{"_id":"0ec08f3031e575663e2a2140695632e0","slug":"2-mistakes-of-india-in-jammu-terror-attack","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू हमले में सुरक्षा एजेंसियों की चूक उजागर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू हमले में सुरक्षा एजेंसियों की चूक उजागर
अमर उजाला
Updated Fri, 27 Sep 2013 02:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आतंकवाद की मार झेलने वाले जम्मू-कश्मीर को एक बार फिर फिदायीन हमलों ने दहलाकर रख दिया है। गुरुवार को सांबा और हीरा नगर पर हमला साल की सबसे बड़ी वारदात है।
विज्ञापन
इसमें तीन सैन्यकर्मी और चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। इससे पहले इसी साल 13 मार्च को श्रीनगर स्थित सीआरपीएफ कैंप पर फिदायीन हमला हुआ था, जिसमें पांच सीआरपीएफ कर्मी शहीद हो गए थे। उसके बाद लगातार आतंकी हमलों का सिलसिला तेज हो गया।
विज्ञापन
सुरक्षा एजेंसियों की चूक
सुरक्षा एजेंसियों ने घुसपैठ की आशंकाओं से संबंधित रिपोर्ट सरकार को दी थी जिसमें साफ कहा गया था कि सीमा पार से आतंकी घुसपैठ को तैयार बैठे हैं, लेकिन सरकार नहीं चेती।
विज्ञापन
लोगों ने पुलिस को 3 दिन पहले दी थी आतंकियों की सूचना
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में तीन दिन पहले संदिग्ध आतंकियों की आवाजाही देखी गई थी। इस बारे में पुलिस को सूचना भी दी गई थी, अगर समय पर कार्रवाई होती तो इतने लोगों की जान नहीं जाती।
कैसे घटी घटना
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार की भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पहाड़पुर क्षेत्र से तीनों आतंकी घुसपैठ कर तड़के हरिया चक नर्सरी के निकट पहुंचे थे। तीनों वर्दी में थे। उन्होंने हथियार भी ले रखे थे। इसके बाद एक आटो चालक के साथ बैठ गया। बाकी दो पीछे खडे़ हो गए। उन्होंने आटो चालक को हीरानगर की ओर चलने के लिए कहा।
वह केंद्रीय जेल हीरानगर के पास रुके।सीआरपीएफ के जवानों को मुस्तैद देख आगे निकले। पुलिस थाने पहुंचते ही उन्होंने गोलियों की बौछार कर दी। वहां से एक ट्रक (जेके08वी-7810) को लेकर सांबा की ओर निकले। सांबा से कुछ दूरी पर ही ट्रक से उतरकर एक अन्य वाहन द्वारा सेना के गेट तक पहुंचे, जहां नापाक मंसूबों को अंजाम देना शुरू किया।