{"_id":"5a3c0df14f1c1b6a118b96cf","slug":"151388532113-kathua-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनएचएम कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, जम्मू के लिए रवाना हुए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनएचएम कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, जम्मू के लिए रवाना हुए
Updated Fri, 22 Dec 2017 01:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ।
समान काम और समान वेतन के साथ ही नियमित करने की मांग कर रहे एनएचएम कर्मचारियों ने वीरवार को सीएमओ कार्यालय के समक्ष धरना दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने साफ कहा कि वह मांगें पूरा होने तक हड़ताल जारी रखेंगे और किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे प्रदीप सिंह ने कहा कि उनके साथ पूरे जिला के पांच ब्लाकों के कर्मचारी साथ हैं और अपने अपने ब्लाक पर धरना दे रहें हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल इन्हीं दो मांगाें के लिए कमेटी बनाई थी और कमेटी ने माना था कि उनकी मांगें जायज हैं। इसके बाद नियमित करने के लिए योजना बनाई जानी थी और दो महीनों में रिपोर्ट देनी थी। एक साल से तीस बार मीटिंग हो चुकी है। उन्होंने कई बार जरूरी दस्तावेज भी दे दिए हैं, लेकिन सरकार ने नियमित करने को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि बार-बार सरकार से मांग कर वह थक चुके हैं। मजबूर होकर उन्हें धरना-प्रदर्शन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वह भी नियमित डाक्टरों की भांति पूरा कार्य कर रहे हैं तो फिर उन्हें आधा वेतन क्यों।
विज्ञापन
समान काम और समान वेतन के साथ ही नियमित करने की मांग कर रहे एनएचएम कर्मचारियों ने वीरवार को सीएमओ कार्यालय के समक्ष धरना दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने साफ कहा कि वह मांगें पूरा होने तक हड़ताल जारी रखेंगे और किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे प्रदीप सिंह ने कहा कि उनके साथ पूरे जिला के पांच ब्लाकों के कर्मचारी साथ हैं और अपने अपने ब्लाक पर धरना दे रहें हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल इन्हीं दो मांगाें के लिए कमेटी बनाई थी और कमेटी ने माना था कि उनकी मांगें जायज हैं। इसके बाद नियमित करने के लिए योजना बनाई जानी थी और दो महीनों में रिपोर्ट देनी थी। एक साल से तीस बार मीटिंग हो चुकी है। उन्होंने कई बार जरूरी दस्तावेज भी दे दिए हैं, लेकिन सरकार ने नियमित करने को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि बार-बार सरकार से मांग कर वह थक चुके हैं। मजबूर होकर उन्हें धरना-प्रदर्शन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वह भी नियमित डाक्टरों की भांति पूरा कार्य कर रहे हैं तो फिर उन्हें आधा वेतन क्यों।
विज्ञापन