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पंजाबी भाषा लागू करने की मांग
Updated Tue, 27 Jun 2017 12:59 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। आरएस पुरा- जम्मू सड़क मार्ग पर चट्ठा मोड़ के पास सिख समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया और राज्य में पंजाबी भाषा को स्कूलों में लागू करने की मांग की।
सोमवार सुबह पंचायत के पूर्व सरपंच आया सिंह की अध्यक्षता में सिख- समाज के लोगों ने कई घंटो तक सड़क मार्ग बंद कर राज्य सरकार से सरकारी स्कूलों में प्राइमरी कक्षा से पंजाबी भाषा की शिक्षा लागू करने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चट्ठामोड़ पर सड़क के दोनों और ट्रक व अन्य वाहन खडे़ कर आरएस पुरा- जम्मू मार्ग बंद रखा। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जम्मू कश्मीर सरकार की गलत नीतियों के चलते किए जा रहे भेदभाव के आरोप लगाए। सिख समाज के लोगों को पंजाबी भाषा से महरूम रखने के भी आरोप लगाए। उन्हाेंने कहा कि राज्य में पांचवीं कक्षा से सरकारी स्कूलों में पंजाबी भाषा को लागू की जानी चाहिए। प्रदर्शन कर रहे लोगाें ने कहा कि अगर स्कूलों में पंजाबी भाषा को लागू नहीं किया गया तो आनेवाले दिनों में सिख समाज राज्य भर में आंदोलन चलाएगा। इस दौरान कई संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद थे। जिन्हाेंने अपने विचार रखे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की मांग को जिलाधीश के समक्ष रखा और मार्ग खोला गया।
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जम्मू। आरएस पुरा- जम्मू सड़क मार्ग पर चट्ठा मोड़ के पास सिख समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया और राज्य में पंजाबी भाषा को स्कूलों में लागू करने की मांग की।
सोमवार सुबह पंचायत के पूर्व सरपंच आया सिंह की अध्यक्षता में सिख- समाज के लोगों ने कई घंटो तक सड़क मार्ग बंद कर राज्य सरकार से सरकारी स्कूलों में प्राइमरी कक्षा से पंजाबी भाषा की शिक्षा लागू करने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चट्ठामोड़ पर सड़क के दोनों और ट्रक व अन्य वाहन खडे़ कर आरएस पुरा- जम्मू मार्ग बंद रखा। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जम्मू कश्मीर सरकार की गलत नीतियों के चलते किए जा रहे भेदभाव के आरोप लगाए। सिख समाज के लोगों को पंजाबी भाषा से महरूम रखने के भी आरोप लगाए। उन्हाेंने कहा कि राज्य में पांचवीं कक्षा से सरकारी स्कूलों में पंजाबी भाषा को लागू की जानी चाहिए। प्रदर्शन कर रहे लोगाें ने कहा कि अगर स्कूलों में पंजाबी भाषा को लागू नहीं किया गया तो आनेवाले दिनों में सिख समाज राज्य भर में आंदोलन चलाएगा। इस दौरान कई संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद थे। जिन्हाेंने अपने विचार रखे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की मांग को जिलाधीश के समक्ष रखा और मार्ग खोला गया।
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