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पाक गोलाबारी से परेशान लोग
Updated Tue, 05 Dec 2017 12:58 AM IST
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पाक गोलाबारी से किसान परेशान
डर के मारे नहीं कर पा रहे है गेहूं की बुआई
अमर उजाला ब्यूरो
पुंछ। पाकिस्तानी सेना की तरफ से बार बार रिहायशी इलाकों को निशाना बना कर की जा रही गोलाबारी से नियंत्रण रेखा के आस पास बसे ग्रामीण और किसान बुरी तरह परेशान हैं।
किसान गोलाबारी के डर के कारण खेतों में काम नहीं कर पा रहे हैं। जिसके चलते इस बार गेहूं की बुआई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों को इस बात का डर सता रहा है कि अगर इसी प्रकार अगले कुछ दिनों तक गोलाबारी जारी रहती है तो वह गेहूं की फसल ही उगा नहीं पाएंगे क्योंकि आने वाले दिनों में नियंत्रण रेखा से सटे अधिकतर क्षेत्रों में बर्फ बारी होने लगेगी। गौरतलब है कि इससे पहले इस वर्ष नियंत्रण रेखा से सटे क्षेत्रों में गोलाबारी के चलते किसानों की मक्की की फसल की पैदावार भी काफी कम हुई थी। क्योंकि गोलाबारी के चलते एक तरफ जहां बड़ी संख्या में किसान मक्की की समय पर गुढ़ाई नहीं कर पाए थे। वहीं, कई किसानों के खेतों में पाक सेना द्वारा दागे गए मोर्टार गिरने से फसल को काफी नुकसान पहुंचा था। जिले के शाहपुर, सावजियां, करमाड़ा, खड़ी और बालाकोट क्षेत्रों में पाक सेना द्वारा आए दिन भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों के साथ ही रिहायशी क्षेत्रों और गांव को निशाना बना कर भारी गोलाबारी की जाती है। किसान अवतार सिंह, जमाल दीन, मोहम्मद आजम, मोहम्मद अफजल, राज कुमार आदि का कहना है कि वैसे तो नियंत्रण रेखा के आस पास रहने वाले हम लोगों का जीवन हमेशा ही परेशानियों भरा रहता है। जिस प्रकार इस बार पाक सेना ने पिछले सात सालों में सबसे अधिक बार युद्धविराम का उल्लंघन कर गोलाबारी की है। उसके कारण किसान की खेतीबाड़ी सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। नियंत्रण रेखा पर पिछले 10-11 महीनों से हल्के हथियारों की गोलाबारी तो दिन रात जारी है। खेतों में खुल कर काम नहीं कर पा रहे हैं। कुछ स्थानों पर जहां हम और हमारे साथ खेतों की जुताई का काम थोड़ा कर चुके हैं, वहां हमें गोलाबारी के कारण बुआई का मौका नहीं मिल रहा है।
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