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बर्फबारी होने पर बीमार होना मना है
Updated Mon, 11 Dec 2017 12:29 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कठुआ/बनी।
बनी के दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल की सरहद पर बसे बनी विधानसभा क्षेत्र के भंडार इलाके के लोगों की दिक्कतें बहुत ज्यादा हैं। इस समय सर्दियों शुरू हो चुकी हैं और बर्फबारी कभी भी हो सकती है। इसके साथ ही यहां के लोगों की मुश्किलें भी बढ़ जाएंगी। यहां की आबादी तीन हजार है। क्षेत्र में कोई अस्पताल नहीं होने से यहां यदि कोई बीमार हो जाता है तो उसे लोग पालकी से हिमाचल प्रदेश के चंबा या कठुआ जिले की तहसील बनी लेकर आते हैं।
स्थानीय लोगों की मानें तो छह महीने से इलाके की आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में एक भी डाक्टर उपलब्ध नहीं है। विडंबना यह है कि लोगों को चार घंटे का पैदल सफर कर मरीजों को बनी की ओर या फिर तीन घंटे का पैदल सफर कर चंबा की ओर ले जाना पड़ता है। मरीजों को इन इलाकों में पालकी में डालकर अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है। ऐेसे में इलाज में देरी अक्सर मरीजों की मौत का कारण भी बनती रही है। वहीं लोगों की मानें तो बनी उपजिला अस्पताल में भी स्थिति ऐसी ही है यहां भी डाक्टर उपलब्ध नहीं होते। विशेषज्ञों की कमी के चलते अधिकतर मरीजों को यहां से कठुआ या जम्मू रेफर कर दिया जाता है जिसमें कम से कम आठ से दस घंटे मरीज के बर्बाद हो जाते हैं। कई लोग ऐसे में चंबा की ओर जाना ही बेहतर समझते हैं।
स्थानीय निवासी मुल्खराज, शिवदेव मन्हास, हुकूमत सिंह, सूरज, रतन सिंह राजपूत आदि ने बताया कि भंडार, डुगाल, टिटवा, कलानू, धार, कुकडेरा, लोहाई, ब्री, बंजेड, बचेरा, फरेयाली आदि गांव की तीन हजार आबादी भंडार आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी पर ही निर्भर है। लोगों को छोटे मोटे इलाज के लिए भी अब बनी या फिर चंबा जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। मुसीबत यह है कि इलाके में भारी बर्फबारी होती है जिससे कई कई दिनों तक बर्फ की मोटी चादर इलाके में बिछ जाती है। ऐसे में बीमार होने वाले लोगों को सिर्फ भगवान का ही सहारा है। उन्होंने बताया कि इसी के चलते अक्सर लोग नीम हकीम के नुसखे अपनाकर अपनी सेहत को और बिगाड़ लेते हैं। वर्तमान सरकार के समय स्वास्थ्य सेवाएं और भी बिगड़ चुकी हैं जबकि पहले दो डाक्टर इस इलाके में तैनात रहते थे अब एक भी नहीं है। उन्होंने स्थानीय विधायक से भी क्षेत्र में डाक्टर की जल्द से जल्द तैनाती करवाए जाने की गुहार लगाई है।
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कठुआ/बनी।
बनी के दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल की सरहद पर बसे बनी विधानसभा क्षेत्र के भंडार इलाके के लोगों की दिक्कतें बहुत ज्यादा हैं। इस समय सर्दियों शुरू हो चुकी हैं और बर्फबारी कभी भी हो सकती है। इसके साथ ही यहां के लोगों की मुश्किलें भी बढ़ जाएंगी। यहां की आबादी तीन हजार है। क्षेत्र में कोई अस्पताल नहीं होने से यहां यदि कोई बीमार हो जाता है तो उसे लोग पालकी से हिमाचल प्रदेश के चंबा या कठुआ जिले की तहसील बनी लेकर आते हैं।
स्थानीय लोगों की मानें तो छह महीने से इलाके की आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में एक भी डाक्टर उपलब्ध नहीं है। विडंबना यह है कि लोगों को चार घंटे का पैदल सफर कर मरीजों को बनी की ओर या फिर तीन घंटे का पैदल सफर कर चंबा की ओर ले जाना पड़ता है। मरीजों को इन इलाकों में पालकी में डालकर अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है। ऐेसे में इलाज में देरी अक्सर मरीजों की मौत का कारण भी बनती रही है। वहीं लोगों की मानें तो बनी उपजिला अस्पताल में भी स्थिति ऐसी ही है यहां भी डाक्टर उपलब्ध नहीं होते। विशेषज्ञों की कमी के चलते अधिकतर मरीजों को यहां से कठुआ या जम्मू रेफर कर दिया जाता है जिसमें कम से कम आठ से दस घंटे मरीज के बर्बाद हो जाते हैं। कई लोग ऐसे में चंबा की ओर जाना ही बेहतर समझते हैं।
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स्थानीय निवासी मुल्खराज, शिवदेव मन्हास, हुकूमत सिंह, सूरज, रतन सिंह राजपूत आदि ने बताया कि भंडार, डुगाल, टिटवा, कलानू, धार, कुकडेरा, लोहाई, ब्री, बंजेड, बचेरा, फरेयाली आदि गांव की तीन हजार आबादी भंडार आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी पर ही निर्भर है। लोगों को छोटे मोटे इलाज के लिए भी अब बनी या फिर चंबा जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। मुसीबत यह है कि इलाके में भारी बर्फबारी होती है जिससे कई कई दिनों तक बर्फ की मोटी चादर इलाके में बिछ जाती है। ऐसे में बीमार होने वाले लोगों को सिर्फ भगवान का ही सहारा है। उन्होंने बताया कि इसी के चलते अक्सर लोग नीम हकीम के नुसखे अपनाकर अपनी सेहत को और बिगाड़ लेते हैं। वर्तमान सरकार के समय स्वास्थ्य सेवाएं और भी बिगड़ चुकी हैं जबकि पहले दो डाक्टर इस इलाके में तैनात रहते थे अब एक भी नहीं है। उन्होंने स्थानीय विधायक से भी क्षेत्र में डाक्टर की जल्द से जल्द तैनाती करवाए जाने की गुहार लगाई है।
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