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अस्पताल में रात भर पड़ी रही बेसुध महिला,किसी ने नहीं सम्हाला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 16 Jun 2017 05:27 PM IST
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उदयपुर संभाग में राजसमंद जिले के आमेट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बीती रात एक महिला को बेसुध हालत में कोई छोड़ गया। रातभर वहां यह महिला बिना इलाज के पड़ी रही, लेकिन किसी ने उसकी सुध नहीं ली।
मामला, शनि मंदिर महाराज, आमेट निवासी बदामी उर्फ सीमा (37) पत्नी रामलाल सालवी से जुड़ा हुआ है। बादामी को बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे अज्ञात कार चालक यहां आमेट के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में छोड़ गया। तभी से यहां महिला बादामी बेसुध हालत में पड़ी रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उसकी सुध लेने की जहमत नहीं उठाई। अगले दिन शुक्रवार को जब यहां मरीजों की आवाजाही शुरू हुई तो उन्होंने बेसुध पड़ी महिला के बारे में यहां डॉक्टरों को बताया। इसके बाद भी डॉक्टरों ने उसे यहां भर्ती करके उपचार करने की बजाय उसके सिर में लगी चोट का प्राथमिक उपचार करके वहीं छोड़ दिया। इसके बाद कुछ होश में आने पर पुलिस यहां पहुंची। पुलिस ने उसके बारे में जानकारी जुटाकर केवल उसके भाई लक्ष्मण को सूचना दे दी और महिला से संबंधित घटना का पता लगाने की बजाय वहां से चली गई। इसके बाद दोपहर में एक अनजान दंपती अस्पताल पहुंचे और बादामी को अपने साथ ले गए।
इस पूरे प्रकरण को जानकर आप पुलिस और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का अंदाजा लगा सकते हैं कि मामले में ना तो कोई प्रकरण दर्ज किया गया और ना ही अस्पताल प्रशासन ने उसे भर्ती करके उसका उपचार करने की कोशिश की। यहां बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर इस महिला के साथ ऐसा क्या घटित हुआ जो यह अस्पताल तक पहुंच गई और इसके बाद कौन इसे ले गया। ये सवाल अभी भी ज्यों का त्यों खड़ा है। ऐसे में यदि कोई अनहोनी महिला बादामी के साथ होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?
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मामला, शनि मंदिर महाराज, आमेट निवासी बदामी उर्फ सीमा (37) पत्नी रामलाल सालवी से जुड़ा हुआ है। बादामी को बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे अज्ञात कार चालक यहां आमेट के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में छोड़ गया। तभी से यहां महिला बादामी बेसुध हालत में पड़ी रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उसकी सुध लेने की जहमत नहीं उठाई। अगले दिन शुक्रवार को जब यहां मरीजों की आवाजाही शुरू हुई तो उन्होंने बेसुध पड़ी महिला के बारे में यहां डॉक्टरों को बताया। इसके बाद भी डॉक्टरों ने उसे यहां भर्ती करके उपचार करने की बजाय उसके सिर में लगी चोट का प्राथमिक उपचार करके वहीं छोड़ दिया। इसके बाद कुछ होश में आने पर पुलिस यहां पहुंची। पुलिस ने उसके बारे में जानकारी जुटाकर केवल उसके भाई लक्ष्मण को सूचना दे दी और महिला से संबंधित घटना का पता लगाने की बजाय वहां से चली गई। इसके बाद दोपहर में एक अनजान दंपती अस्पताल पहुंचे और बादामी को अपने साथ ले गए।
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इस पूरे प्रकरण को जानकर आप पुलिस और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का अंदाजा लगा सकते हैं कि मामले में ना तो कोई प्रकरण दर्ज किया गया और ना ही अस्पताल प्रशासन ने उसे भर्ती करके उसका उपचार करने की कोशिश की। यहां बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर इस महिला के साथ ऐसा क्या घटित हुआ जो यह अस्पताल तक पहुंच गई और इसके बाद कौन इसे ले गया। ये सवाल अभी भी ज्यों का त्यों खड़ा है। ऐसे में यदि कोई अनहोनी महिला बादामी के साथ होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?
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