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कई को अस्पताल भी पहुंचा गई दिवाली, आतिशबाजी के हुए शिकार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 20 Oct 2017 11:21 AM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
दिवाली का त्यौंहार जहां खुशियां लेकर आया, वहीं कुछ लोगों के लिए दिवाली परेशानी भी लाई। पटाखे चलाने के दौरान घायल हुए लोगों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला रात भर चला।
दरअसल दिवाली पर जमकर आतिशबाजी की जाती है। आतिशबाजी के दौरान छिपपुट घटनाएं भी देखने को मिलतीहै। राजस्थान की राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल में ही करीब सौ से ज्यादा केस अस्पताल तक पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा केस बर्न के थे। ये सभी आतिशबाजी के दौरान जल गए थे। किसी के हाथ में बम फटा तो कोई अनार का शिकार बना। सवाई मानसिंह अस्पताल में 57 केस बर्न के पहुंचे जो आतिशबाजी के चलते घायल हुए। इसके साथ ही एक केस में एक के आंख में चोट लगी है। वहीं दो केस प्लास्टिक सर्जरी में एडमिट हुए हैं।
आतिशबाजी के साथ ही ज्यादा खाने पीने और मिलावटी खाने के चलते लोग अस्पताल पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग के अभियान के बावजूद मिलावटी खाद्य सामग्री लोगों तक पहुंची। ऐसे में खराब खाना खाने से करीब 47 लोग फूड पॉयजनिंग का शिकार हुए। ये संख्या केवल एसएमएस अस्पताल की है, माना जा रहा है कि शहर में इसका आंकड़ा और भी ज्यादा होगा।
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दरअसल दिवाली पर जमकर आतिशबाजी की जाती है। आतिशबाजी के दौरान छिपपुट घटनाएं भी देखने को मिलतीहै। राजस्थान की राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल में ही करीब सौ से ज्यादा केस अस्पताल तक पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा केस बर्न के थे। ये सभी आतिशबाजी के दौरान जल गए थे। किसी के हाथ में बम फटा तो कोई अनार का शिकार बना। सवाई मानसिंह अस्पताल में 57 केस बर्न के पहुंचे जो आतिशबाजी के चलते घायल हुए। इसके साथ ही एक केस में एक के आंख में चोट लगी है। वहीं दो केस प्लास्टिक सर्जरी में एडमिट हुए हैं।
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आतिशबाजी के साथ ही ज्यादा खाने पीने और मिलावटी खाने के चलते लोग अस्पताल पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग के अभियान के बावजूद मिलावटी खाद्य सामग्री लोगों तक पहुंची। ऐसे में खराब खाना खाने से करीब 47 लोग फूड पॉयजनिंग का शिकार हुए। ये संख्या केवल एसएमएस अस्पताल की है, माना जा रहा है कि शहर में इसका आंकड़ा और भी ज्यादा होगा।
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