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प्रशासन ने रोका बाल विवाह
Updated Sun, 12 Nov 2017 02:02 AM IST
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चिनैनी। दो दिन बाद चिनैनी क्षेत्र के एक गांव में बाल विवाह होने जा रहा था। समय रहते प्रशासन ने इसे रुकवा दिया।
जानकारी के मुताबिक चिनैनी तहसील के एक गांव में अपने ननिहाल में रहने वाली एक 14 से 15 वर्ष की लड़की का रिश्ता एक शादीशुदा लड़के से तय किया गया था। लड़का दूसरे जिले का रहने वाला है। वहीं, जब बाल विवाह किए जाने की सूचना एक संस्था व चाइल्ड प्रोटेक्शन के पास पहुंची, तो उन्होंने चिनैनी प्रशासन व पुलिस से संपर्क किया। साथ ही पूरी जानकारी व नाबालिग लड़की के घर का पता दिया। इस पर प्रशासन ने समय रहते लड़की के परिवार को चिनैनी में बुलाया और उनसे जानकारी हासिल की। इस दौरान लड़की के परिवार ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि इस उम्र में विवाह किया जा सकता है या नहीं, जबकि लड़के के बारे में भी दूसरी शादी का पता नहीं था। लड़की के परिवार ने कहा कि वह गरीब भी हैं। इससे भी उन्हें परेशानियां आ रही हैं। यदि सरकारी मदद मिल जाती तो राहत मिलती। वहीं, मौके पर ही लड़की को नारी निकेतन भेज दिया गया। एक संस्था व चाइल्ड प्रोटेक्शन ने मदद का आश्वासन दिया है। इस संबंध में तहसीलदार प्रदीप सिंह व थाना प्रभारी परमजीत सिंह ने बताया कि बाल विवाह को रोका गया है और लड़की को नारी निकेतन भेजा गया है। उन्होंने कहा कि शादी दो दिन बाद थी।
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जानकारी के मुताबिक चिनैनी तहसील के एक गांव में अपने ननिहाल में रहने वाली एक 14 से 15 वर्ष की लड़की का रिश्ता एक शादीशुदा लड़के से तय किया गया था। लड़का दूसरे जिले का रहने वाला है। वहीं, जब बाल विवाह किए जाने की सूचना एक संस्था व चाइल्ड प्रोटेक्शन के पास पहुंची, तो उन्होंने चिनैनी प्रशासन व पुलिस से संपर्क किया। साथ ही पूरी जानकारी व नाबालिग लड़की के घर का पता दिया। इस पर प्रशासन ने समय रहते लड़की के परिवार को चिनैनी में बुलाया और उनसे जानकारी हासिल की। इस दौरान लड़की के परिवार ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि इस उम्र में विवाह किया जा सकता है या नहीं, जबकि लड़के के बारे में भी दूसरी शादी का पता नहीं था। लड़की के परिवार ने कहा कि वह गरीब भी हैं। इससे भी उन्हें परेशानियां आ रही हैं। यदि सरकारी मदद मिल जाती तो राहत मिलती। वहीं, मौके पर ही लड़की को नारी निकेतन भेज दिया गया। एक संस्था व चाइल्ड प्रोटेक्शन ने मदद का आश्वासन दिया है। इस संबंध में तहसीलदार प्रदीप सिंह व थाना प्रभारी परमजीत सिंह ने बताया कि बाल विवाह को रोका गया है और लड़की को नारी निकेतन भेजा गया है। उन्होंने कहा कि शादी दो दिन बाद थी।