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रिफ्यूजियों को कछुआ चाल से मिल रहा मुआवजा

Fri, 15 Dec 2017 01:21 AM IST
Updated Fri, 15 Dec 2017 01:21 AM IST
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रिफ्यूजियों को कछुआ चाल से मिल रहा मुआवजा
अजय मीनिया
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जम्मू।
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर रिफ्यूजियों को मिलने वाले मुआवजे की प्रक्रिया कछुआ चाल चल रही है। रिफ्यूजियों के लिए केंद्र की ओर से मंजूर किए मुआवजे की कुल राशि में से सिर्फ 308 करोड़ रुपये ही अब तक जारी हुए है। भारत पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन पर बसे गांव कोरोटाना के युवक रोहित चौधरी ने आरटीआई के माध्यम से यह जानकारी जुटाई है।
आरटीआई में जानकारी दी गई है कि प्रत्येक रिफ्यूजी परिवार के लिए 5.5 लाख रुपये की राशि जारी करने के लिए केंद्र ने 2000 करोड़ का पैकेज मंजूर किया है। 1947, 1965 और 1971 के 36, 384 रिफ्यूजी परिवारों के लिए यह पैकेज मंजूर किया गया है। 2 नवंबर 2017 तक सिर्फ 6601 परिवारों को 308 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। रोहित चौधरी ने 27 नवंबर 2017 को आनलाइन आवेदन कर आरटीआई के तहत इसकी जानकारी मांगी थी। रोहित का कहना है कि जिस गति से मुआवजा दिया जा रहा है, इससे लगता है कि अगले दस सालों तक भी सबको मुआवजा नहीं मिल पाएगा।
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मुआवजे में भी भेदभाव
आरटीआई कार्यकर्ता रोहित चौधरी का कहना है कि केंद्र की ओर से भी जम्मू कश्मीर में रहने वाले लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। रोहित ने इससे पहले आरटीआई के जरिए ही जानकारी मांगी थी कि 2014 में बाढ़ से प्रभावित कश्मीर के लोगों को कितना पैकेज मंजूर हुआ और कितना जारी हुआ। इसमें जानकारी दी गई थी कि 1200 करोड़ का पैकेज मंजूर हुआ है और इसमें से 1100 से अधिक करोड़ जारी हो चुके है। रोहित का कहना है कि कश्मीर के लोगों को इसकी जरूरत थी। केंद्र ने जारी किया जो अच्छी बात हैै। लेकिन जो लोग पचास सालों से मुआवजा मांग रहे हैं, उनको सिर्फ अभी नाममात्र ही मुआवजा मिला है।
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