रेष्ठ जिलों में शामिल है। केंद्र की 64 योजनाओं से किसानों और बागवानों की तकदीर बदलेगी। बागवानी क्षेत्र में बागवानों को 50 से 100 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है। इस वर्ष कृषि और बागवानी के लिए 2008 करोड़ का बजट रखा गया है। यह दर्शाता है कि किस पैमाने पर किसान वर्ग को लाभ होने वाला है। किसानों, विभागीय अमले और वैज्ञानिकों को मिलकर काम करना होगा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: अखनूर-पुंछ फोरलेन हाईवे पर बनेगी तीन किमी लंबी टनल, जानिए किस वजह से बनाई जा रही टनल
प्रगतिशील किसानों को दी नजीर
एलजी ने कहा कि उधमपुर के विजय कुमार वर्मा, मजालता में छतरैड़ी के किसान और कठुआ के नारी शक्ति महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप ने अपने नए विचारों के साथ अपनी आय को कई गुना बढ़ाने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि बडगाम की इंशा रसूल जैविक विधि से विदेशी सब्जियां उगाकर मुनाफा कमाने की मिसाल बन गई हैं। ऐसे उदाहरण अन्य किसानों के लिए प्रेरणा हैं।
किसानों को मिलेंगे 700 पॉवर टिल्लर
बागवानी सप्ताह के दौरान किसानों को 700 पॉवर टिल्लर, 180 ट्रैक्टर, 34 फार्म मशीनरी बैंक, ट्रैक्टर से चलने वाले 100 उपकरण, नौ हजार किसानों को कलम करने का प्रशिक्षण, 650 बोरवेल व तालाब, 3050 ड्रिप इरिगेशन यूनिट और 250 रेन गन आवंटित किए जाएंगे।
किसान नेताओं ने उठाई मांगें
जम्मू-कश्मीर के किसान सलाहकार बोर्ड उपाध्यक्ष दलजीत सिंह ने एलजी को ज्ञापन देकर अखनूर क्षेत्र में आम के साथ लीची, स्ट्रॉबेरी व अन्य फलों की पैदावार बढ़ाने का आग्रह किया। वहीं किसान नेता केपी सिंह ने आम की फसल के लिए कोल्ड स्टोर खोलने और वॉर मेमोरियल स्थापित करने की मांग की।