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तनाव के बीच गुजरी अफजल गुरु की पहली बरसी
अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Mon, 10 Feb 2014 12:19 PM IST
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अफजल गुरु की पहली बरसी पर अलगाववादी संगठनों द्वारा रविवार को घाटी में बंद का आह्वान किया गया था। दिन भर तनाव का माहौल बना रहा। सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे।
मैसूमा के डाउन टाउन इलाके में पथराव हुआ। अन्य कुछ एक इलाकों में भी मामूली हिंसा होने की सूचना है। जुलूस निकालने की कोशिश कर रहे विधायक इंजीनियर रशीद और जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
दिनभर घाटी के अधिकतर इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात होने के चलते कर्फ्यू जैसे हालात रहे। अलगाववादी संगठनों द्वारा संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की पहली बरसी पर घाटी भर में विरोध प्रदर्शन करने और जुलूस निकालने की रणनीति बनाई गई थी।
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इसके चलते प्रशासन की ओर से सख्त बंदोबस्त किए गए थे और कुछ पाबंदियां भी लगाईं गई थीं। अलगाववादियों के तीन दिन के बंद की घोषणा चलते सोमवार और मंगलवार को भी घाटी भर में रविवार की ही तरह सुरक्षा बंदोबस्त रहने से अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति रहेगी।
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मैसूमा के डाउन टाउन इलाके में पथराव हुआ। अन्य कुछ एक इलाकों में भी मामूली हिंसा होने की सूचना है। जुलूस निकालने की कोशिश कर रहे विधायक इंजीनियर रशीद और जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
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दिनभर घाटी के अधिकतर इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात होने के चलते कर्फ्यू जैसे हालात रहे। अलगाववादी संगठनों द्वारा संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की पहली बरसी पर घाटी भर में विरोध प्रदर्शन करने और जुलूस निकालने की रणनीति बनाई गई थी।
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इसके चलते प्रशासन की ओर से सख्त बंदोबस्त किए गए थे और कुछ पाबंदियां भी लगाईं गई थीं। अलगाववादियों के तीन दिन के बंद की घोषणा चलते सोमवार और मंगलवार को भी घाटी भर में रविवार की ही तरह सुरक्षा बंदोबस्त रहने से अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति रहेगी।