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जम्मू रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण करने गए थे अधिकारी, उसके बाद हुआ ये
Updated Mon, 18 Dec 2017 11:38 AM IST
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- फोटो : Demo Pic.
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जम्मू रिंग रोड के लिए अधिग्रहण की जा रही जमीन को लेकर किसानों में रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों के प्रति गुस्सा बढ़ता जा रहा है। किसानों ने रेवेन्यू अधिकारियों पर उनको धमकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि जबरदस्ती जमीन अधिग्रहण करने की सूरत में वे आत्मदाह का रास्ता भी अपना सकते हैं।
रविवार को छुट्टी होने के बावजूद मढ़ ब्लाक के गांव चक्क जाफर और चन्नूचक्क गांवों में एसडीएम मढ़ के नेतृत्व में तहसीलदार मढ़ और अन्य रेवेन्यू अधिकारियों का दल नेशनल हाईवे अथारिटी के अधिकारियों के साथ पहुंचा और जमीन की निशानदेही का काम शुरू कर दिया।
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इस बात का पता जैसे ही किसानों को चला तो किसानों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। इस बीच किसानों के एक दल के साथ प्रदेश भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र सिंह चिब भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने अधिकारियों की कार्यवाही के विरुद्घ प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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इस मौके पर उन्होंने एसडीएम पर धमकी देने के आरोप भी लगाए। किसान नेता का कहना था कि वह लोग रिंग रोड के निर्माण के विरुद्घ नहीं हैं। वह अपनी जमीनों का उचित मुआवजा चाहते हैं। सरकार को चाहिए कि वह किसानों की जमीनाें का अधिग्रहण करने से पहले उन्हें उचित मुआवजा दे। वे औने-पौने दामों पर अपनी जमीनों को हरगिज नहीं देंगे।